Sunday, July 26, 2026
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ऑनलाइन गेमिंग की लत ने बना दिया हैवान! आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या में पूर्व हाउस हेल्पर गिरफ्तार

22 अप्रैल 2026 सुबह 6:28 पर दक्षिण दिल्ली के हिल्स कैलाश इलाके की अमर कॉलोनी के एंट्री गेट का यह सीसीटीवी फुटेज एक खौफनाक अपराध के पहले का है। जिसने एक आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की जिंदगी पल भर में छीन ली और अब 8 मिनट बाद यानी 6:36 की सीसीटीवी फुटेज वही लड़का जो येलो शर्ट ब्लैक पट एंड शूज में खड़े होकर दो लोगों से बात कर रहा है।

ये तीसरी सीसीटीवी फुटेज 46 बाद की है। यानी 7:22 की। लड़का वही है बस ड्रेस चेंज है। शर्ट येलो ही है पर पट ब्लैक की जगह वाइट है। शूज की जगह सैंडल है। पीठ पर बैग है। इन तीनों सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा यह लड़का राहुल मीणा है जो राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है। अभी 12th के एग्जाम में 90% मार्क्स से यह पास हुआ है। पढ़ने में होनहार। मोहल्ले के लोगों का कहना था कि आगे चलकर यह कुछ बड़ा बनेगा। लेकिन किसी को यह तनिक भी अंदाजा नहीं था कि यह राहुल महज 19 साल की उम्र में अपनी गंदी लत के चक्कर में इतना खौफनाक कर जाएगा। दरअसल राहुल को ऑनलाइन गेमिंग की लत लग चुकी थी।

घर वाले जब राहुल को कुछ जरूरी सामान ले आने के लिए पैसा देते तो राहुल उन पैसों को ऑनलाइन गेमिंग में लगाकर गेम खेला करता और वो पैसे हार जाया करता था। जिस बात को लेकर राहुल के पिता राहुल को डांटते हैं। जिस बात का बुरा राहुल को इतना लगता है कि राहुल अपने परिवार वालों से नाराज होकर लगभग 10 महीने पहले दिल्ली चला आता है। तभी राहुल को दक्षिण दिल्ली के हिल्स कैलाश के अमर कॉलोनी में एक घर में हाउस हेल्पर की जॉब मिल जाती है। राहुल की जिस घर में जॉब लगती है, वह घर था 1997 बैच के एक आईआरएस अधिकारी का। उनके घर में तीन लोग थे आईआरएस अधिकारी, उनकी पत्नी और उनकी बेटी। 22 वर्षीय बेटी आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर यूपीएससी की तैयारी कर रही थी।

उस घर में पहले से ही दो नौकर और थे और तीसरा था राहुल। राहुल का काम था घर के छोटे-मोटे कामों में हेल्प करवाना और घर की जरूरत के हिसाब से मार्केट से सामान ले आना। कुछ दिनों तक तो राहुल का रवैया ठीक रहा। घर के कामों में हेल्प भी करवाता। बाहर से वह जरूरत के सामान भी ले आता। लेकिन धीरे-धीरे राहुल की आदत बिगड़ती गई। क्योंकि उसको जो उस घर से सैलरी मिल थी वह सारा पैसा ऑनलाइन गेमिंग में हारता जा रहा था। तो उसको जरूरत होती थी पैसों की क्योंकि वह रेगुलर पैसे लगाकर गेम खेल रहा था। तो जब भी उस घर से उसको पैसा मिलता बाहर से कुछ सामान ले आने के लिए तो राहुल दुकान पर जाता सामान तो ले आता लेकिन वो पैसे नहीं देता। आईआरएस अधिकारी का नाम बताकर उधारी करके सामान ले आता। तो एक दिन किसी दुकानदार ने उन अधिकारी साहब को रोक कर बोला साहब पैसों की थोड़ा दिक्कत चल रही है जो बकाया है उसमें से कुछ पैसे दे दीजिए। तो उन्होंने कहा कि आप मुझे क्यों रोक रहे हैं?

