Sunday, July 26, 2026
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पवन सिंह–ज्योति सिंह विवाद: शादी से लेकर तलाक तक, पूरे विवाद की टाइमलाइन और बड़े सवाल

पवन सिंह और ज्योति सिंह विवाद: रिश्ते में दरार कैसे आई? जानिए पूरी कहानी

आप भी मेरी तरह कंफ्यूज होंगे कि आखिर पवन सिंह और ज्योति सिंह के विवाद में सही कौन है? पवन सिंह सही है, ज्योति सिंह सही है या फिर दोनों सही हैं या फिर दोनों ही गलत है? इस वीडियो को आप पूरा देखिएगा क्योंकि इस वीडियो में हम बात करेंगे 2018 में पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी महज एक महीने के अंदर अर्जेंट में क्यों कराई गई? और फिर लगभग 2 साल एक साथ रहने के बाद 2021 में पवन सिंह द्वारा आरा कोर्ट में तलाक की याचिका क्यों दी गई? और 2021 से लेकर 2024 तक दोनों लोग एक दूसरे से दूर रहते हैं। और फिर पवन सिंह लोकसभा चुनाव में ज्योति सिंह को अपने प्रचार के लिए काराकाट बुलाते हैं।

और फिर दोबारा पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच ऐसा कौन सा विवाद होता है कि ज्योति पवन सिंह के लखनऊ के फ्लैट को छोड़कर वापस अपने मायके बलिया चली जाती है। और उसके बाद से जो हो रहा है वो सब आपको पता ही है। इन सभी टॉपिक पर आज हम बात करेंगे और एक-एक बात को समझने की कोशिश करेंगे कि इस पूरे मैटर में आखिर गलती किसकी है। क्या पवन सिंह की गलती है? ज्योति सिंह की गलती है या फिर दोनों की गलती है ही नहीं। दरअसल ये जो पूरा मामला है इस पूरे मामले में गलती अगर किसी की है तो वो है ज्योति सिंह के परिवार वालों की और पवन सिंह के परिवार वालों और उनकी माताजी की। वीडियो को पूरा देखिएगा। पसंद आए तो लाइक कीजिएगा, शेयर कीजिएगा और ऐसी और वीडियो के लिए चैनल को सब्सक्राइब भी कीजिएगा। दरअसल यहां मामला ही कुछ और है। जो हम समझ रहे हैं, जो हमको दिखाया जा रहा है, वह मामला है ही नहीं। आप जब इस वीडियो को पूरा देखेंगे, फिर आपको समझ में आएगा कि पवन सिंह और ज्योति सिंह जो आज इस बुरे दौर से जूझ रहे हैं, जो आज इस कंडीशन में है, उसका पूरा का पूरा जिम्मेदार दोनों के परिवार वाले हैं।

दरअसल 2018 का वो समय था जब ज्योति सिंह की चचेरी बुआ की शादी पवन सिंह के गांव आरा में होती है। आरा से बलिया बारात आती है और उस बारात में आते हैं पवन सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह। और इधर बलिया में अपने चचेरी बुआ की शादी में गई हुई थी ज्योति सिंह जी। पवन सिंह के बड़े भाई को ज्योति सिंह दिखती हैं। वह एक ही नजर में ज्योति सिंह को पवन सिंह के लिए पसंद कर लेते हैं। वो यह बात ज्योति सिंह के पिता रामबाबू जी से कहते हैं कि मुझे आपकी बेटी ज्योति पसंद है और मैं पवन सिंह की शादी ज्योति सिंह से करना चाहता हूं। तो ज्योति सिंह के पिता रामबाबू जी ने उनसे पूछा कि आपके घर में गार्डियन कौन है? उन्होंने अपने गार्जियन के रूप में अपने चाचा अजीत सिंह को बताया। फिर ज्योति के पिता पवन सिंह के चाचा अजीत सिंह के पास जाते हैं। और जब ज्योति और पवन के रिश्ते की बात ज्योति सिंह के पिता अजीत सिंह से कहते हैं तो अजीत सिंह का साफ-साफ कहना था ज्योति पवन सिंह खातिर बनलबाड़ी क्या एक बार खेले गए?

