तेलंगाना में जंगल में मिली अधजली लाश से शुरू हुई जांच
तेलंगाना के सिद्धिपेट जिले में एक महिला की हत्या का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस के सामने कई ऐसे सुराग आए, जिन्होंने जांच की दिशा बदल दी। जंगल में अधजली अवस्था में मिली महिला की पहचान अतिकम विजया के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या और लूट के पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच तेज कर दी।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 8 अगस्त 2026 की रात रमक्का पेट के बाहरी इलाके में कुछ लोगों ने जंगल के पास आग जलती देखी। जब वे मौके के नजदीक पहुंचे तो वहां एक महिला का शव जलता हुआ मिला। बारिश के कारण शव पूरी तरह नहीं जल पाया था। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव की हालत ऐसी थी कि शुरुआत में महिला की पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच में मृतका की उम्र लगभग 45 वर्ष बताई गई।
इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों और रिकॉर्ड की जांच शुरू की। इसी दौरान अतिकम विजया का नाम सामने आया। पहचान की पुष्टि के लिए उनके भाई को बुलाया गया, जिसने शव की पहचान अपनी बहन के रूप में की। इसके साथ ही गुमशुदगी का मामला हत्या की जांच में बदल गया।
CCTV फुटेज में दिखाई दी संदिग्ध मोपेड

महिला की पहचान होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान एक फुटेज में TVS एक्सेल मोपेड दिखाई दी। उस पर एक युवक और एक महिला सवार थे। मोपेड के आगे एक बड़ा बोरा रखा हुआ था।
फुटेज में दोनों को जंगल के अंधेरे वाले हिस्से की ओर जाते हुए देखा गया। रिकॉर्डिंग में यह भी नजर आया कि जंगल के नजदीक पहुंचने पर मोपेड की हेडलाइट बंद कर दी गई। इसके बाद दोनों एक सुनसान जगह पर रुके और बोरे को उठाकर जंगल की ओर ले जाते दिखाई दिए।
पुलिस को संदेह हुआ कि बोरे में शव हो सकता है। हालांकि, केवल इस फुटेज के आधार पर घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं थी। इसलिए जांच टीम ने मोपेड के नंबर और उसके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने पर काम शुरू किया।
दो घंटे से अधिक की टाइमलाइन से मिला सुराग
पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को समय के अनुसार जोड़कर मोपेड की गतिविधियों का पता लगाया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, रात करीब 8:45 बजे मोपेड भूपल्ली के एक रिहायशी इलाके से निकलती दिखाई दी। उसके आगे वही बड़ा बोरा रखा हुआ था।
करीब ढाई घंटे बाद, रात 11:14 बजे, वही मोपेड जंगल की ओर से लौटती दिखाई दी। इस बार उसके आगे बोरा नजर नहीं आया। पुलिस ने इस अंतर को जांच का अहम हिस्सा माना और मोपेड के रास्ते को पीछे की ओर ट्रैक किया।
जांच टीम CCTV रिकॉर्डिंग के जरिए उस स्थान तक पहुंची, जहां मोपेड एक रिहायशी इलाके में बनी किराना और चाय की दुकान के सामने रुकी थी। दूसरी ओर, तकनीकी टीम ने वाहन के पंजीकरण से उसके मालिक की जानकारी जुटाई। उपलब्ध सामग्री के मुताबिक, मोपेड का संबंध 38 वर्षीय रजिता नाम की महिला से सामने आया।
इसके बाद पुलिस ने रजिता की गतिविधियों और मृतका विजया से उसके संपर्क की जांच शुरू की।
मोबाइल रिकॉर्ड और पेट्रोल खरीद की जांच
पुलिस ने विजया और रजिता के मोबाइल फोन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। उपलब्ध विवरण में दावा किया गया है कि दोनों के मोबाइल एक ही समय पर एक ही टावर के कवरेज क्षेत्र में सक्रिय थे। कॉल रिकॉर्ड में यह भी सामने आने की बात कही गई कि गायब होने से पहले विजया की आखिरी बातचीत रजिता से हुई थी।