मैंने तो आपका कभी उधार किया ही नहीं है। जिस पर वह दुकानदार बताता है कि आपके घर में काम कर रहे राहुल मीणा ने आपका नाम बताकर घर के जरूरतों का सामान ले गया है। जिस पर वो बोलते हैं कि मैंने तो उसको हर बार सामान ले आने के लिए पैसे दिए हैं। फिर उसने उधार क्यों किया? वो बिना आगे कुछ बोले उस दुकानदार को पैसे देकर घर में जाकर राहुल से पूछते हैं कि तुमने उधार क्यों किया? उस बार राहुल बहुत ही सहजता से उनसे कहता कि मुझे कुछ जरूरत थी। इसी वजह से मैंने उधार कर दिया। अपनी गलती मानता है। जिस पर आईआरएस अधिकारी को लगा कि शायद राहुल को पैसों की जरूरत रही हो। इस वजह से राहुल ने ऐसा किया। लेकिन राहुल की यह आदत बढ़ती ही जा रही थी। वो ग्रोसरी शॉप से लेकर सब्जी वाले, दूध वाले हर किसी के दुकान पर उधार करता जा रहा था।

फिर आईआरएस अधिकारी को राहुल की गंदी लत के बारे में पता चलता है कि राहुल वह सारे पैसे ऑनलाइन गेमिंग में लगाता है। जिस बात के लिए वह राहुल को डांटते भी हैं और राहुल को अपने घर की जॉब से निकाल भी देते हैं। राहुल दोबारा राजस्थान के अलवर चला जाता है। कुछ दिन बाद उसका 12th का रिजल्ट आता है जिसमें राहुल ने 90% अंक पाए थे। घर वाले परिवार वाले बहुत खुश होते हैं। राहुल को समझाते भी हैं कि तुम तो पढ़ने में भी बहुत अच्छे हो। बस तुम्हारी एक गंदी आदत है वो है ऑनलाइन गेमिंग की। इसे तुम छोड़ दो। बाकी तुम जो कहोगे हम लोग वह करने के लिए तैयार हैं। राहुल भी कहता है ठीक है। फिर राहुल अपने दोस्त यार सगे संबंधी से कुछ पैसा उधार लेता है और वह पैसे वह ऑनलाइन गेम में लगाता है जिससे वह ₹5 लाख जीतता भी है और यह बात राहुल अपने एक दोस्त विष्णु को बताता है। कहता है कि मैंने तो ऑनलाइन गेमिंग में ₹5 लाख जीते हैं। जिस पर विष्णु कहता है अरे तुम तो बहुत अच्छा खेलते हो। तुमको पता भी है कैसे खेला जाता है। तो विष्णु कहता है यह लो मेरे ₹90,000 यह तुम खेल के मेरा प्रॉफिट करवा दो।

राहुल विष्णु के ₹90,000 लगाता है लेकिन किस्मत खराब रही वो ₹90,000 राहुल हार जाता है। जिस पर विष्णु राहुल से नाराज होते हुए कहता है कि तुम मेरे पैसे वापस करो। तो राहुल के पास उस वक्त ₹5 लाख थे। राहुल उन ₹5 लाखों में से पहले थोड़े-थोड़े पैसे लगाते हुए गेम खेलता रहा। लेकिन उसकी किस्मत उस दिन इतनी खराब रही कि वह अपने भी ₹5 लाख हार जाता है। जिस बात को लेकर विष्णु और राहुल में बहस होती है। तो राहुल कहता है ठीक है मैं एक बार और रिस्क लेता हूं। अपनी मोबाइल ₹10,000 में किसी और को बेचकर वह पैसा भी ऑनलाइन गेमिंग में लगा देता है और वह पैसा भी राहुल हार जाता है। अब राहुल के पास कुछ भी नहीं बचा था। सब कुछ वो ऑनलाइन गेम में हार चुका था। अगले दिन विष्णु को किसी शादी में जाना था। विष्णु राहुल के साथ बाइक पर बैठकर शादी में जाता है। वहां पहुंचकर विष्णु राहुल से कहता है, यह लो तुम बाइक। इस बाइक को घर पर खड़ी कर अपनी भाभी को चाबी दे देना।

