सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक ऐसी घटना का वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसे देखकर करोड़ों लोगों ने एक ही सवाल पूछा—क्या एक iPhone के लिए कोई बेटा अपने माता-पिता की जान ले सकता है? वायरल वीडियो और शुरुआती चर्चाओं में कहानी कुछ ऐसी सामने आई कि कुणाल ने iPhone की मांग पूरी न होने पर अपने माता-पिता को पहाड़ी से गिरा दिया। लेकिन अब सामने आ रही पूरी कहानी इस घटना को बिल्कुल अलग नजरिए से देखने पर मजबूर करती है।

बताया जा रहा है कि इस घटना के पीछे iPhone की वजह नहीं, बल्कि एक टूटते हुए परिवार को दोबारा जोड़ने की कुणाल की कोशिश थी। घटनाक्रम इतना दर्दनाक रहा कि आखिर में कुणाल, उसके पिता और उसकी मां—तीनों की मौत हो गई।
करीब 22 साल पहले हुई थी मुरलीधर और संगीता की शादी
जानकारी के मुताबिक, करीब 22 साल पहले मुरलीधर और संगीता ने प्रेम विवाह किया था। हालांकि, यह शादी मुरलीधर के परिवार को कभी पूरी तरह स्वीकार नहीं हुई। परिवार में उनके माता-पिता और बहन इस रिश्ते से खुश नहीं थे।
शादी के करीब तीन साल बाद उनके घर बेटे कुणाल का जन्म हुआ। बताया जाता है कि कुणाल बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार था। उसने हिमालय पब्लिक स्कूल से दसवीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया और स्कूल के टॉपर विद्यार्थियों की सूची में भी उसका नाम शामिल था।
कुणाल का सपना डॉक्टर बनने का था। इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने NEET की तैयारी शुरू की और एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लेकर नियमित रूप से पढ़ाई कर रहा था।
पिता और दादा-दादी से जुड़ाव
कहानी में एक अहम मोड़ उस समय आया, जब करीब तीन महीने पहले कुणाल की बुआ के बेटे की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद कुणाल के पिता मुरलीधर अपनी बहन के घर गए।
इसी दौरान उनकी बहन ने उन्हें अपने बूढ़े माता-पिता की स्थिति के बारे में समझाया। बताया गया कि उन्होंने अपने भाई से कहा कि माता-पिता अब काफी बुजुर्ग हो चुके हैं और उन्हें बेटे के सहारे की जरूरत है।
पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, अपने माता-पिता की उम्र और उनकी स्थिति देखकर मुरलीधर भावुक हो गए। वह वहीं रुक गए और अपने माता-पिता की सेवा करने लगे। यहां तक कि वह अपने हाथों से खाना बनाकर उन्हें खिलाते थे।
लेकिन इसी बीच मुरलीधर और उनकी पत्नी संगीता के रिश्ते में भी दूरी बढ़ती चली गई।
तीन महीने तक पिता से दूर रहा कुणाल
बताया जाता है कि मुरलीधर गांव में अपने माता-पिता के साथ रहने लगे, जबकि संगीता और कुणाल अलग रहने लगे। जब मुरलीधर गांव से वापस आते, तब भी वह अलग जगह पर रहते थे।
यह स्थिति कुणाल के लिए बेहद परेशान करने वाली थी। वह चाहता था कि उसके पिता और मां फिर से साथ रहें।
कुणाल अपने पिता को फोन करके बार-बार कहता था कि “पापा, आपके बिना मेरा मन नहीं लगता। आप वापस आ जाइए। मुझे आपका और मां दोनों का प्यार एक साथ चाहिए।”
मुरलीधर उसे समझाते थे कि कुछ परेशानी चल रही है और वह जल्द वापस आ जाएंगे। लेकिन समय बीतता गया और करीब तीन महीने गुजर गए।
कुणाल की बेचैनी बढ़ती गई। उसने अपनी मौसी से भी फोन पर पिता की याद आने की बात कही थी।
21 अगस्त की सुबह क्या हुआ?
21 अगस्त 2026 की सुबह कुणाल रोज की तरह NEET की कोचिंग के लिए घर से निकला। लेकिन करीब 10:30 बजे कोचिंग संस्थान से उसकी मां को फोन आया कि कुणाल आज कोचिंग में नहीं पहुंचा है।
इसके करीब एक घंटे बाद कुणाल के एक दोस्त ने उसकी मां को फोन करके बताया कि कुणाल ने मैसेज किया है कि वह 30 गांव की पहाड़ियों की तरफ जा रहा है।
यह सुनकर परिवार में हड़कंप मच गया।
मां को पहले से अंदाजा था कि माता-पिता के अलग रहने की वजह से कुणाल मानसिक रूप से बेहद परेशान था। इसके बाद कुणाल के पिता मुरलीधर को भी इसकी जानकारी दी गई और दोनों पहाड़ी की ओर पहुंचे।
पहाड़ी पर बेटे को बचाने पहुंचे माता-पिता
बताया जा रहा है कि जब माता-पिता पहाड़ी पर पहुंचे तो कुणाल सबसे ऊंचे और किनारे वाले हिस्से में खड़ा था।
कुणाल का मकसद अपने माता-पिता को नुकसान पहुंचाना नहीं था। वह उनसे कथित तौर पर सिर्फ एक वादा चाहता था—उसके माता-पिता फिर से एक साथ रहें और तीनों एक परिवार की तरह साथ रहें।
यानी जिस घटना को सोशल मीडिया पर iPhone के विवाद से जोड़कर देखा जा रहा था, उसके पीछे सामने आ रही कहानी एक ऐसे बेटे की है जो अपने परिवार को टूटने से बचाना चाहता था।
एक कोशिश और बदल गई तीन जिंदगियां
इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
बताया जाता है कि मुरलीधर अपने बेटे को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर खींचने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और पिता-पुत्र दोनों खाई में जा गिरे।
सामने खड़ी संगीता ने अपनी आंखों के सामने पति और बेटे को खाई में गिरते देखा। वह इस सदमे को सहन नहीं कर पाईं और कथित तौर पर वह भी उसी खाई में चली गईं।
इस तरह एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
iPhone वाली कहानी पर उठे सवाल
इस घटना ने सोशल मीडिया पर चलने वाली अधूरी जानकारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी भी वायरल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना बेहद आसान होता है, लेकिन वास्तविक घटना कई बार उससे बिल्कुल अलग होती है।
कुणाल के मामले में भी शुरुआत में यह धारणा बन गई कि उसने iPhone के लिए अपने माता-पिता को पहाड़ी से गिराया। लेकिन पुलिस से जुड़ी जानकारी और सामने आए घटनाक्रम के अनुसार कहानी का केंद्र परिवार का विवाद और माता-पिता के अलग रहने से परेशान कुणाल की भावनाएं थीं।
हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक जांच और पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट से ही मानी जानी चाहिए।
एक बेटे की आखिरी इच्छा
कुणाल की आखिरी इच्छा क्या थी, यह घटना का सबसे भावुक पहलू है।
वह कथित तौर पर अपने माता-पिता से पैसा, महंगा मोबाइल या कोई बड़ी चीज नहीं मांग रहा था। वह सिर्फ चाहता था कि उसके मां और पिता फिर से एक साथ रहें और उसे दोनों का प्यार मिले।
विडंबना यह है कि जिस परिवार को वह जीते जी एक साथ देखना चाहता था, वह परिवार अंत में हमेशा के लिए एक साथ चला गया।
