पानीपत के सिविल अस्पताल में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की ने बच्चे को जन्म दिया। लड़की को प्रसव पीड़ा होने पर उसके परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने जांच के दौरान उसके दस्तावेजों की पुष्टि की, जिसमें स्पष्ट हुआ कि लड़की की उम्र केवल 14 साल है। इस जानकारी के तुरंत बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष केदार दत्त कौशिक ने बताया कि यह नाबालिग लड़की इसराना क्षेत्र के एक ईंट भट्टे पर काम करती थी। उन्होंने बताया कि रात के समय लड़की अस्पताल से अचानक गायब हो गई थी, जिसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की को वापस अस्पताल में भर्ती कराया।
प्राथमिक जांच में पता चला कि लड़की का परिवार बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है और पिछले चार साल से पानीपत में रह रहा है। इस घटना ने न केवल समाज में चिंता की लहर पैदा की है, बल्कि यह बाल अधिकारों और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चेतावनी है।

इसराना थाना पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अस्पताल पहुंची। एएसआई बलवान सिंह ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि भर्ती मरीजों की सुरक्षा और निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बाल कल्याण समिति ने भी पुलिस को मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह पता लगाया जा सके कि नाबालिग गर्भवती कैसे हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। समिति और पुलिस ने मिलकर जांच प्रक्रिया को सुरक्षा और गोपनीयता के साथ आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
फिलहाल लड़की और नवजात शिशु को अस्पताल में रखा गया है और उनकी चिकित्सा निगरानी जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
इस घटना ने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर ध्यान देने की आवश्यकता को दोबारा उजागर किया है। पुलिस और बाल कल्याण समिति ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी नाबालिग के साथ इस प्रकार की घटना होती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें।
पुलिस ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतत निगरानी की जाएगी।
