बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आया एक मामला इन दिनों चर्चा में है। मामला दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में तैनात BDO मनोज कुमार, उनकी पत्नी अमृता कुमारी और बेगूसराय में तैनात महिला ASI अनु कुमारी से जुड़ा है। अमृता की संदिग्ध मौत के बाद शुरू हुई पुलिस जांच में कथित प्रेम संबंध, दहेज प्रताड़ना, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज जैसे कई पहलू सामने आए हैं। पुलिस ने मनोज कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है, जबकि ASI अनु कुमारी को भी गिरफ्तार किया गया था और बाद में अदालत से उन्हें पीआर बॉन्ड पर रिहा किया गया।

शादी के बाद सामने आई रिश्ते की कहानी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमृता कुमारी और मनोज कुमार की शादी दिसंबर 2022 में हुई थी। मनोज उस समय सरकारी सेवा में थे और बाद में दरभंगा के जाले प्रखंड में BDO के पद पर तैनात हुए। शुरुआत में परिवार और रिश्तेदारों के बीच यह शादी सामान्य वैवाहिक जीवन की तरह चलती दिखाई दी।
लेकिन पुलिस जांच के दौरान एक ऐसे पुराने रिश्ते की जानकारी सामने आई, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। जांच के मुताबिक मनोज कुमार की पहचान मुजफ्फरपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अनु कुमारी से हुई थी। दोनों के बीच काफी पुराना संपर्क होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। अनु बाद में बिहार पुलिस में ASI बनीं और बेगूसराय में तैनात थीं।
पत्नी को पति की चैट से हुआ शक
रिपोर्टों के अनुसार शादी के बाद भी मनोज और अनु के बीच संपर्क बना रहा। अमृता को जब पति के मोबाइल पर अनु के साथ बातचीत की जानकारी मिली तो उन्हें इस रिश्ते पर शक हुआ। परिवार की शिकायत और पुलिस जांच में दावा किया गया कि अमृता को धीरे-धीरे दोनों के पुराने संबंध के बारे में जानकारी मिलने लगी थी।
मामले की जांच में मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और लोकेशन जैसे डिजिटल साक्ष्यों को भी शामिल किया गया। पुलिस ने दोनों से आमने-सामने पूछताछ की और कथित तौर पर तकनीकी सबूतों के आधार पर उनके संबंधों की पड़ताल की।
अमृता की मौत के बाद बढ़ा विवाद
3 जुलाई 2026 को अमृता कुमारी की मौत हो गई। उनके परिवार ने इसे सामान्य मौत नहीं माना और पति मनोज कुमार समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। परिवार की ओर से दहेज मांग और कथित प्रेम संबंध को लेकर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए।
रिपोर्टों के अनुसार अमृता के भाई राजकुमार ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को दहेज और मनोज- अनु के कथित संबंधों का विरोध करने के कारण प्रताड़ित किया जाता था। शिकायत में जहर देकर हत्या करने का आरोप भी लगाया गया। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होगी।
पटना जाने की बात पर भी पुलिस ने की जांच
अमृता की मौत वाले दिन मनोज कुमार की मौजूदगी को लेकर भी पुलिस ने जांच की। रिपोर्टों के मुताबिक मनोज ने पुलिस को बताया कि वह ट्रेनिंग के सिलसिले में पटना गए थे। पुलिस ने इस दावे की जांच की और उनके मोबाइल डेटा, लोकेशन तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि अमृता की मौत वाले दिन मनोज और अनु के पटना में मौजूद होने की बात जांच में सामने आई। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। इसी दौरान अमृता को वीडियो कॉल किए जाने की जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है।
CCTV फुटेज ने बढ़ाई मुश्किल
इस पूरे मामले में CCTV फुटेज को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, सामने आए एक वीडियो/CCTV फुटेज में अमृता के साथ कथित तौर पर मारपीट होती दिखाई देती है। पुलिस ने इसी तरह के साक्ष्यों के आधार पर मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ाया।
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को ऐसा वीडियो साक्ष्य मिला था जिसमें अमृता के साथ मारपीट होती दिखाई देने का दावा किया गया। इस साक्ष्य के बाद BDO मनोज कुमार और ASI अनु कुमारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
क्या था मनोज और अनु का रिश्ता?
पुलिस जांच में मनोज और अनु की पहचान प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान होने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार दोनों के बीच पुराना संपर्क था और शादी के बाद भी दोनों संपर्क में रहे। दिलचस्प बात यह भी बताई गई है कि अमृता और अनु एक-दूसरे को कॉलेज के समय से जानती थीं। यानी जिस महिला का नाम बाद में अमृता के पति के साथ कथित प्रेम संबंध में सामने आया, वह अमृता की परिचित भी थीं।
यही वजह है कि अमृता की मौत के बाद यह मामला सिर्फ कथित विवाहेतर संबंध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस जांच में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और मौत की परिस्थितियों से जुड़े गंभीर सवाल भी जुड़ गए।
दहेज का एंगल भी जांच के घेरे में
अमृता के परिवार ने मनोज कुमार पर 10 लाख रुपये दहेज की मांग से जुड़ा आरोप भी लगाया है। पुलिस ने इस शिकायत को जांच का हिस्सा बनाया है। हालांकि यह आरोप अदालत में साबित होना बाकी है। किसी भी आरोपी को दोषी तब तक नहीं माना जा सकता, जब तक अदालत में आरोप सिद्ध न हो जाएं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि अगर किसी व्यक्ति का शादी से पहले कोई रिश्ता था और वह रिश्ता शादी के बाद भी जारी रहा, तो क्या उसकी कीमत एक परिवार को अपनी जिंदगी से चुकानी पड़ सकती है? हालांकि इस मामले में अमृता की मौत का वास्तविक कारण और उसमें किसकी क्या भूमिका थी, इसका अंतिम फैसला जांच और अदालत की प्रक्रिया से ही होगा।
फिलहाल BDO मनोज कुमार न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस मामले में डिजिटल साक्ष्यों, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन तथा अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। ASI अनु कुमारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था और अदालत से उन्हें पीआर बॉन्ड पर रिहाई मिली।
