हिसार जिले के बास क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज मांगने, स्त्रीधन हड़पने और जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच के बाद पति अजेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 85 और 316(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हिसार जिले के बास क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज मांगने, स्त्रीधन हड़पने और जबरन गर्भपात कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस जांच के बाद पति अजेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 85 और 316(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
💍 शादी के कुछ ही दिनों बाद शुरू हुई दहेज मांग
विवाहिता ने शिकायत में बताया कि उसकी शादी 7 मार्च 2024 को अजेश से हुई थी। शादी में उसके माता-पिता ने करीब 25 लाख रुपए खर्च किए, जिसमें सोने-चांदी के गहने और एक लाख रुपए नकद शामिल थे।
लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद पति, सास, ससुर और ननद ने कार की मांग शुरू कर दी। जब उसने अपने घरवालों की आर्थिक स्थिति बताई, तो ससुराल पक्ष ने उसे ताने मारे और मारपीट की।
गर्भपात कराने का आरोप
महिला के अनुसार, जून 2024 में जब उसने गर्भवती होने की जानकारी दी, तो सास और पति ने कहा कि उन्हें अभी बच्चा नहीं चाहिए।
इसके बाद उसे कथित रूप से बुखार की दवा बताकर गर्भपात की गोली दी गई, जिससे उसका गर्भ गिर गया।
अगस्त 2024 में उसे मायके भेज दिया गया और कहा गया कि जब तक कार नहीं मिलेगी, तब तक ससुराल में नहीं रखा जाएगा।

समझौते की कोशिशें नाकाम
पीड़िता के पिता ने कई बार समझौते की कोशिश की। दिसंबर 2024 में थाने में सुलह का प्रयास हुआ, लेकिन पति लेने नहीं आया।
सितंबर 2025 में जब पिता दोबारा ससुराल पहुंचे, तो ससुराल पक्ष ने कहा कि वे सिर्फ मुकदमे से बचने के लिए झूठा आश्वासन दे रहे थे और अब तलाक लेकर दूसरी शादी करेंगे।
जांच में पति पर लगे आरोप सही पाए गए
थाना बास की महिला सब इंस्पेक्टर सुमन रानी द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पति अजेश पर दहेज मांग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप सही पाए गए हैं।
हालांकि, सास, ससुर और ननद पर लगे आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की आगे की जांच महिला उपनिरीक्षक सुमन रानी को सौंपी गई है।
