पानीपत जिले के जलमाना गांव स्थित कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय में सोमवार सुबह बड़ा हादसा टल गया, जब दलिया खाने के बाद एक साथ 12 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रार्थना सभा के दौरान सभी बच्चियों को उल्टियां, सिर दर्द और पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। कुछ छात्राएं तो चक्कर आकर वहीं गिर पड़ीं। अचानक हुई इस घटना से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल स्टाफ ने तुरंत सभी छात्राओं को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बापौली ले जाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एक छात्रा की हालत गंभीर होने पर उसे जिला नागरिक अस्पताल पानीपत रेफर कर दिया गया। कुछ ही देर में अन्य 11 छात्राओं को भी तबीयत बिगड़ने पर सिविल अस्पताल भेजा गया। अस्पताल प्रशासन ने सभी 12 छात्राओं को विशेष वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया।
कैसे बिगड़ी छात्राओं की तबीयत – पूरी घटना सिलसिलेवार
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह नाश्ते में स्कूल की रसोई में दलिया बनाया गया था। नाश्ता करने के बाद जब सभी छात्राएं प्रार्थना के लिए एकत्रित हुईं, तभी उनमें से एक छात्रा को उल्टी और चक्कर आने लगे। इसके कुछ मिनट बाद दूसरी छात्रा की तबीयत भी बिगड़ गई। देखते ही देखते 12 छात्राएं जमीन पर गिरने लगीं।
स्कूल प्रशासन के लिए यह स्थिति संभालना मुश्किल हो गया और तुरंत एम्बुलेंस मंगाकर सभी को अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार, सभी में उल्टी, सिर दर्द और पेट दर्द जैसे समान लक्षण मिले हैं।
वार्डन का चौंकाने वाला बयान – “दलिया पसंद नहीं था, इसलिए बहाना बना रही हैं”

स्कूल की वार्डन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि छात्राओं ने ठीक से दलिया नहीं खाया, सिर्फ दो-दो चम्मच खाकर खेलने चली गई थीं। उनके अनुसार, बच्चियां खाली पेट धूप में खेलने गई होंगी, इसलिए चक्कर आए होंगे।
वार्डन ने यह भी दावा किया कि सभी छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं और घर जाने के लिए इस तरह बीमार होने का नाटक कर सकती हैं।
हालांकि, छात्राओं के एक साथ बीमार होने और लक्षण समान होने के कारण अभिभावकों व स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन की बात पर सवाल उठाए हैं।
CMO बोले – दलिया का सैंपल सील, रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विजय मलिक ने बताया:
“हमारे पास 13 बच्चियां इलाज के लिए लाई गई थीं। सभी को उल्टी, पेट दर्द और सिर दर्द की शिकायत थी। एक बच्ची की हालत बाकी से ज्यादा खराब थी। फिलहाल सभी स्टेबल हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्कूल पहुंचकर दलिया का सैंपल लिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।”
स्वास्थ्य विभाग अभी यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि यह फूड पॉइज़निंग का मामला है या किसी अन्य कारण से छात्राओं की तबीयत बिगड़ी।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता, प्रशासन सख्त निगरानी में
घटना के बाद से अभिभावकों में भारी गुस्सा और चिंता है। स्कूल और हॉस्टल दोनों में खाने-पीने की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और छात्राओं की सुरक्षा प्राथमिकता रहेगी।
