सिरसा जिले में पुलिस ने चोरी और धोखाधड़ी से बोलेरो गाड़ी बेचने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कल्याण नगर निवासी रविंद्र उर्फ मोन और सुखदीप सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि दोनों चोरी की गाड़ियों को धोखाधड़ी से बेचने का काम करते थे और किसी गिरोह से जुड़े हुए हैं।
गिरोह की कार्यप्रणाली
जानकारी के अनुसार, यह गिरोह चोरी की गाड़ियों को खरीद-फरोख्त के बहाने धोखाधड़ी से बेचता था। आरोपी ग्राहकों को गाड़ी अपना दोस्त होने का दावा करते और ऑनलाइन गाड़ी की स्थिति भी पहले वाले व्यक्ति के नाम दिखाती थी। ऐसा करके गिरोह गाड़ी दोबारा बेच देता था और पैसे हड़प लेता था।
बोलेरो गाड़ी का मामला
इस गिरोह की गाड़ी की शिकार बने थे सिरसा के चतरगढ़ पट्टी निवासी दीपक। दीपक को कल्याण नगर निवासी सुखदीप सिंह ने 2014 मॉडल बोलेरो गाड़ी 1.50 लाख रुपए में बेचने का झांसा दिया। गाड़ी की आरसी की फोटो दी गई और शपथ पत्र भी लिया गया। दीपक ने 50 हजार रुपए ऑनलाइन यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर किए और 1 लाख रुपए नकद दिए।

सुखदीप ने दीपक को भरोसा दिलाया कि गाड़ी उनके नाम करवा दी जाएगी। दीपक के अनुसार, गाड़ी बेचने में सुखदीप का दोस्त रविंद्र उर्फ मोनू भी शामिल था।
गाड़ी चोरी का प्रयास
1 नवंबर की रात्रि, सुखदीप सिंह और रविंद्र उर्फ मोनू अपने दो से तीन अन्य साथियों के साथ दीपक के घर आए। उन्होंने गाड़ी को देखने का बहाना बनाया और घर के बाहर खड़ी गाड़ी को खिसकाकर आगे ले गए और स्टार्ट करके चोरी कर ली।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
जब यह ठगी का मामला पुलिस थाने पहुंचा, तो पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में आरोपियों की पहचान हुई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि गिरोह इस तरह की धोखाधड़ी और चोरी की गाड़ियों के मामले में लगातार सक्रिय था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने बताया कि गाड़ी के मालिकों और पीड़ितों से बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी योजनाओं का पता लगाया जा सके। पुलिस ने चेतावनी दी है कि चोरी और धोखाधड़ी में लिप्त कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा।
सावधानियों पर जोर
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन गाड़ी खरीदते समय पूरी सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति से गाड़ी खरीदने या पैसे ट्रांसफर करने से पहले गाड़ी का सही रजिस्ट्रेशन और मालिकाना अधिकार जांचना आवश्यक है।