तो इनके चाचा जी कहेंगे कि शायद ज्योति पवन खातिर ही बनलवाड़ी। और अजीत सिंह द्वारा ज्योति सिंह के पिताजी को एक महीने के अंदर शादी करने की बात करते हैं। ज्योति के पिताजी का कहना था कि हम एक महीने में लड़की की शादी कैसे कर लेंगे? क्योंकि एक लड़की की शादी में जो तैयारी होती है उसमें टाइम लगता है। समय लगता है। हमें थोड़ा समय चाहिए। तो रामबाबू जी का कहना है कि अजीत सिंह जी कहते हैं कि कितना पैसा चाहिए आपको। क्या ₹1520 लाख दिलवा दूं? फिर ज्योति सिंह के पिताजी को यह बात चुप जाती है कि अगर यह पैसा देंगे तब हम शादी करेंगे। क्या इतना कमजोर हैं हम? जल्दी अब कर रहे हैं। मेरी कोई तैयारी नहीं है। तो उनके चाचा कहे कि बोला तो 10-15 लाख 20 लाख हम दे देंगे। यही बात हमको चुभ गई। मैंने इतना गिर नहीं तू 10 20 लाख दे तब शादी करो। बतिया छुप गई है। अब मैं थोड़ा फिसल गया। उसके बाद क्या कहा बारात लेकर? तो उस समय ज्योति सिंह के पिता रामबाबू कहते हैं करिए शादी।

एक महीने के अंदर ही करेंगे। आपको जितना बाराती के साथ आना है आप आ सकते हैं। सोचिए पवन सिंह की शादी तय हो रही थी। ज्योति सिंह की शादी तय हो रही थी। लेकिन इस शादी में ना तो पवन सिंह इनवॉल्व थे ना तो ज्योति सिंह इनवॉल्व थे। यह शादी तय कर रहे थे। इधर पवन सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह, पवन सिंह के चाचा अजीत सिंह और इधर से ज्योति सिंह के पिताजी शादी तय हो जाती है। 1 महीने बाद पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी हो जाती है। एक महीने के बीच भी पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच में कोई बात नहीं होती। ना तो पवन सिंह ज्योति सिंह से मिलते हैं ना ज्योति सिंह पवन सिंह से मिलती हैं। दोनों की शादी हो जाती है। लेकिन शादी के अगले ही दिन सुबह पवन सिंह ज्योति सिंह को छोड़ के स्टेज शो करने चले जाते हैं। वो स्टेज शो का बहाना था क्योंकि पवन सिंह ज्योति सिंह की शादी से खुश ही नहीं थे। क्योंकि 2018 से लगभग 2 साल पहले से ही पवन सिंह और अक्षरा सिंह एक दूसरे से प्यार करते थे। और पवन सिंह चाहते थे कि हम अपनी शादी अक्षरा सिंह से करेंगे। लेकिन पवन सिंह के परिवार वालों को पवन सिंह की मां को अक्षरा पसंद ही नहीं थी। पवन सिंह की मां का कहना था कि कोई नचनिया बजिया हमारे घर की बहू नहीं बनेगी और पवन सिंह अपनी मां की बहुत इज्जत करते थे। उनकी बात को वो टाल नहीं सकते थे।

इसीलिए पवन सिंह अक्षरा सिंह से प्यार करने के बावजूद कंप्रोमाइज करते हैं और अपने परिवार वालों की खुशी के लिए ज्योति सिंह से शादी कर लेते हैं। लेकिन शादी करने के बाद भी पवन सिंह का मन दिल अक्षरा सिंह के पास ही था। इसीलिए वह शादी के तुरंत बाद स्टेज शो के बहाने अक्षरा सिंह के पास चले जाते हैं और वह लगभग एक से दो महीने अक्षरा सिंह के पास ही रहते हैं। लेकिन फिर धीरे-धीरे पवन सिंह की शादी हो चुकी थी। अक्षरा सिंह को यह बात पसंद नहीं आ रही थी कि वह किसी शादीशुदा आदमी के साथ एक रखैल बनके रह रही हैं। यह मेरी बात नहीं है बल्कि यह अक्षरा सिंह द्वारा कही गई बातें हैं। फिर अक्षरा सिंह और पवन सिंह में इसी बात को लेके झगड़ा होता है और अक्षरा सिंह पवन सिंह को छोड़ के पवन सिंह से दूर चली जाती हैं। और उस समय अक्षरा सिंह पवन सिंह से दूर होने के बाद मीडिया में पवन सिंह के बारे में कई खुलासे भी की थी।

