30 जून 2017 का दिन निहारिका और मनीष के लिए बेहद खास था। एक तरफ निहारिका लाल जोड़े में दुल्हन बनी बैठी थीं, तो दूसरी तरफ मनीष शेरवानी पहनकर अपनी होने वाली पत्नी को निहार रहे थे। बताया जाता है कि दोनों की शादी परिवार की सहमति हासिल करने के लिए काफी जद्दोजहद के बाद हुई थी। शादी के बाद दोनों ने नई जिंदगी की शुरुआत की और शुरुआती वर्षों में उनका वैवाहिक जीवन सामान्य और खुशहाल बताया गया।

निहारिका शादी के बाद अपने ससुराल में पति और सास-ससुर का पूरा ख्याल रखती थीं। सुबह पति के लिए नाश्ता तैयार करना, उनका टिफिन बनाना और घर के बुजुर्गों की देखभाल करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। निहारिका के इस व्यवहार से मनीष के माता-पिता भी बेहद खुश रहते थे।
साल 2020 में इस परिवार में एक और खुशी आई, जब निहारिका ने एक बेटे को जन्म दिया। परिवार ने बच्चे का नाम शिवांश रखा और दादा-दादी उसे प्यार से विष्णु कहकर बुलाते थे। मनीष के पिता कानपुर में कपूर के बड़े कारोबारी बताए जाते हैं। परिवार आर्थिक रूप से संपन्न था और मनीष के पिता अपने बेटे, बहू और पोते को खुश रखने की हर संभव कोशिश करते थे।
यानी बाहर से देखने पर परिवार में किसी चीज की कमी नहीं थी। लेकिन बताया जा रहा है कि साल 2023 के आसपास इस रिश्ते में धीरे-धीरे दूरियां बढ़ने लगीं।
पत्नी के व्यवहार में आया बदलाव
मनीष ने महसूस किया कि निहारिका अब पहले जैसी नहीं रहीं। वह धीरे-धीरे उनसे दूरी बनाने लगी थीं। एक दिन मनीष अचानक दोपहर के समय घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि निहारिका एक कोने में खड़ी होकर फोन पर किसी से बात कर रही थीं। बातचीत के दौरान उनके चेहरे पर ऐसी खुशी दिखाई दे रही थी, जिसे मनीष ने काफी समय से महसूस नहीं किया था।
मनीष ने पूछा कि किसका फोन है और इतनी खुशी किस बात की है? लेकिन निहारिका अचानक शांत हो गईं। उन्होंने फोन काट दिया और चुपचाप कमरे में चली गईं।
मनीष ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने पूछा कि आखिर वह उनसे नाराज क्यों हैं और उनके बीच इतनी दूरी क्यों बढ़ रही है। लेकिन आरोप है कि निहारिका ने इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इसके बाद मनीष के मन में शक पैदा होने लगा। जब वह ऑफिस से पत्नी को फोन करते तो कई बार उनका फोन व्यस्त मिलता। इसी के बाद मनीष ने कथित तौर पर पत्नी के मोबाइल पर नजर रखना शुरू कर दिया।
एक नंबर से दिन में दर्जनों कॉल
कुछ समय तक मोबाइल में ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे मनीष को किसी बाहरी रिश्ते का पक्का अंदाजा हो। लेकिन कथित तौर पर एक दिन उन्हें एक ऐसा नंबर मिला, जिससे निहारिका दिन में कई-कई बार बात करती थीं।
मनीष को शक हुआ कि आखिर यह नंबर किसका है। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर पत्नी की बातचीत रिकॉर्ड करने की कोशिश की। बाद में सामने आई जानकारी के मुताबिक, बातचीत से उन्हें पता चला कि निहारिका की सोशल मीडिया के जरिए एक व्यक्ति से दोस्ती हुई थी और धीरे-धीरे यह संपर्क कथित रूप से रिश्ते में बदल गया।
पति-पत्नी के बीच इस मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ने लगा। दोनों के बीच आए दिन बहस होने लगी। एक तरफ मनीष को पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क का शक था, तो दूसरी तरफ उनके रिश्ते में पहले से चली आ रही दूरियां और बढ़ती चली गईं।
5 जून 2026 को हुआ कथित हमला
फिर आया 5 जून 2026 का दिन। दोपहर के समय मनीष अपने काम से घर लौटे। बताया जाता है कि उस समय निहारिका फोन पर उसी व्यक्ति से बात कर रही थीं, जिसके नंबर पर वह पहले भी काफी समय तक बातचीत करती थीं।
मनीष ने कथित तौर पर पूछा कि फोन पर कौन है। इसके बाद उन्होंने मोबाइल देखने की कोशिश की। बातचीत को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान फोन को स्पीकर पर कर दिया गया।
इसके बाद कथित तौर पर फोन पर मौजूद व्यक्ति की ओर से निहारिका को मनीष पर हमला करने के लिए उकसाया गया। इसके बाद निहारिका के किचन में जाने और वहां से चाकू लाने की बात सामने आई।
आरोप है कि निहारिका ने चाकू से मनीष पर हमला कर दिया। इस हमले में मनीष गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
होश आया तो पिता को बताई पूरी बात
अस्पताल में इलाज के दौरान जब मनीष को होश आया तो उन्होंने अपने पिता को कथित तौर पर पूरी घटना बताई। बेटे की बात सुनकर परिवार सदमे में आ गया। जिस बहू को परिवार ने बेटी से भी बढ़कर प्यार दिया था, उसी पर बेटे पर जानलेवा हमला करने का आरोप लग रहा था।
परिवार के लिए यह विश्वास करना बेहद मुश्किल था कि जिस रिश्ते को उन्होंने वर्षों तक संभाला, वह इस मुकाम तक पहुंच सकता है।
मनीष का अस्पताल में इलाज चलता रहा, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हमले के करीब 10 दिन बाद इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई।
इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस ने निहारिका को गिरफ्तार कर लिया। मामले में उसके कथित साथी की भूमिका और फोन पर हुई बातचीत समेत कई पहलुओं की जांच की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निहारिका ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल करने की बात भी सामने आई है। हालांकि किसी भी आरोपी को दोषी मानने से पहले पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
आखिर रिश्ते में ऐसी दरार क्यों आई?
मनीष और निहारिका की शादी को करीब नौ साल हो चुके थे। उनका एक बच्चा भी था। परिवार आर्थिक रूप से मजबूत था और घर में किसी बड़ी कमी की बात सामने नहीं आती। इसके बावजूद पति-पत्नी के बीच रिश्ते में ऐसी दरार आई कि मामला कथित तौर पर जानलेवा हमले तक पहुंच गया।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सोशल मीडिया के जरिए बना कोई रिश्ता एक मजबूत वैवाहिक रिश्ते को इतनी तेजी से बदल सकता है? क्या पति-पत्नी के बीच बढ़ती दूरियों को समय रहते बातचीत से दूर किया जा सकता था? और सबसे बड़ा सवाल—आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं कि जिस इंसान के साथ जिंदगी बिताने की कसमें खाई जाती हैं, उसी की जान लेने तक की नौबत आ जाती है?
यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि रिश्तों में बढ़ती दूरी, सोशल मीडिया के प्रभाव, आपसी संवाद की कमी और विश्वास टूटने से जुड़े गंभीर सवाल भी सामने रखता है।
हालांकि मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की अंतिम सच्चाई पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
