Sunday, October 25, 2026
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हैदराबाद अप्सरा हत्याकांड: मुंहबोले मामा ने की थी हत्या, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड से खुला राज

हैदराबाद में अप्सरा की गुमशुदगी से शुरू हुआ था मामला

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में जून 2023 में सामने आया अप्सरा हत्याकांड लंबे समय तक चर्चा में रहा। 30 वर्षीय अप्सरा अचानक लापता हो गई थीं। परिवार ने उनकी तलाश की, लेकिन जब उनका मोबाइल फोन बंद मिला और कोई जानकारी नहीं मिली, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शुरुआत में यह एक सामान्य गुमशुदगी का मामला लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस के सामने कई अहम सुराग सामने आए।

इस मामले में वेंकटा साईं कृष्णा नाम का व्यक्ति जांच के केंद्र में आया। वह अप्सरा के परिवार का करीबी था और उनकी मां अरुणा उसे अपना मुंहबोला भाई मानती थीं। पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मदद से मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

3 जून 2023 को लापता हुई थीं अप्सरा

उपलब्ध मामले के विवरण के अनुसार, अप्सरा 3 जून 2023 को घर से निकली थीं। परिवार को बताया गया कि वह दोस्तों के साथ यात्रा पर जाने वाली हैं। साईं कृष्णा ने बाद में पुलिस को बताया कि वह अप्सरा को शमशाबाद रेलवे स्टेशन छोड़ने गया था, जहां से उन्हें आगे यात्रा करनी थी।

जब अप्सरा से संपर्क नहीं हो पाया और उनका फोन बंद मिला, तो परिवार की चिंता बढ़ने लगी। दो दिन तक कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद 5 जून 2023 को उनकी मां अरुणा और साईं कृष्णा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने आरजीआईए पुलिस स्टेशन पहुंचे।

शुरुआत में पुलिस ने यह संभावना भी देखी कि अप्सरा अपनी मर्जी से कहीं गई होंगी। हालांकि, परिवार के अनुसार उनके घर लौटने या संपर्क करने की कोई सूचना नहीं थी। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ाया गया।

दोस्तों के बयान से पुलिस को हुआ शक

पुलिस ने सबसे पहले उस व्यक्ति से पूछताछ की, जिसने अप्सरा को रेलवे स्टेशन छोड़ने की बात कही थी। साईं कृष्णा ने अपनी शुरुआती पूछताछ में यही बयान दिया कि वह अप्सरा को शमशाबाद छोड़कर आया था।

इसके बाद पुलिस ने अप्सरा के दोस्तों से संपर्क किया। जांच के दौरान दोस्तों की ओर से बताया गया कि उस समय ऐसी किसी यात्रा की योजना नहीं बनी थी। इस जानकारी से पुलिस के सामने सवाल खड़ा हुआ कि यदि यात्रा की योजना नहीं थी, तो अप्सरा को स्टेशन छोड़ने की बात क्यों कही गई।

पुलिस ने अप्सरा और साईं कृष्णा के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, दोनों के बीच काफी बातचीत होती थी। इससे जांचकर्ताओं ने उनके आपसी संबंधों और घटनाक्रम को लेकर अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश की।

CCTV फुटेज ने जांच को दी नई दिशा

मामले में CCTV फुटेज अहम साबित हुई। पुलिस ने अप्सरा के घर से शमशाबाद और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। अधिकारियों ने साईं कृष्णा के बताए घटनाक्रम को कैमरों में दिखाई देने वाली गतिविधियों से मिलाने का प्रयास किया।

जांच के दौरान एक फुटेज में साईं कृष्णा के अकेले दिखाई देने की बात सामने आई। पुलिस ने इस रिकॉर्डिंग और उसके बयानों की तुलना की। जब बताई गई घटनाओं और CCTV से मिले संकेतों के बीच अंतर नजर आया, तो जांचकर्ताओं का संदेह और गहरा हो गया।

इसके बाद पुलिस ने साईं कृष्णा को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया। उसके सामने कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और अप्सरा के दोस्तों के बयान रखे गए। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 9 जून 2023 को पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को उस स्थान के बारे में जानकारी दी, जहां अप्सरा का शव छिपाया गया था।