और इधर पवन सिंह दोबारा अपनी पत्नी के पास चले आते हैं। उनको धीरे-धीरे अपनी पत्नी से लगाव होने लगता है। और लगभग डेढ़ से दो साल तक दोनों के बीच पत्नी ज्योति और पवन सिंह के बीच अच्छा संबंध रहा। दोनों अच्छे से घर में रहते। सब कुछ अच्छा चलता रहा। 2020 का वो दिन था जब पवन सिंह एक शूटिंग पे गए थे और शूटिंग में ज्योति सिंह भी उनके साथ गई थी। तभी पवन सिंह के मोबाइल पर एक वॉइस मैसेज आता है जिसमें ज्योति सिंह का कई लड़कों के साथ अफेयर होने की बात कही गई थी। उस वॉइस मैसेज को जैसे ही पवन सिंह सुनते हैं पवन सिंह का माथा घूम जाता है। और फिर शुरू होती है पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच दूरियां और ज्योति सिंह का कहना है इसके पहले भी हमारे बीच कई बार झगड़े हो चुके थे। वह झगड़े इसलिए हो रहे थे क्योंकि जब ज्योति सिंह प्रेग्नेंट थी तो लगभग दो से तीन बार पवन सिंह अवार्डसन किट खिलाए थे। ऐसा वह कई बार कर चुके थे। इसीलिए ज्योति सिंह पवन सिंह से इस बात को ले विरोध कर रही थी कि मैं अवॉर्डसन किट नहीं खाऊंगी।

और ज्योति सिंह के कहने के मुताबिक इन दोनों के बीच इस बात को लेके इतना झगड़ा होता है कि ज्योति सिंह गुस्से में आके स्लीपिंग पिल्स खा ली थी। वो भी एक दो गोली नहीं बल्कि 20 गोलियां। ज्योति सिंह बताती है कि वो स्लीपिंग पिल्स खाने के बाद मेरी तबीयत बिगड़ जाती है और वहां पर मौजूद पवन सिंह के बड़े भाई रानू सिंह पवन सिंह के दोस्त विक्की सिंह और दीपक सिंह मुझे हॉस्पिटल ले जाते हैं वहां पर मेरा इलाज होता है। जी वो हमारे साथ रहते थे और हमें मतलब जैसे दवा हमेशा खिलाते थे तो उस चीज का भी मैंने विरोध करना चालू किया कि नहीं ऐसे नहीं होगा मैं आपकी पत्नी हूं। कब तक मैं ऐसे जबरदस्ती दवा खा आप खिलाते रहेंगे और मैं खाती रहूंगी। इधर पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर हो रहे झगड़े और उधर पवन सिंह के मोबाइल पर एक वॉइस मैसेज आना जिसमें ज्योति सिंह के चरित्र पर सवाल उठाया गया था। इससे दोनों के बीच धीरे-धीरे दूरियां बढ़ने लगी। उसी बीच ज्योति सिंह पवन सिंह के मुंबई वाले घर से अपने माई के बलिया चली आती हैं। फिर 2020 में ही लॉकडाउन लग जाता है। लॉकडाउन के दौरान पवन सिंह अपनी पत्नी से दूर नहीं रह पाए तो पवन सिंह मुंबई से बलियां अपने ससुराल आ जाते हैं और पूरे लॉकडाउन के दौरान वो अपने ससुराल ज्योति सिंह के पास ही रहते हैं।