राहुल वहां से निकलता है। विष्णु के घर जाता है। वहां बाइक खड़ी करता है। बाइक खड़ी कर विष्णु की पत्नी को चाबी देने जाता है। और वहीं पर राहुल विष्णु की पत्नी के साथ दुष्कर्म करता है। और यह बात है 21 अप्रैल 2026 रात की। वहां से भागकर राहुल उसी बाइक से दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाता है। वहां पहुंचने के बाद राहुल शांत मन से यह सोच रहा था कि विष्णु का ₹90,000 और जो पैसे उसने अपने दोस्त यारों से लेकर गेम में लगाया है उसको वो कैसे देगा? क्योंकि सभी लोग राहुल को फोन कर पैसे मांग रहे थे और राहुल ने अपनी मोबाइल भी बेच दी थी। फिर राहुल के दिमाग में उस आईआरएस अधिकारी का घर याद आता है जिसके घर में राहुल ने पिछले 8 महीने काम किया था। तभी वहां से एक बैन जा रही थी। राहुल उसे रोकता है और संयोग से वह वैन ड्राइवर राहुल को पहचान रहा था। राहुल कहता है तुम मुझे दिल्ली तक छोड़ दो। दोनों लोगों की आपस में बात होती है और फिर राहुल ₹6000 में वो वैन कर दिल्ली पहुंचता है।

फिर राहुल जब अमर कॉलोनी के थोड़ा पहले ही पहुंचता है तो वहीं पर वो वैन ड्राइवर को रुकने को बोलता है और बोलता है यहां थोड़ा आप इंतजार करो। मैं आके आपको पैसा देता हूं। राहुल वहां से निकल जाता है और काफी टाइम इंतजार करने के बाद जब राहुल दोबारा वैन के पास नहीं जाता तो वो वैन वाला वहां से यह सोच के चला जाता है कि राहुल को तो मैं पहचानता ही हूं कभी और पैसा ले लूंगा। फिर राहुल पैदल चलते हुए अमर कॉलोनी के एंट्री गेट पर पहुंचता है और वह समय था सुबह के 6:28 का। आप वीडियो में देख सकते हैं राहुल गेट से एंट्री लेते हुए अंदर आता है। अब यह दूसरी वीडियो सामने आती है जिसमें राहुल 6:36 पर अंदर की तरफ आते हुए दो लोगों से रुक के बात करता है

क्योंकि वहां पर रह रहे सिक्योरिटी गार्ड आसपास के लोग राहुल को पहचानते थे क्योंकि राहुल उसी कॉलोनी में रह के 8 महीने नौकरी की थी। वहां बात करने के बाद राहुल चुपचाप उस आईआरएस अधिकारी के घर के गेट पर पहुंच जाता है। तो वो देखता है कि गेट लॉक है। उसे याद आता है कि जो आईआरएस अधिकारी हैं और उनकी पत्नी और बच्ची के साथ वो सुबह 6:00 बजे जिम जाते हैं और वापस वो 8:00 बजे तक लौट के आते हैं। जब वह जिम जाते हैं तो वह चाबी लेटर बॉक्स में रख के जाते हैं। राहुल चुपचाप उस लेटर बॉक्स से चाबी निकालकर गेट खोलकर अंदर जाता है। लेकिन जब राहुल अंदर जाता है तो वह चौंक जाता है क्योंकि उसे पता था कि घर में कोई नहीं है लेकिन घर में उनकी बेटी मौजूद थी। दरअसल उनकी बेटी यूपीएससी की तैयारी कर रही थी और यह वो पहला दिन था जब वो बेटी अपने माता-पिता के साथ जिम नहीं गई थी। क्योंकि पिता ने सजेस्ट किया था कि तुम सुबह उठकर पढ़ाई किया करो।

सुबह का पढ़ना अच्छा होता है। मूड फ्रेश रहता है। जिम तो तुम शाम में भी चली जाओगी। और यह वो पहला दिन था जिस दिन वो बेटी सुबह के टाइम अपने माता-पिता के साथ जिम नहीं गई थी। जब वो लड़की राहुल को देखती है तो पूछती है तुम यहां क्यों आए हो? जिस पर राहुल और उस लड़की के बीच थोड़ी बहस होती है। बहस इतनी बढ़ जाती है कि राहुल कोई भारी सामान लेता है और उस लड़की के सर पर मारता है जिससे वह बेहोश होकर गिर जाती हैं। तो राहुल को पास में ही एक चार्जर का वायर दिखता है और उसी वायर से राहुल उस लड़की का गला घड़ा। जब वह लड़की पूरी तरीके से बेसुद हो जाती है, राहुल को लगता है कि अब यह कुछ पल की ही मेहमान है, तो राहुल उसी बेहोशी के हालत में उस लड़की का रे पता है। उसके बाद वो जाता है लॉकर के पास। याद आता है कि लॉकर में तो फिंगरप्रिंट लगे हुए हैं और उसे यह भी पता है कि उस लॉकर में तीन लोगों के फिंगरप्रिंट है। मालिक का, उनकी पत्नी का और उनकी बेटी का। उसी बेसुद हालत में राहुल उस लड़की को घसीटते हुए लॉकर तक ले जाता है। उसका फिंगरप्रिंट लगाने की कोशिश करता है। शायद ब्लड सर्कुलेशन सही ना होने की वजह से वो लॉक नहीं खुलता।

तो राहुल किसी और तरीके से लॉकर को तोड़ता है। उस लॉकर में लगभग ढाई से 3 लाख कैश थे। वो वहां से वो कैश लेता है। कुछ ज्वेलरी थे। उस ज्वेलरी को लेता है और पास में ही एक बैग रखा हुआ था। उस बैग में वो सारे ज्वेलरी और कैश रखता है। तब वो देखता है कि उसकी पैंट पर उसके शूज पर कुछ खून के छींटे पड़े हुए हैं। वो अपना पट अपना शूज वहीं निकालता है। अलमारी में रखे अपने ही मालिक के पट को पहनता है और वहां पर रखे एक सैंडल को पहनता है। पीठ पर बैग टांग कर बाहर निकल जाता है। और यह वही सीसीटीवी फुटेज है 7:22 की घर से कैश और ज्वेलरी लेकर बाहर निकल रहा है। क्योंकि पैंट वह पहले ब्लैक पहना हुआ था। पैर में शूज था। लेकिन अब 7:22 वाली इस सीसीटीवी फुटेज में राहुल वाइट पट और सैंडल में है। राहुल वहां से चुपचाप आसानी से बाहर चला जाता है। तभी लगभग 20 से 30 मिनट बाद आईआरएस अधिकारी अपनी पत्नी के साथ गेट पर आते हैं। गेट बाहर से लॉक था। जब लॉक खोलकर वो अंदर जाते हैं तो उनकी चीखें निकल जाती है। उनकी बेटी खून से लथपथ पड़ी हुई थी। वो तुरंत अपनी बेटी को हॉस्पिटल ले जाते हैं। लेकिन डॉक्टर्स ने उनकी बेटी को डेड डिक्लेअ कर दिया।

जिस पर वह मौके पर पुलिस बुलाते हैं। मामला हाई प्रोफाइल था तो फौरन वहां पुलिस पहुंचती है। जांच बहुत तेजी से आगे बढ़ती है। तो आईआरएस अधिकारी अपने घर से लगभग 6:00 बजे के आसपास जिम गए हुए थे और जब वो वापस आए यानी 8:00 बजे इन 2 घंटों के बीच का सीसीटीवी फुटेज देखा गया। तो उसमें यह राहुल दिखता है। जैसे ही यह फोटो आईआरएस अधिकारी को दिखाया जाता है, वो तुरंत इसको पहचान लेते हैं और वो कहते हैं कि अभी डेढ़ महीने पहले इसको मैंने नौकरी से निकाला था और मुझे अब यह पूरा यकीन है किसी ने ही मेरी बेटी को मारा है और इधर राहुल पैदल ही इंट्रीगेट से होते हुए उस सोसाइटी से कुछ दूर तक जाता है। वहां से एक टैक्सी लेकर पालम रेलवे स्टेशन जाता है। वहां पर वह पता करता है कि क्या 10-15 मिनट के अंदर कोई ऐसी ट्रेन है जो राजस्थान होते हुए जाए तो उसे वहां पर पता चलता है कि 1 1/2 घंटे बाद की ट्रेन है। उसे पता था कि अगर मैं यहां ज्यादा टाइम तक रुका तो पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से यहां पहुंच सकती है।

फिर वो फौरन रेलवे स्टेशन से बाहर आता है। टैक्सी पकड़ता है और पहुंच जाता है द्वारका सेक्टर नाइन तक और वहां पर वो एक कैसल मेरे होटल में जाता है। वहां पर रूम बुक करता है और उसके बाद वो बैठ के सोचता है कि अब उसे क्या करना चाहिए क्योंकि उसे पता था कि उसने जो किया है पुलिस उसको ढूंढ ही रही होंगी। उसको समझ में कुछ आता नहीं तो उसके पास जो मोबाइल था उसी मोबाइल पर वो वाई-फाई कनेक्ट करता है। वाई-फाई कनेक्ट करने के बाद गुरुग्राम में रह रहे अपने चाचा के लड़के के पास फोन करता है। मैंने दिल्ली में एक कांड कर दिया है जिसके लिए अब उसके साथ कुछ भी हो सकता है। लेकिन उस कॉल के जरिए राहुल अपने चचेरे भाई से बताता है कि उसके ऊपर जो विष्णु की पत्नी के साथ गलत करने का आरोप लग रहा है उसने वो नहीं किया है। और उसके बाद वह फोन काट देता है और फिर पुलिस राहुल के इसी चचेरे भाई के माध्यम से राहुल तक पहुंचती है। उस होटल में जाकर जब पुलिस पूछती है कि इस होटल में आज कौन-कौन एंट्री लिया है?

तो होटल के एंटर रजिस्टर में राहुल का नाम था रूम नंबर 2001। पुलिस बिल्कुल सादे ड्रेस में थी। आगे से होटल मैनेजर जाते हैं। दरवाजा खटखटाते हैं। राहुल अंदर से दरवाजा खोलता है। पीछे सादे वर्दी में खड़ी पुलिस राहुल को अरेस्ट कर लेती है। वहां से पुलिस राहुल को गिरफ्तार कर थाने ले जाती है और राहुल से कई घंटों तक पूछताछ करती है कि तुमने आखिर ऐसा क्यों किया? पहले तो राहुल इधर-उधर की बातें घुमाता रहा। फिर उसने बताया कि अगर दीदी ने मुझे पैसे दे दिए होते तो इतना बड़ा कांड नहीं होता। सोचिए यह दीदी उसको बोल रहा है जिसके साथ इसने मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दी है और यह कहता है मैं उस घर में सिर्फ पैसे चोरी करने के लिए गया था।

लेकिन जब मैं पैसा चुराने के लिए वहां जाता हूं तो दीदी मुझे देख लेती हैं। मेरी उनसे बहस होती है। जब ज्यादा बात बढ़ती है तो हाथापाही होती है जिससे वह गिर के बेहोश हो जाती हैं। फिर मुझे लगा कि दीदी ने मुझे देख लिया है। वो किसी और को बता देंगी। इसीलिए मैं हड़बड़ाहट में बगल में रखे चार्जर केबल से मैंने उनका गला घोड़ दिया। मेरा कोई इरादा नहीं था कि मैं दीदी के साथ ऐसा कुछ भी करूं। लेकिन सोचने वाली बात है कि महज 19 साल का 12वीं में पढ़ रहा यह राहुल कितना ज्यादा शातिर दिमाग का है कि यह उस लड़की को मारता ही नहीं है बल्कि उस लड़की के उसी बेहोशी के हालत में उसका दुश्म भी करता है। और वो भी 2 दिन के अंदर इसने दो जगह ऐसा किया। बाकी इस पूरी घटना पर आपकी क्या राय है? एक महज 19 साल के लड़के के दिमाग पर उस गेमिंग एप का और चुटकियों में अमीर बनने का नशा इस कदर चढ़ा था कि उसके चक्कर में इससे इतना बड़ा अपराध हो गया।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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