हरियाणा की शान शेफाली वर्मा को सीएम नायब सैनी ने दी बधाई, महिला आयोग ने 2026 का ब्रांड एंबेसडर बनाया
हरियाणा की बेटी और महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी शेफाली वर्मा ने महिला विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। फाइनल मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच रहने वाली शेफाली को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने फोन पर बधाई दी और उन्हें सपरिवार संत कबीर कुटीर पर आने का न्योता दिया।
सीएम सैनी ने बातचीत में कहा — “पूरे हरियाणा को तुम्हारे प्रदर्शन पर गर्व है। तुमने अपने संघर्ष और मेहनत से प्रदेश की हर बेटी के लिए प्रेरणा का काम किया है।”
महिला आयोग ने बनाया 2026 का ब्रांड एंबेसडर
महिला क्रिकेट विश्व कप में भारतीय टीम की जीत के बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग ने शेफाली वर्मा को साल 2026 के लिए अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने की घोषणा की है।
आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने शेफाली के पिता संजीव वर्मा को फोन पर बधाई देते हुए कहा कि, “हरियाणा की बेटियां आज हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और शेफाली जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी उनका गौरव बढ़ा रही हैं।”
जानकारी के मुताबिक, शेफाली वर्मा 12 नवंबर को चंडीगढ़ जाएंगी, जहां वह अपने परिवार सहित सीएम नायब सैनी से मुलाकात करेंगी।
मनु भाकर भी रह चुकी हैं एंबेसडर
इससे पहले साल 2024 में शूटर मनु भाकर को भी महिला आयोग ने अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था। मनु भाकर और नीरजा चौपड़ा दोनों को नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान का चेहरा बनाया गया था। इस मुहिम में दोनों खिलाड़ियों ने युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी थी।
कौन हैं शेफाली वर्मा?
रोहतक निवासी शेफाली वर्मा का जन्म 28 जनवरी 2004 को हुआ। वह वर्तमान में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU), रोहतक से ग्रेजुएशन कर रही हैं।
शेफाली की क्रिकेट यात्रा बेहद संघर्षपूर्ण रही। उन्होंने सेंट पॉल स्कूल से पढ़ाई शुरू की, लेकिन 10वीं कक्षा में फेल हो गईं। इसके बाद उन्होंने मनदीप सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई जारी रखी और 12वीं में 80% अंक प्राप्त किए।

सचिन से मिली प्रेरणा
शेफाली 2013 में लाहली ग्राउंड, रोहतक में सचिन तेंदुलकर को रणजी मैच में खेलते हुए देखने गईं। भीड़ में “सचिन-सचिन” के नारे सुनकर उन्होंने ठान लिया कि वह भी क्रिकेटर बनेंगी।
पिता संजीव वर्मा ने जब उनकी लगन देखी, तो उन्हें घर पर ही ट्रेनिंग देना शुरू किया। हालांकि शुरुआत में एकेडमी ने उन्हें लड़की होने की वजह से एडमिशन देने से मना कर दिया, लेकिन पिता ने हिम्मत नहीं हारी। शेफाली ने बॉय कट हेयरस्टाइल रखकर ट्रेनिंग शुरू की और जल्द ही एकेडमी में जगह बना ली।
15 साल की उम्र में किया इंटरनेशनल डेब्यू
साल 2019 में मात्र 15 वर्ष की उम्र में शेफाली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 मैच से टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया।
उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला शतक जड़ा और सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
आज शेफाली न केवल हरियाणा बल्कि पूरे भारत की बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