पवन सिंह लॉकडाउन के बाद जब वापस मुंबई जाते हैं उसके बाद अक्टूबर 2021 में पवन सिंह आरा कोर्ट में पत्नी से तलाक के लिए अपील कर देते हैं। उसके बाद से पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच बातचीत होना मिलनाजुलना सब कुछ बंद हो जाता है। दोनों लोग मिलते या तो आराक कोर्ट में या बलिया कोर्ट में। क्योंकि जब पवन सिंह आराक कोर्ट में पत्नी से तलाक के लिए अपील करते हैं। उसके बाद ज्योति सिंह अपनी मेंटेनेंस के लिए बलिया कोर्ट में अपील करती हैं। फिर दोनों की मुलाकात सिर्फ कोर्ट में ही होती थी। तभी 2024 का वह समय आया जब पवन सिंह लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारियां करने लगी। उसी बीच पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच धीरे-धीरे फिर नजदीकी आने लगी क्योंकि उस समय ज्योति सिंह पवन सिंह के बारे में कई इंटरव्यू दे चुकी थी। तो उस समय वीना मानवी, पवन सिंह के दोस्त दीपक सिंह और इधर ज्योति सिंह की एक रिपोर्टर फ्रेंड बन चुकी थी। जिनको ज्योति सिंह बड़ी दीदी कहती थी। बबीता मिश्रा। यह तीनों लोग मिलकर ज्योति सिंह और पवन सिंह को मिलाते हैं। दोनों लोग एक दूसरे से मिलते हैं। फिर पवन सिंह अपने WhatsApp की डीपी पर अपनी और ज्योति सिंह की फोटो लगाते हैं और नीचे लिखते हैं जियो मेरी जान। और जैसे ही पवन सिंह अपने मोबाइल की डीपी पर वो फोटो लगाते हैं, यह बात धुएं की तरह फैल जाती है। लोग खुश हो जाते हैं कि पवन सिंह ज्योति सिंह को माफ कर दिए। दोनों साथ आ गए और पवन सिंह और ज्योति सिंह के मिलने से सब कोई खुश था। लोकसभा का चुनाव आता है। पवन सिंह अपनी पत्नी मानकर ज्योति सिंह को अपने स्टेज पर अपने बगल में खड़ा करते हैं और लोगों से आंचल फैलाकर वोट मांगने की बात करते हैं। उसके बाद से ज्योति सिंह लगातार पति के कदम से कदम मिलाकर काराकाट में तपती धूप में लोगों के बीच वोट मांग रही थी।

