गुरुग्राम में लिव-इन पार्टनर ने गर्भवती महिला की हत्या की, परिवार ने शव लेने से किया इनकार
गुरुग्राम के डूंडाहेड़ा इलाके में हुई 26 वर्षीय अंगूरी देवी की हत्या के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजन अपनी लिव-इन पार्टनर अंगूरी देवी से होने वाले बच्चे का पिता नहीं बनना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ और आरोपी ने गुस्से में आकर महिला की गला दबाकर हत्या कर दी। मृतका सात महीने की गर्भवती थी। अब पुलिस इस केस को डबल मर्डर के रूप में जांच रही है।
आरोपी फिरोजाबाद से गिरफ्तार
पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी राजन को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया है। वह हत्या के बाद फरार हो गया था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह मूल रूप से यूपी का ही रहने वाला है।
शव लेने से सभी पक्षों ने किया इनकार
हत्या के बाद अब अंगूरी देवी के शव को लेकर नई मुश्किल खड़ी हो गई है। मृतका के मायके पक्ष, दूसरे पति विशाल और आरोपी राजन के परिवार — तीनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है।
मायके वालों का कहना है कि “हमने उसी दिन बेटी को मरा मान लिया था, जब उसने घर छोड़ा और कई रिश्ते बदले।”
दूसरे पति विशाल ने कहा कि उनका रिश्ता खत्म हो चुका है, इसलिए वे शव नहीं ले सकते। वहीं, आरोपी के परिवार ने भी कहा कि कोई कानूनी रिश्ता नहीं था, इसलिए वे भी शव नहीं लेंगे
अंगूरी देवी का जटिल निजी जीवन

पुलिस जांच में सामने आया कि अंगूरी देवी की पहली शादी 2023 में मुहम्मद सदरूदीन से हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद वह अलग हो गई। इसके बाद उसने 2024 में विशाल नाम के व्यक्ति से कोर्ट मैरिज की, मगर उससे भी संबंध टूट गया।
बाद में वह राजन के संपर्क में आई और पिछले दो वर्षों से उसके साथ लिव-इन में रह रही थी। इसी दौरान वह गर्भवती हुई और गर्भावस्था के खर्च के लिए आरोपी से बार-बार पैसे मांगती थी, जिससे आरोपी परेशान था।
हत्या के बाद कई दिनों तक बंद रहा कमरा
मृतका के कमरे पर कई दिनों से ताला लगा हुआ था। बुधवार को कमरे से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो बेड के नीचे शव मिला, जो काफी गल चुका था। मौके पर FSL टीम ने साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस का बयान
जांच अधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। यदि 72 घंटे के भीतर कोई भी परिवार या संबंधित पक्ष दावा नहीं करता, तो सरकारी खर्चे पर शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