इसके बाद जांचकर्ताओं ने अन्य CCTV फुटेज भी खंगाले। एक पेट्रोल पंप की रिकॉर्डिंग में रजिता को बड़े कंटेनर में पेट्रोल लेते हुए देखा गया। पुलिस ने इस गतिविधि को मामले के अन्य सुरागों के साथ जोड़कर जांच की।
एक ज्वेलरी दुकान की CCTV रिकॉर्डिंग भी जांच में शामिल की गई। उपलब्ध सामग्री के अनुसार, फुटेज में रजिता गहने देते हुए और बदले में पैसे लेते हुए दिखाई दी। इन घटनाओं, मोबाइल रिकॉर्ड और मोपेड की गतिविधियों को मिलाकर पुलिस ने मामले में अपनी जांच आगे बढ़ाई।
इन सुरागों के आधार पर पुलिस रजिता तक पहुंची और उससे पूछताछ की। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने यह भी बताया कि CCTV फुटेज में दिखाई देने वाला युवक उसका 17 वर्षीय बेटा था। हालांकि, इन बयानों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं है।
पुलिस ने घर से गहने और अन्य सामान बरामद करने का दावा किया
जांच के दौरान पुलिस ने रजिता के घर की तलाशी ली। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तलाशी में लगभग पांच से छह तोले सोना, 53 तोले चांदी, दो मोबाइल फोन और करीब एक लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने शव को जंगल तक ले जाने में इस्तेमाल की गई मोपेड और पेट्रोल रखने वाले कंटेनर को भी जांच के लिए जब्त किया।
इन वस्तुओं को मामले से संबंधित संभावित साक्ष्य के रूप में देखा गया। किसी भी आपराधिक मामले में बरामदगी, तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान की जांच के बाद ही अदालत में आरोपों की पुष्टि होती है।
जांच में पहले की घटनाओं का भी जिक्र
उपलब्ध विवरण में पुलिस जांच के दौरान दो अन्य घटनाओं का भी उल्लेख है। पहली घटना जून 2025 की बताई गई है, जब भूपल्ली क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकली अन्नपूर्णा पर कथित तौर पर हमला किया गया और उनका सोने का मंगलसूत्र लूट लिया गया। बताया गया है कि वह इस हमले में बच गई थीं।
दूसरी घटना मई 2026 की बताई गई है। सामग्री के अनुसार, कुंथा रेखा नाम की महिला की हत्या और उनके गहने लूटने का मामला भी जांच के दौरान सामने आया। आरोप है कि शव को रात के समय मोपेड से ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया था।
इन घटनाओं के बीच संबंध होने का दावा किया गया है, लेकिन प्रत्येक मामले में साक्ष्यों, प्राथमिकी और न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर अलग-अलग पुष्टि जरूरी है। केवल समान तरीके या जांच में सामने आए संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।
पति को निशाना बनाने की कथित साजिश की भी जांच
स्रोत सामग्री में यह भी दावा किया गया है कि रजिता ने अपने पति के नाम पर कथित रूप से बीमा पॉलिसी करवाई थी और उन्हें नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। उनके साथ मारपीट और गंभीर शारीरिक प्रताड़ना किए जाने का भी उल्लेख है।
ये गंभीर आरोप हैं। उपलब्ध सामग्री में इनके समर्थन में स्वतंत्र दस्तावेज या आधिकारिक बयान नहीं दिए गए हैं। इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य के बजाय जांच से जुड़े दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
नाबालिग आरोपी के मामले में कानूनी प्रक्रिया
उपलब्ध विवरण के अनुसार, पुलिस ने रजिता को हत्या और लूट के आरोपों में न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की। उसके 17 वर्षीय बेटे के मामले को किशोर न्याय व्यवस्था के तहत आगे बढ़ाए जाने का उल्लेख भी किया गया है।
नाबालिगों से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाती है। उनकी उम्र, कथित भूमिका, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य परिस्थितियों के आधार पर सक्षम किशोर न्याय बोर्ड मामले पर विचार करता है।
