फीनिक्स, एरिजोना: अमेरिका के एरिजोना राज्य के फीनिक्स में साल 2018 में सामने आया एक मामला आज भी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की सुरक्षा और भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। Hacienda HealthCare में लंबे समय से रह रही एक गंभीर रूप से अक्षम महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था। हैरानी की बात यह थी कि वहां मौजूद स्टाफ को महिला की प्रेग्नेंसी के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। बाद में पुलिस जांच शुरू हुई और DNA टेस्ट के जरिए बच्चे के पिता की पहचान हुई।

हालांकि सोशल मीडिया पर इस घटना को अक्सर “14 साल से कोमा में महिला ने बच्चे को जन्म दिया” कहकर बताया जाता है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। महिला के परिवार ने उस समय स्पष्ट किया था कि वह कोमा में नहीं थीं। वह गंभीर रूप से अक्षम अवस्था में थीं और अपनी देखभाल के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर थीं। रिपोर्टों के मुताबिक वह बचपन में एक घटना के बाद लंबे समय से इस तरह की स्थिति में थीं और Hacienda HealthCare में उनकी देखभाल की जा रही थी।
अचानक महिला ने दिया बच्चे को जन्म
29 दिसंबर 2018 को Hacienda HealthCare के कर्मचारियों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल के कर्मचारियों को कथित तौर पर यह पता ही नहीं था कि महिला गर्भवती है।
महिला की स्थिति ऐसी थी कि वह अपनी जरूरतों को सामान्य तरीके से व्यक्त नहीं कर सकती थीं और उन्हें लगातार देखभाल की आवश्यकता थी। इसलिए उनके गर्भवती होने की जानकारी लंबे समय तक सामने नहीं आ सकी।
जब महिला ने बच्चे को जन्म दिया तो मामला तुरंत गंभीर हो गया। आखिर एक ऐसी महिला, जो खुद अपनी देखभाल करने की स्थिति में नहीं थी, गर्भवती कैसे हुई? सबसे बड़ा सवाल यही था कि उसके साथ आखिर क्या हुआ था।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई और जांच शुरू हुई।
अस्पताल के स्टाफ पर उठे सवाल
बच्चे के जन्म के बाद पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि महिला के संपर्क में कौन-कौन लोग आते थे। Hacienda HealthCare में काम करने वाले पुरुष कर्मचारियों से DNA सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांचकर्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि महिला खुद इस बारे में बयान देने की स्थिति में नहीं थीं। इसलिए पुलिस को वैज्ञानिक साक्ष्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले की तह तक जाना पड़ा।
जांच में उन कर्मचारियों की पहचान की गई, जिन्हें महिला तक पहुंच हासिल थी। इसी दौरान एक नर्स का नाम जांच के केंद्र में आया।
DNA टेस्ट ने खोल दिया राज
जांच के दौरान 36 वर्षीय Nathan Sutherland का DNA सैंपल लिया गया। Sutherland Hacienda HealthCare में Licensed Practical Nurse यानी LPN के तौर पर काम करता था और महिला की देखभाल करने वाले कर्मचारियों में शामिल था।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश के तहत उसका DNA सैंपल लिया। इसके बाद जब इस सैंपल की तुलना बच्चे के DNA से की गई तो दोनों का मैच सामने आया।
DNA रिपोर्ट ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी। पुलिस ने Sutherland को जनवरी 2019 में गिरफ्तार कर लिया। उस पर यौन उत्पीड़न और vulnerable adult abuse के आरोप लगाए गए।
Sutherland ने शुरुआत में आरोपों से इनकार किया था और उसके वकील ने कहा था कि केवल DNA मैच होने के आधार पर मामले को पूरी तरह साबित नहीं माना जा सकता। लेकिन आगे चलकर मामला अदालत तक पहुंचा।
2021 में दोष स्वीकार किया
कई साल तक चले कानूनी घटनाक्रम के बाद सितंबर 2021 में Nathan Sutherland ने महिला के यौन उत्पीड़न और vulnerable adult abuse के आरोपों में दोष स्वीकार कर लिया।
दोष स्वीकार करने के बाद उसे यौन उत्पीड़न के मामले में जेल की सजा सुनाई गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उसे 10 साल की जेल और lifetime probation की सजा मिली।
इस मामले ने Hacienda HealthCare की व्यवस्था और वहां रह रहे गंभीर रूप से अक्षम मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े किए।
किसी को पता तक नहीं चला कि महिला गर्भवती थी
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यही था कि महिला की प्रेग्नेंसी का पता बच्चे के जन्म से पहले नहीं चल पाया।
बाद में परिवार की ओर से उठाए गए सवालों में यह भी सामने आया कि गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कुछ बदलाव दिखाई दे सकते थे। परिवार की ओर से दायर कानूनी कार्रवाई में दावा किया गया कि वजन बढ़ने और पेट में बदलाव जैसे कई संकेतों पर ध्यान नहीं दिया गया।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच और बदलाव की मांग तेज हुई। पुरुष कर्मचारियों द्वारा महिला मरीजों की देखभाल के दौरान अतिरिक्त निगरानी जैसे कदमों पर भी जोर दिया गया।
मामला सिर्फ एक महिला का नहीं, मरीजों की सुरक्षा का सवाल बना
यह घटना सामने आने के बाद पूरे अमेरिका में इस बात पर चर्चा हुई कि ऐसे मरीज, जो बोल नहीं सकते या अपनी परेशानी खुद नहीं बता सकते, उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
अक्षम और लंबे समय से देखभाल पर निर्भर मरीज पूरी तरह स्वास्थ्य संस्थानों और उनके कर्मचारियों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में अगर कोई कर्मचारी उस भरोसे का गलत फायदा उठाता है तो मामला केवल अपराध तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
इस मामले में महिला खुद पुलिस को यह बताने की स्थिति में नहीं थीं कि उनके साथ क्या हुआ। इसलिए DNA जैसे वैज्ञानिक सबूत जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए।
सोशल मीडिया पर क्यों वायरल होती है यह कहानी?
इस घटना की कहानी आज भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावों के साथ साझा की जाती है। कई पोस्ट में महिला को “14 साल से कोमा में” बताया जाता है, जबकि परिवार ने उस समय साफ किया था कि वह कोमा में नहीं थीं। इसलिए इस घटना को शेयर करते समय तथ्यात्मक जानकारी देना जरूरी है।
असल घटना अपने आप में इतनी गंभीर है कि उसे बढ़ा-चढ़ाकर बताने की जरूरत नहीं है। एक गंभीर रूप से अक्षम महिला, जो अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर थी, उसके साथ यौन अपराध हुआ और बाद में उसने बच्चे को जन्म दिया। DNA जांच ने आरोपी तक पुलिस को पहुंचाया और आरोपी ने बाद में अदालत में दोष स्वीकार किया।
