हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्रेनी आईपीएस अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी पर एक महिला प्रशिक्षु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी प्रशिक्षु अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की नजर में निर्दोष माना जाएगा।
साधारण परिवार से UPSC तक का सफर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उदय कृष्ण रेड्डी आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के रहने वाले हैं। उनका बचपन काफी संघर्षों में बीता। बताया जाता है कि कम उम्र में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनका पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा उनके दादा-दादी ने संभाली।
पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहे उदय कृष्ण रेड्डी का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में जाने का था। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी शुरू की और वर्ष 2023 की परीक्षा में सफलता हासिल की। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 780 मिली, लेकिन इस रैंक पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) नहीं मिल सकी।
अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा UPSC परीक्षा की तैयारी की। वर्ष 2024 की परीक्षा में उन्होंने 340वीं रैंक हासिल की। इस बेहतर रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित किया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में उन्होंने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण शुरू किया।
प्रशिक्षण के दौरान सामने आया विवाद
सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन इसी दौरान अकादमी में प्रशिक्षण ले रही एक 30 वर्षीय महिला प्रशिक्षु अधिकारी ने स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने ट्रेनी आईपीएस अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी पर कई गंभीर आरोप लगाए।

महिला अधिकारी का आरोप है कि उदय कृष्ण रेड्डी उन्हें पसंद करते थे। हालांकि, मई 2026 में उनकी शादी किसी अन्य व्यक्ति से हो गई। शिकायत के अनुसार, शादी के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे।
9 जुलाई की घटना का आरोप
एफआईआर के अनुसार, 9 जुलाई 2026 की रात महिला प्रशिक्षु अधिकारी अपने कमरे की ओर जा रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान उदय कृष्ण रेड्डी ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें जबरन अपने कमरे में खींच लिया।
महिला अधिकारी का कहना है कि जब उन्होंने विरोध किया और खुद को बचाने का प्रयास किया तो आरोपी ने उनके बाल खींचे, उनके साथ मारपीट की और कथित तौर पर उनके गले पर चाकू रखकर उन्हें डराया-धमकाया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान आरोपी ने कुछ निजी वीडियो बना लिए और बाद में उन्हें महिला अधिकारी के पति को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की।
मेडिकल जांच में क्या सामने आया?
पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज करने के बाद महिला अधिकारी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेडिकल जांच में उनके गाल, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच शुरू की।
हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का अंतिम मूल्यांकन अदालत में सुनवाई के दौरान किया जाएगा। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं माना जा सकता।
पुलिस ने की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बाद त्वरित कार्रवाई की। जांच के प्रारंभिक आधार पर ट्रेनी आईपीएस अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस हिरासत में लिया गया।
जांच एजेंसियां अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। पुलिस डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य उपलब्ध प्रमाणों की भी जांच कर रही है ताकि मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
कानूनी प्रक्रिया जारी
कानून के अनुसार किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जाता, जब तक अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध न कर दे। इसलिए इस मामले में भी अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही लिया जाएगा।
यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो भारतीय कानून के तहत संबंधित धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि आरोप सिद्ध नहीं होते हैं तो आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार राहत मिल सकती है।
प्रशिक्षण संस्थानों में आचरण पर उठे सवाल
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह देश के सबसे प्रतिष्ठित पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में से एक से जुड़ा हुआ है। ऐसे संस्थानों में प्रशिक्षण लेने वाले अधिकारी भविष्य में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हैं। इसलिए उनके आचरण, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को लेकर समाज की अपेक्षाएं काफी अधिक होती हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि प्रशिक्षण संस्थानों में आंतरिक शिकायत तंत्र, महिला सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। हालांकि, इस विशेष मामले में वास्तविक स्थिति का निर्धारण केवल जांच और न्यायालय की सुनवाई के बाद ही हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने और अदालत में सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इस मामले में अंतिम कानूनी परिणाम क्या होगा।
