दिल्ली में एक घरेलू विवाद ने ऐसा खौफनाक रूप ले लिया कि एक 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान चली गई। मृतक की पहचान विनय के रूप में बताई जा रही है। विनय कथित तौर पर एक बड़ी टेक कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम करते थे और उनका सालाना पैकेज करीब 60 लाख रुपये बताया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि पत्नी और उसके मायके पक्ष के लोगों के साथ हुए विवाद के दौरान विनय के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

मामला दिल्ली के निहाल विहार इलाके का बताया जा रहा है। विनय अपने माता-पिता रामनिवास और रेनू के साथ रहते थे। विनय ने दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी नौकरी एयरटेल में लगी और बाद में उनकी काबिलियत के चलते उन्हें एडोबी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम करने का मौका मिला। परिवार के मुताबिक, उनकी नौकरी अच्छी थी और वह करीब 60 लाख रुपये सालाना पैकेज पर काम कर रहे थे।
साल 2023 में विनय की शादी दिल्ली के बुद्ध विहार की रहने वाली रेखा गुप्ता से हुई। परिवार के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही विनय की पत्नी और उसके माता-पिता के बीच मतभेद शुरू हो गए। रोज-रोज के विवाद से परेशान होकर परिवार ने घर की अलग-अलग मंजिलों पर रहने का फैसला किया। विनय के माता-पिता दूसरी मंजिल पर रहने लगे, जबकि विनय और उसकी पत्नी तीसरी मंजिल पर रहने लगे।
समय बीतता गया, लेकिन दंपती के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ। परिवार के अनुसार, लंबे समय तक संतान न होने के बाद दंपती ने IVF का सहारा लिया और अप्रैल 2026 में जुड़वा बच्चों के माता-पिता बने। परिवार को उम्मीद थी कि बच्चों के आने के बाद घर का माहौल बेहतर होगा, लेकिन आरोप है कि इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद और बढ़ गए।
परिवार का कहना है कि बच्चों की देखभाल को लेकर भी दोनों के बीच कई बार कहासुनी होती थी। विनय अगर पत्नी से बच्चों को दवा देने, दूध पिलाने या बोतल साफ करने जैसे कामों के लिए कहते तो कथित तौर पर पत्नी को यह बात पसंद नहीं आती थी। उनका कहना था कि उन्हें आदेश देने के बजाय विनय को खुद ये काम करने चाहिए।
घटना से करीब एक सप्ताह पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद नाराज होकर विनय तीसरी मंजिल छोड़कर अपने माता-पिता के पास दूसरी मंजिल पर रहने लगे। हालांकि, 21 अगस्त 2026 को विनय ने अपने माता-पिता से कहा कि वह आखिर कब तक पत्नी से नाराज रहेंगे और अब वापस ऊपर जाकर पत्नी के साथ रहने की कोशिश करेंगे।
बताया जा रहा है कि उस दिन सुबह विनय तीसरी मंजिल पर अपनी पत्नी के पास चले गए। घर में मौजूद जुड़वा बच्चों को त्वचा संबंधी परेशानी होने की बात भी सामने आई है। इसी को लेकर विनय ने कथित तौर पर पत्नी से कहा कि बच्चों को समय पर दवा क्यों नहीं लगाई जा रही है। परिवार के अनुसार, इसी बात को लेकर दोनों के बीच दोबारा विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद के बाद विनय की पत्नी नीचे चली गई और अपने मायके वालों को फोन कर दिया। दोपहर करीब एक बजे उसके भाई, पिता और भाभी विनय के घर पहुंचे। परिवार का आरोप है कि वे सीधे तीसरी मंजिल पर गए और वहां विनय से बहस करने लगे।
इसके बाद मामला कथित तौर पर हाथापाई तक पहुंच गया। विनय के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि पत्नी के मायके पक्ष के लोगों ने विनय के साथ मारपीट की। शोर सुनकर विनय के माता-पिता भी तीसरी मंजिल पर पहुंचे। परिवार के अनुसार, उन्होंने देखा कि विनय के सीने पर बैठकर उसके साथ मारपीट की जा रही थी।
विनय के पिता रामनिवास कथित तौर पर कैंसर से पीड़ित हैं और काफी कमजोर बताए जाते हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की। परिवार का आरोप है कि वह बेटे को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गए, लेकिन हमलावरों ने उन्हें हटाकर दोबारा विनय के साथ मारपीट की।
परिवार का दावा है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि विनय के सीने में गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत बिगड़ गई। जब उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई तो वह कथित तौर पर अपने पैरों पर ठीक से खड़े तक नहीं हो पा रहे थे। घर में चीख-पुकार मच गई। इसी दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए।
परिवार के मुताबिक, पड़ोसियों के पहुंचने के बाद पत्नी के भाई, पिता और भाभी वहां से चले गए। इसके बाद विनय को कार में बैठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवाद, पारिवारिक हस्तक्षेप और गुस्से में हिंसा के खतरनाक परिणामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ एक परिवार अपने इकलौते बेटे को खोने का आरोप लगा रहा है, वहीं पूरे मामले में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
यह भी जरूरी है कि किसी भी पक्ष को अदालत के अंतिम फैसले से पहले दोषी न माना जाए। यदि मारपीट के आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला होगा। आखिर एक पारिवारिक विवाद किस तरह हिंसक टकराव में बदल गया और एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया—यह सवाल पूरे मामले का सबसे दुखद पहलू है।
रिश्तों में मतभेद होना असामान्य नहीं है, लेकिन किसी भी विवाद का समाधान बातचीत, परिवार के समझदार लोगों की मध्यस्थता या कानूनी रास्ते से किया जाना चाहिए। गुस्से में उठाया गया एक कदम कई जिंदगियां तबाह कर सकता है।
