Sunday, September 6, 2026
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‘मनहूस’ कहकर किया अपमान, दहेज के लिए किया प्रताड़ित: सरकारी शिक्षिका सृष्टि की दर्दनाक मौत ने उठाए कई सवाल

देहरादून/पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने समाज में फैले अंधविश्वास, दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सरकारी इंटर कॉलेज में गणित की शिक्षिका रहीं सृष्टि ने कथित तौर पर लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह कदम उठाने से पहले एक भावुक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने पिछले कई महीनों से झेली जा रही पीड़ा का जिक्र किया।

यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि उस सोच का आईना है, जिसमें आज भी पढ़े-लिखे परिवार अंधविश्वास और दहेज जैसी कुरीतियों से मुक्त नहीं हो पाए हैं।

नवंबर 2025 में हुई थी शादी

जानकारी के अनुसार, सृष्टि मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल (श्रीनगर) की रहने वाली थीं। वह एक सरकारी इंटर कॉलेज में गणित की शिक्षिका थीं और अपनी मेहनत व सादगी के लिए जानी जाती थीं।

नवंबर 2025 में उनकी शादी देहरादून निवासी सौरभ से हुई थी। सौरभ उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत बताए जाते हैं। परिवार ने बेटी की शादी धूमधाम से की और बताया जाता है कि इस विवाह में लगभग 80 लाख रुपये खर्च किए गए, ताकि बेटी को ससुराल में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

शादी के कुछ महीने बाद बदल गया माहौल

'मनहूस' कहकर किया अपमान, दहेज के लिए किया प्रताड़ित: सरकारी शिक्षिका सृष्टि की दर्दनाक मौत ने उठाए कई सवाल

शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन शादी के करीब तीन महीने बाद सौरभ के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के दौरान हार्ट संबंधी समस्या के साथ कैंसर होने की भी जानकारी मिली।

इलाज के साथ-साथ परिवार ने कथित रूप से एक तांत्रिक की भी शरण ली। आरोप है कि तांत्रिक ने परिवार से कहा कि घर में बहू के आने के बाद ग्रह-नक्षत्र खराब हो गए हैं और उसी कारण परिवार पर संकट आया है।

बताया जाता है कि इसके बाद सृष्टि की सास ने उन्हें घर की बदकिस्मती का कारण मानना शुरू कर दिया। उन्हें बार-बार “मनहूस” और “अशुभ” जैसे शब्द कहे जाने लगे।

पढ़ा-लिखा परिवार भी अंधविश्वास में उलझा

सबसे हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि सरकारी नौकरी में होने के बावजूद परिवार के अन्य सदस्य भी इस सोच से प्रभावित हो गए। सृष्टि ने कथित रूप से अपने पति से इस बारे में बात की, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

आरोप है कि परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि शादी में उनकी हैसियत के अनुसार दहेज नहीं दिया गया और अब इलाज के लिए मायके से पैसे लाने का दबाव बनाया जाने लगा।

सृष्टि लगातार इन परिस्थितियों को सहती रहीं। वह अपने पेशे में पूरी जिम्मेदारी से छात्रों का भविष्य संवार रही थीं, लेकिन निजी जीवन में लगातार मानसिक तनाव का सामना कर रही थीं।

ससुर की मौत के बाद बढ़ गया मानसिक दबाव

जुलाई 2026 की शुरुआत में सौरभ के पिता का निधन हो गया। आरोप है कि इसके बाद सृष्टि पर मानसिक दबाव और बढ़ गया। उन्हें यह तक कहा गया कि यदि उनकी शादी इस घर में नहीं हुई होती, तो परिवार पर यह संकट नहीं आता।

किसी भी व्यक्ति के लिए इस तरह के आरोप बेहद पीड़ादायक हो सकते हैं। बताया जाता है कि सृष्टि लगातार इस मानसिक बोझ से टूटती चली गईं।

90 सेकंड का वीडियो बना आखिरी संदेश

बताया जा रहा है कि 29 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे सृष्टि ने सोशल मीडिया पर लगभग 90 सेकंड का एक वीडियो साझा किया।

वीडियो में उन्होंने अपनी मां से माफी मांगते हुए कहा कि वह पिछले करीब पांच महीनों से लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रही हैं। उन्होंने कहा कि अब उनके लिए यह सब सहना संभव नहीं रह गया है।

परिजनों के अनुसार, वीडियो साझा करने के करीब एक घंटे बाद उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि वीडियो, डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, परिवार के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

समाज के लिए बड़ा सवाल

यह घटना कई गंभीर सवाल छोड़ जाती है।

आज जब देश शिक्षा, विज्ञान और तकनीक में लगातार आगे बढ़ रहा है, तब भी समाज के कुछ हिस्सों में अंधविश्वास और दहेज जैसी कुरीतियां लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रही हैं।

किसी व्यक्ति को बीमारी, दुर्घटना या अन्य घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराना न केवल अमानवीय है, बल्कि इससे मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

यदि किसी महिला को विवाह के बाद लगातार अपमानित किया जाए, दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाए या उसे अशुभ कहकर मानसिक रूप से तोड़ा जाए, तो यह केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और कानूनी मुद्दा भी है।

सृष्टि की कहानी उन सभी परिवारों के लिए एक चेतावनी है कि रिश्ते सम्मान, विश्वास और संवेदनशीलता से चलते हैं, अंधविश्वास और प्रताड़ना से नहीं।

पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में कानूनी रूप से कौन-कौन जिम्मेदार है। लेकिन यह घटना समाज को आत्ममंथन करने के लिए जरूर मजबूर करती है कि शिक्षा के बावजूद यदि सोच नहीं बदलती, तो ऐसी त्रासदियां दोहराई जाती रहेंगी।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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