27 फरवरी 2026 की रात 9:00 बजे रोशनी अपने पति किशोर सारथी से कहती है मेरे मायके जाकर मेरी बहन को यहां ले आओ वो मेरे साथ रहेगी तो मैं आसानी से पढ़ाई कर लूंगी क्योंकि वो मेरा कामों में हेल्प कर दिया करेगी। किशोर को लगा कि पत्नी सही कह रही है। इसीलिए वह रात के 9:00 बजे ही अपनी साली को लेने के लिए ससुराल चले जाते हैं। लेकिन रात के 11:00 बजने के बाद जब किशोर वापस नहीं लौटते तो रोशनी को किशोर की चिंता होने लगती है। वो किशोर को फोन करती हैं लेकिन किशोर का फोन ऑफ आता है। रोशनी अपनी बहन को फोन कर पूछती हैं कि आखिर किशोर का फोन स्विच ऑफ आ रहा है।

तुम लोग हो कहां? इतना वक्त क्यों लग रहा है? अब तक तो तुम लोगों को यहां पहुंच जाना चाहिए था। जिस पर रोशनी की बहन कहती है, यहां तो जीजा आए ही नहीं, तो मैं वहां कैसे आऊं? जैसे ही यह बात रोशनी सुनती है, रोशनी को चिंता होने लगती है अपने पति किशोर की कि किशोर अगर वहां गए नहीं तो गए कहां? रोशनी एक-एक कर सभी रिलेटिव्स को फोन करती हैं और किशोर के बारे में पूछती हैं। लेकिन किशोर का कुछ भी पता नहीं चलता।
28 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 8:00 बजे किशोर के परिवार वालों को जो सच पता चला वो सच उनको अंदर तक जगझोर के रख दिया। आज की सच्ची घटना है अनपढ़ पति के प्रेम और उनके साथ हुए छल की। छत्तीसगढ़ से लगभग 30 कि.मी. दूर छत्तीसगढ़ की ही राजधानी रायपुर के खरौरा थाना क्षेत्र के खसेरा गांव के रहने वाले 27 वर्षीय किशोर की शादी ग्राम बिठिया की रहने वाली 25 वर्षीय रोशनी से होती है।
रोशनी जब शादी करके अपने ससुराल आती है तो उनको पता चलता है कि उनके पति किशोर पढ़े लिखे नहीं है। यानी वो मेहनत मजदूरी करके ही घर का खर्च चलाते हैं। और रोशनी पढ़ी लिखी थी और वहां आने के बाद जब यह बात उनको पता चलती है तो वह अपने पति किशोर से कहती हैं कि मैं अपनी आगे की पढ़ाई करना चाहती हूं। किशोर को इस बात की बड़ी खुशी होती है कि उनकी पत्नी आगे पढ़ाई करेंगी। किशोर को लगा कि अगर मेरी पत्नी पढ़ेंगी तो होने वाले मेरे बच्चे भी अच्छे से शिक्षित हो सकेंगे।

सब कुछ ठीक चल रहा था। रोशनी घर पर पढ़ाई करती और किशोर दिन भर बाहर निकलकर मेहनत मजदूरी करता। रोशनी को घर के काम के साथ-साथ पढ़ने में दिक्कत हो रही थी। इस वजह से 27 फरवरी 2026 की रात लगभग 9:00 बजे जब किशोर काम से वापस लौटते हैं, दोनों पति-पत्नी एक साथ खाना खाते हैं और पत्नी किशोर से कहती हैं कि अगर तुम चाहो तो मैं अपनी बहन से बात की हूं। वो मेरे कामों में हेल्प कर दिया करेगी जिससे मेरी पढ़ाई अच्छे से हो पाएगी। किशोर को लगा पत्नी रोशनी सही कह रही है
वह तुरंत रात के 9:00 बजे ही अपनी पत्नी के कहने पर अपने ससुराल चला जाता है अपनी साली को ले आने। लेकिन काफी वक्त बीतने के बाद जब किशोर वापस घर नहीं लौटता तो पत्नी रोशनी को चिंता सताने लगती है। वो अपनी बहन को फोन करती है और पूछती है कि तुम्हारे जीजा का फोन स्विच ऑफ आ रहा है। आखिर तुम लोग अभी तक घर क्यों नहीं आए? जिस पर रोशनी की बहन कहती है जीजा तो यहां आए ही नहीं तो मैं वहां कैसे आऊं? रोशनी जैसे ही यह बात सुनती है, उसको और ज्यादा चिंता होने लगती है। वो रात को ही अपने सभी रिलेटिव्स को एक-एक कर किशोर के बारे में पूछती है, लेकिन किशोर का कुछ भी पता नहीं चलता। रात बीतती है, सुबह हो जाती है, लेकिन किशोर का ना तो फोन ऑन होता है और ना ही किशोर का कुछ पता चलता है।
जैसे ही 28 फरवरी 2026 की सुबह होती है, रोशनी यह बात अपने ससुराल वालों को बताती है कि रात में किशोर मेरे मायके गया हुआ था मेरी बहन को ले आने लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चल रहा है। ना तो किशोर का फोन लग रहा है ना ही किशोर मेरे मायके पहुंचा। जिस पर किशोर के परिवार वाले भी अब परेशान होने लगते हैं कि उनका बेटा आखिर गया कहां? वो भी फोन करते हैं लेकिन किशोर का फोन तब भी बंद आता है और इधर खसेरा गांव के बगल के ही माठ गांव में सागोन वाटिका के पास एक डेड बॉडी संदिग्ध हालत में मिलती है।
