Sunday, October 25, 2026
Homeअपराधमंत्रियों-विधायकों ने शादी में किया भांगड़ा, 8 महीने बाद पत्नी पर करोड़ों...

मंत्रियों-विधायकों ने शादी में किया भांगड़ा, 8 महीने बाद पत्नी पर करोड़ों की ठगी के आरोप; खुद को PCS अधिकारी बताने का दावा

धूमधाम से हुई शादी, फिर सामने आया कथित धोखाधड़ी का मामला

पंजाब से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP) के एक नेता ने अपनी पत्नी पर धोखाधड़ी और लाखों रुपये के गहने व नकदी लेकर घर से चले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि शादी के दौरान पंजाब के कई मंत्री, विधायक और राजनीतिक हस्तियां शामिल हुई थीं। समारोह में जमकर भांगड़ा भी हुआ था। लेकिन शादी के करीब आठ महीने बाद मामला कथित धोखाधड़ी और पैसों के विवाद तक पहुंच गया।

यह मामला फतेहगढ़ साहिब जिले के मांडोफल गांव के रहने वाले AAP नेता अमरिंदर सिंह मांडोफल और उनकी पत्नी मनविंदर कौर से जुड़ा बताया जा रहा है। अमरिंदर सिंह पार्टी में संयुक्त सचिव के पद पर होने का दावा करते हैं। उनका आरोप है कि मनविंदर कौर ने खुद को PCS अधिकारी बताया था और अपने नाम पर करीब 40 एकड़ जमीन होने की जानकारी दी थी।

अमरिंदर सिंह के मुताबिक, शादी के बाद उन्हें पत्नी की पहचान और नौकरी को लेकर संदेह हुआ। बाद में उन्हें कथित तौर पर पता चला कि पत्नी न तो PCS अधिकारी हैं और न ही उनके बताए अनुसार जमीन की मालकिन हैं। हालांकि, ये सभी आरोप हैं और इनकी पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से होना बाकी है।

पूर्व सरपंच के जरिए आया था शादी का रिश्ता

मामले के उपलब्ध विवरण के अनुसार, करीब एक साल पहले मांडोफल गांव के पूर्व सरपंच सुरिंदर सिंह राणा ने अमरिंदर सिंह के लिए मनविंदर कौर का रिश्ता सुझाया था। बताया जाता है कि रिश्ता लाते समय मनविंदर को PCS अधिकारी बताया गया था। साथ ही, यह भी दावा किया गया कि उनके नाम पर लगभग 40 एकड़ जमीन है।

अमरिंदर सिंह को यह रिश्ता पसंद आया। उनके अनुसार, मनविंदर की जन्मतिथि वर्ष 1992 बताई गई थी। इन जानकारियों के आधार पर विवाह की बातचीत आगे बढ़ी और दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हो गए।

यदि किसी रिश्ते में नौकरी, संपत्ति या व्यक्तिगत पहचान को लेकर गलत जानकारी दी जाती है, तो इससे विवाह के बाद गंभीर विवाद पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इस मामले में रिश्ता तय कराने वाले लोगों की भूमिका और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के बारे में आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।

10 फरवरी 2026 को हुई भव्य शादी

बताया गया है कि अमरिंदर सिंह मांडोफल और मनविंदर कौर की शादी 10 फरवरी 2026 को धूमधाम से हुई। विवाह समारोह में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह, कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह और कई विधायकों के शामिल होने की बात कही गई है।

शादी समारोह की चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि इसमें राजनीतिक जगत से जुड़े कई लोग पहुंचे थे। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, समारोह में मेहमानों ने भांगड़ा किया और शादी का जश्न मनाया।

उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ महीनों बाद यही शादी कथित धोखाधड़ी के आरोपों और कानूनी विवाद की वजह बन सकती है। हालांकि, शादी में किसी नेता या जनप्रतिनिधि की मौजूदगी अपने आप में इस मामले में उनकी किसी भूमिका का प्रमाण नहीं है।

शादी के बाद पत्नी के व्यवहार पर हुआ संदेह

अमरिंदर सिंह का आरोप है कि शादी के बाद मनविंदर कौर का व्यवहार उन्हें असामान्य लगने लगा था। उनके मुताबिक, पत्नी कभी कार्यालय के काम का हवाला देकर घर से चली जाती थीं, तो कभी रात में मीटिंग होने की बात कहकर बाहर निकलती थीं।

अमरिंदर सिंह के अनुसार, इन परिस्थितियों के कारण उन्हें पत्नी की नौकरी और पहचान पर संदेह होने लगा। उन्होंने कथित तौर पर पत्नी से इस बारे में सवाल भी किए।

हालांकि, किसी व्यक्ति का बार-बार घर से बाहर जाना अपने आप में धोखाधड़ी का प्रमाण नहीं है। इस मामले में वास्तविक स्थिति का पता दस्तावेजों, संबंधित लोगों के बयान और पुलिस की जांच से ही लगाया जा सकता है।

PCS नौकरी से निलंबन की बात कहने का आरोप

अमरिंदर सिंह के मुताबिक, जब मनविंदर कौर को लगा कि उनकी नौकरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं, तो उन्होंने अपने पति से कहा कि उन्हें PCS की नौकरी से निलंबित कर दिया गया है।