मंदिर के पीछे से बरामद हुआ शव

9 जून 2023 को पुलिस साईं कृष्णा के बताए स्थान पर पहुंची। यह जगह सारूर नगर क्षेत्र में एक मंदिर के पीछे बताई गई है। पुलिस को वहां एक ड्रेनेज मैनहोल मिला, जिसे मिट्टी और सीमेंट से ढका गया था।

जांच टीम ने उस स्थान की खुदाई कराई। इसके बाद अंदर से अप्सरा का शव बरामद हुआ। पहचान के लिए उनकी मां अरुणा को बुलाया गया। शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने मामले को हत्या के रूप में आगे बढ़ाया।

शव को पोस्टमार्टम और अन्य फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित किया और आरोपी से पूछताछ जारी रखी।

क्या थी हत्या की वजह?

मामले के अभियोजन पक्ष के अनुसार, साईं कृष्णा और अप्सरा के बीच करीबी संबंध विकसित हो गए थे। आरोप था कि अप्सरा को बाद में पता चला कि साईं कृष्णा शादीशुदा है। इसके बाद उनके बीच विवाद बढ़ने की बात सामने आई।

अभियोजन के विवरण के मुताबिक, अप्सरा साईं कृष्णा से शादी करने की मांग कर रही थीं और उसके वैवाहिक जीवन के बारे में दूसरों को बताने की बात भी सामने आई। जांच में इस विवाद को अपराध की संभावित वजह के रूप में पेश किया गया।

हालांकि, किसी आपराधिक मामले में कथित मकसद और आरोपों को अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही परखा जाता है। इसलिए इस घटनाक्रम को अभियोजन के दावों और उपलब्ध मामले के विवरण के संदर्भ में समझना जरूरी है।

पुलिस के अनुसार, इस तरह दिया गया वारदात को अंजाम

उपलब्ध विवरण में पुलिस के सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, 3 और 4 जून 2023 की रात अप्सरा को शमशाबाद क्षेत्र में ले जाया गया। आरोप था कि वहां साईं कृष्णा ने उन पर पत्थर से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।

इसके बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश किए जाने का आरोप लगा। जांच के अनुसार, शव को कुछ समय तक वाहन या अन्य स्थान पर रखने के बाद मंदिर के पीछे स्थित मैनहोल में छिपाया गया और ऊपर से मिट्टी तथा सीमेंट डाल दिया गया।

पुलिस ने इन घटनाओं को CCTV फुटेज, आरोपी के बयानों और अन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर अपनी जांच पूरी की।

आरोपी की गिरफ्तारी और अदालत की कार्रवाई

शव मिलने के बाद पुलिस ने साईं कृष्णा के खिलाफ कार्रवाई की। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उसे 9 जून 2023 को गिरफ्तार किया गया और अगले दिन न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या और धारा 201 के तहत साक्ष्य मिटाने से संबंधित आरोप लगाए गए। इसके बाद अदालत में मुकदमा चला। अभियोजन पक्ष ने मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्य, गवाहों की गवाही और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा।

उपलब्ध स्रोत के अनुसार, 26 मार्च 2025 को ट्रायल कोर्ट ने साईं कृष्णा को दोषी ठहराया। स्रोत में यह भी बताया गया है कि अदालत का फैसला विस्तृत था और उसमें मामले के साक्ष्यों तथा गवाहियों पर चर्चा की गई थी।

जांच में क्या रहा सबसे अहम?

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि पुलिस ने केवल शुरुआती बयान पर भरोसा नहीं किया। जांचकर्ताओं ने CCTV रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, दोस्तों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की तुलना की।

गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने वाला व्यक्ति ही जांच के दौरान संदेह के घेरे में आया। उसके बयानों में सामने आए अंतर और तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस को आगे बढ़ने में मदद की। इसके बाद शव की बरामदगी और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों ने मामले को निर्णायक चरण तक पहुंचाया।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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