Friday, September 11, 2026
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हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने निकले थे चार दोस्त, रास्ते में हुआ कार हादसा; पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला पूरा राज

सासाराम (बिहार)। बिहार के रोहतास जिले के सासाराम में सामने आया एक मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। नेशनल हाईवे-19 पर हुए एक कार हादसे ने कथित तौर पर ऐसी सच्चाई उजागर कर दी, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। शुरुआती तौर पर यह मामला सिर्फ एक सड़क दुर्घटना का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने इसे एक कथित हत्या के मामले में बदल दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे महज संयोग बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे ईश्वर का न्याय कह रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में ऐसा कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तेज रफ्तार कार हुई दुर्घटनाग्रस्त

जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई 2026 की मध्य रात्रि में एक सफेद Swift Dzire कार सासाराम के पास नेशनल हाईवे-19 पर तेज रफ्तार से जा रही थी। कार में चार युवक सवार थे, जिनमें संजीव, अथर्व, रंजीत और अभिषेक कुमार शामिल थे।

कुछ दूरी आगे बढ़ने के बाद चालक का कार से नियंत्रण हट गया और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

तीन को मामूली चोट, एक की जा चुकी थी जान

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के दौरान पाया कि संजीव, अथर्व और रंजीत को मामूली चोटें आई थीं और उनकी हालत खतरे से बाहर थी। लेकिन चौथे युवक अभिषेक कुमार को मृत घोषित कर दिया गया।

सबसे हैरानी की बात यह थी कि अभिषेक के शरीर पर गंभीर बाहरी चोटों के निशान नहीं थे। इससे डॉक्टरों को संदेह हुआ कि उसकी मौत केवल सड़क हादसे से नहीं हुई होगी।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

डॉक्टरों ने जब अभिषेक के शरीर की बारीकी से जांच की तो कान के पास एक संदिग्ध घाव दिखाई दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।

इसी बीच अस्पताल में भर्ती तीनों अन्य युवक मौका देखकर वहां से फरार हो गए। उनके अचानक गायब होने से पुलिस का शक और गहरा गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा

कुछ समय बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में बताया गया कि अभिषेक की मौत गोली लगने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने सड़क हादसे की जांच को हत्या के एंगल से आगे बढ़ाना शुरू किया।

पुलिस ने तीनों फरार युवकों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान अथर्व पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जबकि संजीव और रंजीत फरार बताए गए।

पूछताछ में सामने आई नई कहानी

पुलिस पूछताछ में अथर्व ने कथित तौर पर कई अहम जानकारियां दीं। उसके अनुसार, इस पूरे मामले में केवल वह अकेला नहीं था, बल्कि संजीव और रंजीत भी शामिल थे।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि अभिषेक कुमार बीएससी नर्सिंग का छात्र था। उसका रंजीत के साथ पहले से एक कार को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा अभिषेक और रंजीत की बहन के बीच दोस्ती भी थी।

दोस्ती पर था रंजीत को ऐतराज

जांच में सामने आए कथित बयान के अनुसार, रंजीत को अपनी बहन और अभिषेक की बातचीत पसंद नहीं थी। उसने कई बार दोनों को बातचीत बंद करने के लिए कहा था।

अभिषेक का कहना था कि उनके बीच केवल दोस्ती थी और कोई गलत संबंध नहीं था। लेकिन पुलिस के अनुसार, इसी बात को लेकर रंजीत के मन में नाराजगी बढ़ती गई।

मिलने के बहाने बुलाया गया

पुलिस जांच के मुताबिक, रंजीत ने संजीव और अथर्व के साथ मिलकर अभिषेक को मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि मुलाकात के दौरान अभिषेक को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

इसके बाद तीनों ने कथित रूप से शव को कार में रखा और सुनसान इलाके में ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उनका उद्देश्य कथित तौर पर घटना को छिपाना था।

हादसे ने खोल दिया पूरा मामला

पुलिस के अनुसार, शव को ले जाते समय उनकी कार नेशनल हाईवे-19 पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसी हादसे के कारण पुलिस मौके पर पहुंची और मामला सामान्य सड़क दुर्घटना से आगे बढ़कर संदिग्ध बन गया।

यदि कार दुर्घटनाग्रस्त नहीं होती, तो संभव है कि जांच की दिशा कुछ और होती। हालांकि, यह केवल परिस्थितियों को लेकर की जाने वाली सामान्य चर्चा है। मामले के सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग राय व्यक्त की। कई लोगों का कहना है कि यह केवल एक संयोग था, जिसने कथित अपराध का खुलासा कर दिया।

वहीं कुछ लोग इसे ईश्वर का न्याय बताते हुए कह रहे हैं कि गलत काम करने वालों से सच ज्यादा समय तक छिप नहीं सकता। हालांकि, यह लोगों की व्यक्तिगत राय है और इसका किसी आधिकारिक जांच से संबंध नहीं है।

पुलिस कर रही है आगे की जांच

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि किसी भी अपराध को छिपाने की कोशिश अंततः कानून की पकड़ से बच नहीं पाती। वहीं दूसरी ओर, जब तक अदालत किसी आरोपी को दोषी घोषित नहीं करती, तब तक सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन माने जाते हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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