27 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे रोशनी ने अपने पति किशोर से कहा कि वह उसके मायके जाकर उसकी बहन को यहां ले आए। रोशनी का कहना था कि बहन कुछ दिनों के लिए उनके पास रहेगी तो घर के कामों में मदद मिल जाएगी और वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकेगी। पति-पत्नी के बीच हुई यह बातचीत बिल्कुल सामान्य थी। किशोर भी अपनी पत्नी की बात मानकर उसी रात अपनी साली को लेने के लिए ससुराल की ओर निकल पड़ा।

किशोर के घर से निकलते समय किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी सामान्य रातों में से एक हो सकती है। रोशनी घर पर रहकर अपनी बहन के लौटने का इंतजार करने लगीं।
समय धीरे-धीरे बीतता गया।
रात के 10 बजे, फिर 11 बजे हो गए, लेकिन किशोर वापस नहीं आया। रोशनी को पहले लगा कि शायद रास्ते में कोई काम आ गया होगा या किसी वजह से देर हो रही होगी। लेकिन जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, उनकी चिंता भी बढ़ने लगी।
आखिरकार रोशनी ने अपने पति को फोन किया।
लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
किशोर का फोन बंद आ रहा था।
यहीं से रोशनी की बेचैनी और बढ़ गई।
साली से फोन पर हुई बात ने बढ़ाई चिंता
जब किशोर का फोन बंद मिला तो रोशनी ने तुरंत अपनी बहन को फोन किया। उन्होंने पूछा कि आखिर वह लोग अभी तक घर क्यों नहीं पहुंचे हैं।
रोशनी को उम्मीद थी कि उनकी बहन बताएगी कि किशोर उन्हें लेकर निकल चुके हैं और जल्द ही घर पहुंचने वाले हैं।
लेकिन बहन के जवाब ने रोशनी को हैरान कर दिया।
बहन ने बताया कि किशोर उनके मायके पहुंचे ही नहीं थे।
यानी किशोर रात 9 बजे घर से अपनी साली को लेने के लिए निकला था, लेकिन वह मायके तक पहुंचा ही नहीं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर किशोर गया कहां?
घर से निकलने के बाद किशोर किस रास्ते से गया? क्या रास्ते में उसके साथ कोई घटना हुई? क्या वह किसी परेशानी में फंस गया? या फिर उसके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसके बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं थी?
इन सवालों ने रोशनी को बुरी तरह परेशान कर दिया।
रात में ही रिश्तेदारों को किए फोन
रोशनी ने समय गंवाए बिना अपने रिश्तेदारों और परिचितों को फोन करना शुरू कर दिया। उन्होंने एक-एक करके सभी से किशोर के बारे में पूछा।
किसी से कोई जानकारी नहीं मिली।
किसी ने कहा कि उन्होंने किशोर को नहीं देखा। किसी को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
इस बीच किशोर का मोबाइल भी लगातार बंद आ रहा था।
रात के उस वक्त परिवार के लिए हर गुजरता मिनट भारी होता जा रहा था। एक तरफ रोशनी को अपने पति की चिंता सता रही थी, वहीं दूसरी तरफ किशोर के परिवार वालों को भी इस बात की जानकारी होने लगी कि वह घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटा है।
सवाल सिर्फ यह नहीं था कि किशोर घर क्यों नहीं आया।
सबसे बड़ा सवाल था कि वह ससुराल तक पहुंचा ही नहीं तो आखिर रास्ते में कहां गायब हो गया?
28 फरवरी की सुबह सामने आया बड़ा सच
रातभर किशोर की तलाश और फोन कॉल के बीच परिवार किसी तरह सुबह होने का इंतजार करता रहा।
लेकिन 28 फरवरी 2026 की सुबह किशोर के परिवार वालों को जो जानकारी मिली, उसने पूरे परिवार को अंदर तक हिला दिया।
जिस किशोर को परिवार रात से तलाश रहा था, उसके साथ आखिर क्या हुआ था—इस सवाल का जवाब अब परिवार के सामने था।
रात 9 बजे पत्नी से बातचीत करने के बाद घर से निकला किशोर आखिर कहां पहुंचा?
वह अपनी साली को लेने मायके क्यों नहीं पहुंचा?
उसका मोबाइल फोन अचानक बंद कैसे हो गया?
और सबसे बड़ा सवाल—किशोर के साथ ऐसा क्या हुआ कि 28 फरवरी की सुबह उसके परिवार को ऐसा सच पता चला जिसने सभी को झकझोर दिया?
इस पूरे मामले ने परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया।
एक सामान्य रात कैसे बन गई रहस्य?
इस घटना की शुरुआत देखने में बिल्कुल सामान्य थी। पत्नी ने पति से बहन को लाने के लिए कहा। पति रात में घर से निकला और ससुराल जाने के लिए रवाना हुआ। लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसका फोन बंद हो गया और वह अपने ससुराल तक पहुंचा ही नहीं।
ऐसी परिस्थितियों में परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है कि लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द तलाश किया जाए। फोन बंद होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि परिवार को यह भी पता नहीं चल पाता कि आखिरी बार व्यक्ति किस जगह था।
किशोर के मामले में भी यही हुआ। रात में ही परिवार और रिश्तेदारों से संपर्क करने की कोशिश शुरू हो गई, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
सुबह सामने आए घटनाक्रम ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
कई सवाल छोड़ गई यह घटना
किशोर के साथ हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर घर से निकलने के बाद वह कहां गया? क्या रास्ते में उसके साथ कोई हादसा हुआ? क्या वह किसी व्यक्ति से मिला था? उसका फोन कब और क्यों बंद हुआ? क्या परिवार को पहले से किसी खतरे की आशंका थी?
इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
फिलहाल इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि 27 फरवरी की रात जिस परिवार में एक सामान्य दिन की तरह बातचीत हो रही थी, उसी रात अचानक किशोर के गायब होने से पूरे परिवार की जिंदगी बदल गई।
रोशनी अपनी बहन का इंतजार कर रही थीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस पति के घर लौटने का वह इंतजार कर रही हैं, उसके बारे में कुछ ही घंटों में ऐसी खबर सामने आने वाली है जो पूरे परिवार को झकझोर देगी।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि किसी व्यक्ति के अचानक संपर्क से बाहर होने की स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी परिस्थिति में तुरंत परिवार, पुलिस और संबंधित लोगों को जानकारी देना और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तलाश शुरू करना बेहद जरूरी होता है।