आसपास के लोग जब वो डेड बॉडी को देखते हैं तो फौरन पुलिस को सूचना देते हैं। मौके पर पुलिस पहुंचती है लेकिन उस डेड बॉडी की पहचान नहीं हो पाती। तभी वहां पर जा रहे सभी लोग रुक-रुक कर उस डेड बॉडी को देखने लगते हैं। तभी एक राहगीर उस डेड बॉडी को पहचान लेता है और वो कहता है अरे यह तो बगल के ही खसेरा गांव के रहने वाले किशोर हैं। जब यह बात पुलिस वालों को पता चलती है, तो पुलिस वाले फौरन यह जानकारी किशोर के परिवार वालों को देते हैं। जैसे ही यह बात किशोर की पत्नी रोशनी और किशोर के बड़े भाई भागवत सारथी को पता चलती है, वह फौरन उस जगह पर पहुंचते हैं जहां पर किशोर की डेड बॉडी पड़ी हुई जैसे ही रोशनी अपने पति किशोर की डेड बॉडी को देखती है, वह फूट-फूट के रोने लगती है।
रोशनी को रोता देख वहां खड़े सभी लोगों की आंखें नम हो जाती है। एक बार देखने से यही लग रहा था कि किशोर का किसी बड़ी गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ है। लेकिन यह बात किशोर के बड़े भाई भागवत सारथी मानने को तैयार ही नहीं थे। उनका कहना था कि अगर यह एक एक्सीडेंट है तो किशोर का मोबाइल रात के 11:00 बजे से ही ऑफ क्यों है। पुलिस वाले किशोर के बड़े भाई भागवत सारथी से कहते हैं कि यह महज एक एक्सीडेंट है। आपके भाई का इतना दुखद निधन हुआ है जिस वजह से आपको ऐसा लग रहा है। लेकिन किशोर के बड़े भाई भागवत सारथी कहते हैं कि अगर यह एक एक्सीडेंट है तो मेरे भाई की मोबाइल रात के 11:00 बजे से ही ऑफ क्यों है? पुलिस वाले कहते हैं शायद एक्सीडेंट होने की वजह से मोबाइल कहीं आसपास दूर जाकर गिरा हो जिस वजह से मोबाइल स्विच ऑफ हो गया हो।
तो किशोर के बड़े भाई भागवत दूसरी बात अपनी रखते हैं और कहते हैं कि अगर यह एक एक्सीडेंट है तो मेरे भाई की डेड बॉडी को घसीटा क्यों गया? क्योंकि मेरे भाई के बॉडी पर घसीटने के निशान है। जिस पर पुलिस वाले भागवत से कहते हैं कि क्या तुमको किसी के ऊपर डाउट है? तो भागवत कहते हैं नहीं। मुझे किसी के ऊपर शक नहीं है। लेकिन मुझे यह पूरा भरोसा है कि अगर आप लोग अच्छे से जांच करेंगे तो मेरे भाई का कातिल पकड़ा जाएगा और भागवत के कहने से पुलिस वाले एफआईआर दर्ज करते हैं। किशोर की डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हैं और एक जांच टीम बनाते हैं। वह सबसे पहले किशोर के फोन नंबर की कॉल डिटेल निकालते हैं। कॉल डिटेल निकालने के बाद पुलिस को कोई ऐसा संदिग्ध नंबर नहीं मिलता जिस पर उनको डाउट हो सके। उसके बाद पुलिस वाले किशोर की पत्नी रोशनी का कॉल डिटेल निकालते हैं।

जब रोशनी की कॉल डिटेल निकाली जाती है तो तो पुलिस वालों के सामने एक ऐसा नंबर आता है जिस पर रोशनी पिछले एक साल से दिन में लगभग 10 से 15 बार फोन पर बात किया करती थी और सबसे आश्चर्य की बात थी कि वो नंबर किशोर का नहीं था। वो किसी दूसरे का नंबर था जिससे रोशनी लगातार एक सालों से कंटिन्यू बात किए जा रही थी। पुलिस वालों को रोशनी के ऊपर डाउट होता है। लेकिन वह रोशनी को बिना कुछ बताए पुलिस स्टेशन बुलाते हैं एक नॉर्मल सी पूछताछ के लिए। पुलिस वाले रोशनी से पूछते हैं, आपको क्या लगता है? क्या आपके पति का एक्सीडेंट हुआ या फिर उनके साथ कोई साजिश हुई? जिस पर रोशनी कहती है, “मुझे तो यह एक एक्सीडेंट लगता है।” पुलिस वालों को रोशनी की यह बात सुनकर बड़ा ही आश्चर्य लगता है क्योंकि एक तरफ किशोर का भाई इसे एक्सीडेंट मानने को तैयार ही नहीं था और वहीं दूसरी तरफ पत्नी रोशनी इसे एक नॉर्मल सा एक्सीडेंट बता रही थी। फिर पुलिस वाले रोशनी से थोड़ा कड़ाई से पूछताछ करते हैं। वह रोशनी के नंबर की वो कॉल डिटेल सामने रखते हैं और उस नंबर के बारे में पूछते हैं कि आखिर यह नंबर किसका है जिससे तुम पिछले एक सालों से बात कर रही हो?
