ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले में गुरुग्राम पुलिस ने जयपुर निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक महिला के अमेज़न अकाउंट को हैक कर उसके वॉलेट से 2,73,000 रुपए की ठगी की थी। यह मामला 24 जुलाई 2025 को सामने आया, जब शिकायतकर्ता ने साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराई।
महिला ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसका अमेज़न अकाउंट अपने कब्जे में ले लिया और वॉलेट में मौजूद 2,73,000 रुपए के वाउचर अपने लिए निकाल लिए। इस धोखाधड़ी के आधार पर साइबर थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
साइबर अपराध विभाग ने साइबर ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की पहचान की। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में पुलिस ने 7 नवंबर को आरोपी योगेश कुमार (23 वर्ष, निवासी कंवर नगर, जयपुर, राजस्थान) को गिरफ्तार किया। आरोपी बीबीए शिक्षित है।
पुलिस रिमांड और पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अमेज़न को सेवाएं देने वाली पेरेंट कंपनी में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था। उसने अपनी सिस्टम पहुंच का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता के वॉलेट से वाउचर अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।

इन वाउचरों का इस्तेमाल करके आरोपी ने कल्याण ज्वेलर्स से सोने के सिक्के खरीदे और उन्हें बेचकर लगभग 1,15,000 रुपए कमाए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
साइबर टीम अब यह पता लगाने में लगी है कि आरोपी ने कहीं और भी ऐसे डिजिटल फ्रॉड किए हैं या नहीं। दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, और जांच आगे जारी है।
गुरुग्राम पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि वे अपने ऑनलाइन अकाउंट्स और वॉलेट्स की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। साइबर अपराध बढ़ते डिजिटल युग में आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
इस मामले में पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि साइबर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी तक पहुंचना ही ऐसी घटनाओं को रोकने का मुख्य उपाय है।
गुरुग्राम पुलिस का यह कदम डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई का संदेश देता है और अन्य लोगों के लिए चेतावनी भी है कि किसी भी ऑनलाइन अकाउंट या वॉलेट का दुरुपयोग अपराध है और इसकी गंभीर सजा हो सकती है।
