हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (संबंध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने शिक्षकों से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संघ ने 7 नवंबर तक सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन और 8 नवंबर को पानीपत में शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पर राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने शिक्षकों की मांगों को नहीं माना तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
चिराग योजना बंद करने की उठाई मांग
अध्यापक संघ ने चिराग योजना को तुरंत बंद करने की मांग की है। साथ ही शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेना रोके जाने, शिक्षा पर बजट बढ़ाने, पुरानी पेंशन बहाली, अतिथि और संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण की भी मांग रखी। इसके अलावा संघ ने प्राथमिक अध्यापकों का वेतनमान 39,900 से शुरू करने और लंबित एसीपी लाभ जल्द देने की बात कही।

शिक्षकों की स्थानांतरण नीति में सुधार की मांग
संघ ने स्थानांतरण नीति को तर्कसंगत बनाने, कैशलेस मेडिकल सुविधा को शिक्षकों और उनके अभिभावकों दोनों के लिए आय सीमा के बिना शुरू करने और प्रदेश में 30,000 से अधिक रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की मांग की है।
वेतन-भत्तों की लड़ाई के साथ कर रहे शिक्षण कार्य
संघ ने कहा कि वेतन-भत्तों की लड़ाई के साथ-साथ वे समाज और शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाए और जरूरतमंद इलाकों में नए विद्यालय खोले जाएं।