पहले तो रोशनी पुलिस वालों को बहकाने की कोशिश करती है। लेकिन जब पुलिस वाले रोशनी को धमकाते हुए यह कहते हैं कि अगर तुम शराफत से बता दोगी तो ठीक है। वरना पुलिस वालों को सच निकलवाना बहुत अच्छे से आता है। जिस पर रोशनी पूरी तरीके से घबराकर सारा सच बता देती है। वो कहती है यह नंबर लीलेस का है। पुलिस पूछती है यह लीलेस कौन है?
उसके बाद जो रोशनी ने सच बताया वो सुन पुलिस वाले भी चौंक जाते हैं क्योंकि यह खूबसूरत से दिखने वाली भोलीभाली रोशनी को देख के कोई यह अंदाजा नहीं लगा सकता था कि रोशनी ऐसा कर भी सकती है। रोशनी बताती है कि आज से एक साल पहले वह अपने मायके गई हुई थी। वहीं पर पड़ोस के लीलेश से उसकी दोस्ती होती है। पहले तो यह लोग एक दूसरे से दोस्त बनकर बात किया करते थे। लेकिन धीरे-धीरे कब मुझे लीलेश से प्यार हो गया मुझे पता ही नहीं चला। फिर मैं और लीलेश एक दूसरे से चोरी-छुपे मिला भी करते हैं। फिर रोशनी बताती है कि मैं शादीशुदा होने के बाद भी लीलेश के साथ अमर्यादित संबंध में भी रहती हूं। रोशनी और लीलेश एक दूसरे से इतना ज्यादा प्यार करने लगते हैं कि वह एक दूसरे से दूर ही नहीं रह पा रहे थे। और इधर रोशनी के पति किशोर को अब रोशनी का वह बदला हुआ चेहरा साफ दिख रहा था। वह अपने पत्नी का बदला हुआ व्यवहार देखकर समझ गया कि कुछ ना कुछ तो बात जरूर है। वह बिना रोशनी से कुछ बताए रोशनी के बारे में पता करने लगता है। रोशनी का फोन चेक करने लगता है। रोशनी कब और कहां जा रही है इस पर भी किशोर नजर रखने लगता है।
तब जाके किशोर को नीलेश के बारे में पता चलता है कि रोशनी का लीलेश के साथ गलत संबंध है। जैसे ही किशोर को यह बात पता चलती है, वह रोशनी को आराम से बैठ के समझाता है। किशोर कहता है रोशनी मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं और आगे चलके हमारी जिंदगी और ज्यादा अच्छे से बीतेगी। मैं तुमको मेहनत मजदूरी करके पढ़ा रहा हूं। जैसे ही तुमको नौकरी मिल जाएगी हम अच्छा जीवन भी जिएंगे। इस वजह से जो तुम कर रही हो वह बहुत ज्यादा गलत है। उसको करना छोड़ दो। रोशनी उल्टा ही अपने पति किशोर से झगड़ा करने लगती है और वह कहती है जैसा तुम समझ रहे हो वैसा कुछ नहीं है। लेकिन किशोर अपनी आंखों से वह सब जान चुका था जो रोशनी उससे छिपा रही थी।
किशोर को लगा यह नादानी में यह सब कर रही है। धीरे-धीरे यह सब कुछ छोड़ देगी। यही किशोर की सबसे बड़ी गलती थी। अब रोशनी और किशोर के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। किशोर जब भी अपनी पत्नी रोशनी को समझाता, उल्टा रोशनी किशोर से झगड़ा करने लगती। किशोर तब भी बुरा नहीं मानता। वह सोचता कि अभी यह नादानी बस यह सब कर रही है। धीरे-धीरे सब कुछ छोड़ देगी। लेकिन अब रोशनी और लीलेश एक दूसरे के इतना ज्यादा करीब आ चुके थे। उन दोनों के बीच ऐसे संबंध बन चुके थे कि रोशनी और लीलेश एक दूसरे से दूर होने को तैयार ही नहीं थे। रोशनी लीलेश से एक दिन कहती है कि यह मेरा पति किशोर मुझे बहुत ज्यादा डिस्टर्ब करता है। यह मेरे ऊपर दबाव बनाता है