हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर सरसौद गांव के पास बरसाती पानी भर जाने से वाहन चालक लगातार परेशानी में हैं। बुधवार सुबह यहां एक धान से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलट गई, जिसमें ड्राइवर बाल-बाल बचा। ट्राली पलटने से धान सड़क पर गिर गया और किसान को आर्थिक नुकसान हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगस्त और सितंबर में हुई बारिश के दौरान पानी ने हाईवे पर लंबे समय तक कब्जा किया और बड़े गड्ढे बना दिए। हाल ही में राजली गांव की ओर से पानी का प्रवाह रोक दिया गया है, जिससे पानी फिर से सरसौद के पास जमा हो गया। इससे कई वाहन हादसों का शिकार हो चुके हैं।

स्थानिक ड्राइवरों ने बताया कि वे पिछले डेढ़ महीने से इसी समस्या का सामना कर रहे हैं। बरसाती पानी और टूटी हुई सड़क के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते और हादसे होते रहते हैं। उन्होंने एनएचएआई और प्रशासन पर कोई ठोस कदम न उठाने का आरोप लगाया।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से अपील की है कि वे इस गंभीर समस्या का संज्ञान लें और बरसाती पानी की स्थायी निकासी के लिए कदम उठाएं, ताकि भविष्य में वाहन चालकों और किसानों को राहत मिल सके।
