हरियाणा के पंचकूला में पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का मामला अब CBI को ट्रांसफर किया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने केंद्र को इस संबंध में पत्र भेज दिया है, हालांकि सीबीआई की ओर से अभी तक आधिकारिक जवाब नहीं आया है।
गुरुवार को SIT ने परिवार को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन कोई भी सदस्य जांच के लिए नहीं पहुंचा।
पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा ने इस पर कहा, “मुझे दो दिन पहले से पता था कि केस सीबीआई को जा रहा है। यह बेहतर कदम है और मुझे किसी तरह की दिक्कत नहीं है। मैं हर प्रकार की जांच के लिए तैयार हूं।” उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को मलेरकोटला में शोक सभा और 26 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत रखी गई है।
SIT ने अब तक क्या किया
- पटियाला नशा मुक्ति केंद्र की जांच: टीम को जानकारी मिली कि अकील का इलाज पटियाला के नशा मुक्ति केंद्र में चला था। टीम ने इलाज की अवधि और लत से संबंधित जानकारी जुटाई।
- नौकरों और सिक्योरिटी के बयान: SIT ने नौकरों और सुरक्षा कर्मियों के बयान दर्ज किए। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई।
- फोरेंसिक जांच जारी: जिस मोबाइल से अकील ने अपना वीडियो रिकॉर्ड किया था, उसे कब्जे में लेने की प्रक्रिया जारी है। सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

क्यों मांगी गई CBI जांच
शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी ने कहा था कि उन्हें पंचकूला पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व DGP खुलेआम टीवी डिबेट्स में बयान दे रहे हैं और धमकियां भी दे चुके हैं। उन्होंने CBI से जांच और पूर्व DGP व उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना की संपत्ति की जांच ईडी से करवाने की मांग की थी।
पूरा मामला संक्षेप में
- 16 अक्टूबर की रात: अकील अख्तर (35) पंचकूला सेक्टर-4 स्थित घर में मृत मिला। परिवार ने बताया कि वह बेसुध हालत में था।
- 17 अक्टूबर: पंजाब के शमशुद्दीन चौधरी ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी और कहा कि अकील ने 27 अगस्त को एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उसने अपने पिता मोहम्मद मुस्तफा पर पत्नी से अवैध संबंधों का आरोप लगाया था।
- 20 अक्टूबर: पंचकूला के मनसा देवी थाने में पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा, पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, बेटी और बहू के खिलाफ हत्या व साजिश का केस दर्ज हुआ।
इसके बाद ACP विक्रम नेहरा की अगुवाई में SIT गठित की गई।