कि तुम लीलेश से बात करना बंद कर दो जो कि मैं करने वाली नहीं हूं। मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं और मुझे अपने प्यार के लिए पति किशोर को भी रास्ते से हटाना पड़ेगा तो मैं हटा दूंगी। जिस पर लीलेश कहता है हां तुम ठीक कह रही हो। रोज-रोज के किचकि से अच्छा है एक दिन मैं तुम्हारे पति को ही रास्ते से हटा दूंगी। जिस पर रोशनी और लीलेश एक प्लान बनाते हैं और इस पूरे प्लान में लीलेश अपने दो दोस्तों को शामिल करता है
अजय और देवेंद्र को। 27 फरवरी को पूरे प्लान के तहत रोशनी अपने पति से पूरे दिन बहुत ही ज्यादा प्यार से बात करती है। वह जब काम पर चला जाता है तो रोशनी कई बार अपने पति से फोन कर मोहब्बत भरी बातें भी करती है। जिससे उसके पति किशोर को रोशनी के ऊपर कोई शक ना हो। किशोर को अपने पत्नी द्वारा किए गए ऐसे व्यवहार से बहुत ही ज्यादा खुशी मिलती है। वह खुश होता है कि शायद रोशनी को अब समझ आ गया। वह शाम को जल्दी ही घर आ जाता है और रोशनी के साथ बैठकर रात का खाना खाता है। तभी रात के 9:00 बजे रोशनी अपने पति किशोर से कहती है कि मुझे पढ़ाई करने में दिक्कत होती है। मैं काम के साथ-साथ पढ़ाई नहीं कर पाती। तो मैं चाहती हूं कि तुम मेरी बहन को लेकर यहां आओ जिससे वह मेरे कामों में हेल्प कर दिया करेगी और मैं अच्छे से पढ़ाई कर लूंगी। और जैसे ही किशोर अपनी साली को लेने ससुराल जाता है, वैसे ही रोशनी लीलेश को फोन कर सारा अपडेट दे देती है कि किशोर अब घर से निकल चुका है और इधर लीलेश एक भाड़े पर थार ले आया था और उस थार में तीन लोग थे।
लीलेश, अजय और देवेंद्र आगे-आगे किशोर जा रहा था और पीछे-पीछे अपने दो दोस्तों के साथ थार से पीछा कर रहा था। वह इंतजार कर रहे थे एक सुनसान स्थान का और जैसे ही किशोर माठ गांव के सागोन वाटिका के पास पहुंचता है पीछे से लीलेश थार से उसकी बाइक पर एक जोरदार टक्कर मार देता है जिससे किशोर मौके पर ही बेसुद हालत में गिर जाता है। लीलेश अपनी थार से निकलता है। वह देखता है अभी किशोर की सासे चल रही है। वो किशोर के पास से उसकी मोबाइल लेता है। फोन स्विच ऑफ करता है और किशोर को खींचते हुए एक किनारे ले जाकर रख देता है और वह अब समझ चुका था कि यह किशोर की सासे बस कुछ पल भर की है और वह वहां से वापस जाता है। जो थार उसने भाड़े पर ली थी उसको वापस करता है और घर पहुंच जाता है और वह रोशनी को फोन कर बताता है काम बहुत ही सफाई से हुआ है। चाहकर भी कोई पता नहीं कर पाएगा।
लेकिन किसी अपराधी द्वारा की गई एक छोटी सी गलती ही उसको सलाखों के पीछे पहुंचाती है और यही हुआ लीलेस के साथ भी। लीलेस का किशोर की मोबाइल लेकर स्विच ऑफ करना और उसकी डेड बॉडी को खींचते हुए दूसरी तरफ ले जाना। यही सबसे बड़ी कमी रही जिससे लिलेश पकड़ा गया। हमारा काम है आपको उन करीबियों से परिचित कराना जो आपके साथ रह के ही ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। बाकी इस पूरी घटना पर आपकी क्या राय है? प्लीज कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर रखिएगा।