अपने पति को जिताने के लिए अपील कर रही थी और सब कुछ अच्छा रहा। ज्योति सिंह ने चुनाव प्रचार किया। पवन सिंह ने भी मेहनत की। सबकी मेहनत ने रंग लाई और पवन सिंह महज एक महीने प्रचार करने के बाद कारागार्ड से 2,75,000 वोट मिलता है। लेकिन पवन सिंह चुनाव हार जाते हैं। चुनाव हारने के बाद पवन सिंह अपनी पत्नी को कारागार्ड से लेकर लखनऊ अपने फ्लैट पर आ जाते हैं। सब कुछ अच्छा रहा। 20 से 25 दिन तक दोनों लखनऊ के फ्लैट पर रहते हैं। सब कुछ अच्छा चलता रहता है। लेकिन ज्योति सिंह के कहने के मुताबिक उस फ्लैट पर एक दिन पवन सिंह किसी लड़की को लेकर एक होटल में जाने लगे। वो रोकती है उनको मना करने की कोशिश करती है लेकिन पवन सिंह नहीं मानते। चुनाव था तो पत्नी को बुला के यूज किए। उसके बाद दूसरी लड़की को लेकर होटल गए। जब चुनाव के बाद सब पूछता था ना की चुनाव के बाद मैं क्यों आ गई? अपने घर पे क्यों आ गए? क्योंकि चुनाव के बाद 20 दिन बाद पहुंची हमारे सामने। एक लड़की को लेके होटल गए थे। हम नहीं बर्दाश्त कर सकते थे पत्नी होने के नाते। इसलिए हम चले गए। और उसी दिन ज्योति सिंह लखनऊ के फ्लैट से अपने मायके बलियां चली आती हैं। और फिर दोनों के बीच जो ये दूरियां नजदीकियों में बदली थी वो पूरी तरीके से खत्म हो जाती है और पहले से भी ज्यादा दोनों के बीच दूरियां आने लगी। क्योंकि जब पहली बार 2021 में पवन सिंह आराक कोर्ट में पत्नी के तलाक के लिए अपील किए थे। उस समय पवन सिंह का परिवार और पवन सिंह की मां पवन सिंह के तलाक के फैसले से खुश नहीं थे। क्योंकि पवन सिंह का परिवार चाहता था ज्योति हमारे घर आ जाए। पवन की जिंदगी बस जाए। लेकिन जब ज्योति सिंह पवन सिंह के फ्लैट से दोबारा अपने माई के बलियां जाती हैं। इस वक्त पवन सिंह तो नाराज थे ही। ज्योति के इस फैसले से पवन सिंह की मां भी पवन सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह रानू सिंह भी नाराज हो चुके थे। अब पवन सिंह के साथ-साथ पवन सिंह का पूरा परिवार ज्योति सिंह से नफरत करने लगा और पूरा परिवार ज्योति सिंह के खिलाफ हो गया और इधर ज्योति सिंह लखनऊ के फ्लैट से बलियां आने के बाद काढ़ाकाट क्षेत्र में जाने लगी। लोगों के बीच प्रचार प्रसार करने लगी। लोगों के दुख में उनसे मिलने लगी और मीडिया पर यह बात कहने लगी कि अब वो 2025 बिहार का विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। जब यह बात पवन सिंह तक पहुंची, पवन सिंह के परिवार तक पहुंची तो पवन सिंह को इस बात पर भी ज्योति सिंह से नाराजगी होती है क्योंकि ज्योति सिंह बिना अपने पति से डिस्कस किए हुए विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी थी। जरा सोचिए जहां आप एक तरफ़ा पवन सिंह को गलत समझ रहे हैं वहीं ज्योति सिंह की भी गलती है। क्योंकि जब आपका दोबारा रिश्ता पवन सिंह से अच्छा चल रहा था तो आप पवन सिंह के लखनऊ वाले फ्लैट से उनको छोड़कर अपने मायके बलियां क्यों गई?

इस पर ज्योति सिंह का कहना है कि वो पवन सिंह को एक लड़की के साथ होटल जाते देखी थी। इसीलिए वह पत्नी के तौर पर उसे बर्दाश्त ना कर सकी और वह और वह गुस्से में बलिया अपने मायके चली जाती है। तो अगर पवन सिंह एक नंबर के लड़की बाजी हैं। आपको उनका लड़कियों के साथ रहना पसंद ही नहीं है तो आज आप पवन सिंह के साथ क्यों रहना चाह रही हैं? और अगर आपको उनके लड़कियों के साथ होने से कोई दिक्कत नहीं है। कोई परेशानी नहीं है तो आप उस दिन पवन सिंह को छोड़ के दोबारा बलियां क्यों गई थी? ज्योति की सबसे बड़ी गलती साबित होती है कि ज्योति जो पवन सिंह के फ्लैट से अपने मायके बलियां चली जाती है। उस समय उनको पवन सिंह को छोड़ के बलिया नहीं जाना चाहिए था बल्कि पवन सिंह की मां से इसकी शिकायत करनी चाहिए थी। पवन सिंह के परिवार वालों से इस बात की शिकायत करनी चाहिए थी ना कि पवन सिंह को छोड़ के उनके घर को छोड़ के मायके चला जाना चाहिए था। अब यहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि ज्योति सिंह राजनीति के लिए यह सब कर रही हैं। तो हां यह 100% सही है कि ज्योति सिंह सिर्फ और सिर्फ इस समय राजनीति के लिए ये सब कर रही हैं। लेकिन जो ज्योति सिंह आज राजनीति के लिए पवन सिंह को बदनाम कर रही हैं। पवन सिंह का फायदा उठा रही हैं। सेम यही चीज पवन सिंह 2024 के लोकसभा चुनाव में भी ज्योति सिंह के साथ किए थे। गलती तो दोनों की है। इधर पवन सिंह की भी उधर ज्योति सिंह की भी। अपने लोकसभा चुनाव में औरतों के वोट बटोरने के लिए, लोगों के बीच सिंपथी पाने के लिए, लोगों के बीच सहानुभूति पाने के लिए अपने बगल में मंच पर खड़ा करते हैं। लोगों के बीच आंचल फैलाकर वोट मंगवाते हैं। और सबसे बड़ी बात जिस मांग में ज्योति सिंह ने लगभग 2 साल तक सिंदूर नहीं डाला था, उस मांग में यह उम्मीद के साथ सिंदूर डालते हैं कि अब दोबारा तुम मेरी पत्नी हो और आजीवन तुम्हारा साथ निभाऊंगा। जब पवन सिंह एक लोकसभा के चुनाव के लिए अपनी पत्नी की दोबारा मांग भर सकते हैं तो आज वही ज्योति सिंह अपने फायदे के लिए पवन सिंह का यूज क्यों ना करें। और सबसे बड़ी बात, जो सबसे बड़ा गेम खेल रही हैं ज्योति सिंह जी, आज अगर मेरे पति पवन सिंह जी, मुझे पत्नी के रूप में स्वीकार कर लेते हैं तो मैं कोई भी चुनाव नहीं लडूंगी। इसमें भी ज्योति सिंह बहुत ही माइंड से गेम खेल रही हैं। क्योंकि ज्योति सिंह को पता है कि अगर वह विधानसभा का चुनाव लड़ भी लेती हैं, पवन सिंह सपोर्ट कर भी देते हैं तो शायद उसमें चांस है कि वो हार भी सकती हैं।