बताया जाता है कि अमरिंदर सिंह ने पत्नी से निलंबन पत्र दिखाने को कहा। उनका दावा है कि उन्होंने यह भी कहा कि यदि वास्तव में निलंबन हुआ है, तो वह कानूनी तरीके से मामले में मदद करने की कोशिश करेंगे।

अमरिंदर सिंह के अनुसार, इसके बाद भी उन्हें ऐसा कोई संतोषजनक दस्तावेज नहीं दिखाया गया, जिससे पत्नी के PCS अधिकारी होने की पुष्टि होती। इसी बात ने उनके संदेह को और बढ़ा दिया।

यह इस पूरे मामले का महत्वपूर्ण पहलू है। यदि किसी व्यक्ति ने सरकारी अधिकारी होने का झूठा दावा किया है, तो संबंधित विभाग के रिकॉर्ड, नियुक्ति पत्र, सेवा विवरण और पहचान दस्तावेजों की जांच से सच्चाई स्पष्ट हो सकती है।

27 अगस्त को गहने और नकदी लेकर जाने का आरोप

अमरिंदर सिंह का आरोप है कि 27 अगस्त 2026 को मनविंदर कौर घर से चली गईं। उनके मुताबिक, वह घर से करीब 10 तोला सोना, लगभग एक किलोग्राम चांदी और चार से पांच लाख रुपये नकद लेकर गई थीं।

इस घटना के बाद अमरिंदर सिंह को कथित तौर पर लगा कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने पत्नी की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि गहनों और नकदी की मात्रा, स्वामित्व तथा उन्हें घर से ले जाने की परिस्थितियों की पुष्टि जांच से होनी चाहिए। किसी भी पक्ष के आरोप को अंतिम तथ्य मानने से पहले उपलब्ध सबूतों को देखना जरूरी है।

पहले विवाह और बेटे को लेकर भी किए गए दावे

अमरिंदर सिंह का दावा है कि पत्नी की पिछली जिंदगी के बारे में जानकारी जुटाने पर उन्हें पता चला कि मनविंदर कौर की शादी पहले वर्ष 2007 में हो चुकी थी और उस विवाह से उनका एक बेटा है, जिसकी उम्र करीब 18 वर्ष बताई गई है।

अमरिंदर सिंह ने यह आरोप भी लगाया कि मनविंदर ने अपने पहले पति से तलाक लेने से पहले कथित तौर पर 35 लाख रुपये लिए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मनविंदर न तो PCS अधिकारी हैं और न ही उनके नाम पर बताई गई जमीन का कोई प्रमाण मिला।

इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है। पिछले विवाह, तलाक, बच्चे की उम्र और कथित पैसों के लेनदेन जैसे विषयों पर संबंधित कानूनी दस्तावेजों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

तलाक के बदले 50 लाख रुपये मांगने का आरोप

अमरिंदर सिंह के मुताबिक, उन्होंने मनविंदर कौर से संपर्क कर घर से ले जाए गए गहने और नकदी वापस करने को कहा। उनका दावा है कि इस बातचीत के दौरान मनविंदर ने तलाक के बदले 50 लाख रुपये देने की मांग की।

अमरिंदर सिंह का आरोप है कि उन्हें यह धमकी भी दी गई कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो उनके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया जा सकता है।

इस तरह के आरोप बेहद गंभीर हैं। लेकिन तलाक के लिए पैसे मांगने, धमकी देने या झूठा मामला दर्ज कराने के दावों की पुष्टि बातचीत के रिकॉर्ड, संदेशों, गवाहों और अन्य साक्ष्यों से की जानी चाहिए। दहेज उत्पीड़न की शिकायत को भी केवल किसी एक पक्ष के आरोप के आधार पर झूठा नहीं माना जा सकता।

पुलिस और अदालत तक पहुंचा मामला

अमरिंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने कथित धोखाधड़ी और गहने व नकदी ले जाने के मामले में पुलिस से शिकायत की और अदालत का भी रुख किया।

अब इस मामले में जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि मनविंदर कौर ने अपनी नौकरी और संपत्ति के बारे में क्या जानकारी दी थी, क्या किसी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था, घर से वास्तव में कौन-कौन सी वस्तुएं ले जाई गईं और पैसों की मांग से संबंधित आरोपों के समर्थन में क्या सबूत मौजूद हैं।

साथ ही, विवाह से पहले की गई बातचीत, रिश्ता तय कराने में शामिल लोगों की भूमिका और दोनों पक्षों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल, मामले में सामने आई जानकारी अमरिंदर सिंह के आरोपों पर आधारित है। मनविंदर कौर का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

इस मामले से क्या सीख मिलती है?

यह मामला विवाह से पहले व्यक्तिगत पहचान, नौकरी और संपत्ति से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करने के महत्व को सामने लाता है। सरकारी पद का दावा करने वाले व्यक्ति के बारे में संबंधित विभाग से सत्यापन किया जा सकता है। इसी तरह, संपत्ति के दावों की जांच आधिकारिक रिकॉर्ड से की जा सकती है।

लेकिन किसी भी विवाह विवाद में निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना जरूरी है। सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना उचित नहीं है, जब तक आरोपों की पुष्टि विश्वसनीय साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया से न हो जाए।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments