उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक तीन वर्षीय मासूम बच्चे की मौत को पहले सामान्य घटना माना गया, लेकिन करीब एक महीने बाद सामने आई सच्चाई ने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। मामले में पुलिस ने बच्चे की मां को गिरफ्तार कर लिया और आगे की जांच शुरू कर दी।
छह साल पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, कृष्ण मुरारी की शादी लगभग छह वर्ष पहले रुचि गुप्ता से हुई थी। दोनों का परिवार सामान्य तरीके से चल रहा था। कृष्ण मुरारी मेडिकल स्टोर चलाते थे, जबकि रुचि गृहिणी थीं। दंपति के दो बच्चे थे—एक पांच साल की बेटी और तीन साल का बेटा राघव।
परिवार बाहर से पूरी तरह खुशहाल दिखाई देता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि इस परिवार के भीतर ऐसी त्रासदी छिपी हुई है।
28 जून को हुई बच्चे की मौत
28 जून की सुबह कृष्ण मुरारी रोज की तरह अपने मेडिकल स्टोर के लिए निकल गए। घर पर रुचि दोनों बच्चों के साथ थी। दोपहर में घर का काम खत्म करने के बाद वह बच्चों के साथ सो गई।
कुछ देर बाद जब रुचि की नींद खुली तो उसने चाय बनाने के लिए रसोई का रुख किया। इस बीच बेटी जाग गई, लेकिन तीन वर्षीय राघव सोता रहा। शुरुआत में रुचि को लगा कि बच्चा गहरी नींद में है, लेकिन काफी देर तक नहीं उठने पर उसने उसे जगाने की कोशिश की।

जब राघव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो उसने अपने पति कृष्ण मुरारी को फोन कर घर बुलाया। कृष्ण मुरारी तुरंत घर पहुंचे और बेटे को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने माना प्राकृतिक मौत
बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में था। सभी ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना मान लिया। अंतिम संस्कार कर दिया गया और परिवार किसी तरह इस दुख से उबरने की कोशिश करने लगा।
लेकिन यह मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ।
एक महीने बाद बदला पूरा मामला
करीब एक महीने बाद कृष्ण मुरारी अचानक मेडिकल स्टोर से घर लौटे। घर पहुंचने पर उन्होंने अपनी पत्नी रुचि को किसी से फोन पर बात करते हुए सुना।
कथित तौर पर बातचीत के दौरान रुचि कह रही थी कि उसने अपने प्रेमी के लिए अपने बेटे तक की कुर्बानी दे दी।
यह सुनते ही कृष्ण मुरारी के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने पूरी बातचीत ध्यान से सुनी और बाद में यह बात अपने छोटे भाई को बताई।
पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
27 जुलाई 2026 को कृष्ण मुरारी के छोटे भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने करीब एक महीने पहले दफनाए गए राघव के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि बच्चे की मौत सामान्य नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी मौत गला दबाने के कारण हुई थी।
रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने रुचि को पूछताछ के लिए बुलाया।
पूछताछ में कबूल किया अपराध
शुरुआत में रुचि ने सभी आरोपों से इनकार किया। उसने पुलिस से कहा कि राघव उसका सबसे प्यारा बेटा था और वह ऐसा कभी नहीं कर सकती।
हालांकि, पुलिस की लगातार पूछताछ के बाद उसने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में रुचि ने बताया कि शादी से पहले वह अपने गांव के रहने वाले रोहित सिंह से प्रेम करती थी। परिवार को इस रिश्ते की जानकारी होने के बाद उसकी शादी कृष्ण मुरारी से कर दी गई।
शादी के बाद भी वह कथित रूप से रोहित के संपर्क में रही और दोनों के बीच बातचीत जारी रही।
घटना वाले दिन क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, रुचि ने बताया कि 28 जून की दोपहर वह अपने प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी। उसी दौरान उसका बेटा राघव बार-बार उसके पास आकर उसे परेशान कर रहा था।
उसने पहले बच्चे को चुप कराने की कोशिश की, लेकिन जब बच्चा नहीं माना तो कथित रूप से गुस्से में उसने उसका गला दबा दिया।
इसके बाद बच्चे की मौत हो गई।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
समाज के लिए गंभीर सवाल
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पारिवारिक रिश्तों में विश्वास, बच्चों की सुरक्षा और वैवाहिक जीवन में उत्पन्न विवादों के प्रभाव जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं।
हालांकि, इस मामले में सभी आरोप पुलिस जांच और कथित स्वीकारोक्ति पर आधारित हैं। अंतिम निर्णय अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही किया जाएगा।