लेकिन अगर उनके पति उनको पत्नी के रूप में स्वीकार कर लेते हैं तो वो एक विधायिका से ज्यादा मानसान पाएंगी। पैसा पाएंगी, रुतबा पाएंगी, पावर पाएंगी। यानी ज्योति सिंह का दोनों तरफ फायदा है। चुनाव लड़ती हैं, सिंपथी भी पा गई हैं। और इधर अगर पति पवन सिंह उनको स्वीकार कर लेते हैं तो पैसा, धन दौलत, मान सम्मान सब कुछ दोबारा मिल जाएगा। अब इसमें कुछ लोग यह सोच रहे होंगे कि इसमें सारी गलती ज्योति सिंह की है। किसी को लग रहा होगा कि इसमें सारी गलती पवन सिंह की है। कोई सोच रहा होगा कि दोनों की गलती है। लेकिन पवन सिंह का रिश्ता जो आज खराब हो रहा है जो पवन सिंह अपना रिश्ता सुधार नहीं पा रहे हैं उसमें सबसे बड़ी बात ज्योति सिंह के परिवार वालों की है। पवन सिंह के परिवार वालों की है। क्योंकि पवन सिंह के परिवार वाले बिना पवन सिंह के मर्जी के बिना पवन सिंह के खुशी के ज्योति सिंह से शादी करवाते हैं।

क्योंकि उस समय पवन सिंह अक्षरा सिंह से प्यार करते थे। ना तो पवन सिंह ज्योति सिंह के बारे में कुछ जानते थे, ना ज्योति सिंह के व्यवहार के बारे में जानते थे। ज्योति सिंह कैसी है यह जानते थे। बिना कुछ जाने अपनी मां की खुशी के लिए, अपने परिवार वालों की खुशी के लिए वो चुपचाप ज्योति सिंह से शादी कर लेते हैं। और इधर ज्योति सिंह का वही हाल था। बिना ज्योति सिंह पवन सिंह के पर्सनल लाइफ के बारे में नहीं जानती थी। पवन सिंह के नेचर के बारे में नहीं जानती थी ज्योति सिंह के पिता। लालच में आके कि पवन सिंह एक सुपरस्टार है। मेरी बेटी की जिंदगी बन जाएगी। वह जल्दी-जल्दी में अपनी बेटी की शादी पवन सिंह से करा देते हैं। बाकी आपको क्या लगता है ज्योति सिंह और पवन सिंह के रिश्ते का इतना बुरी तरीके से कचरा होने में किसका हक है? पवन सिंह का, ज्योति सिंह का या दोनों के परिवार वालों का?

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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