हरियाणा के रोहतक जिले के डीसी सचिन गुप्ता, जिन्होंने साल 2018 बैच में यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया तीसरी रैंक हासिल की थी, फिर से सुर्खियों में हैं। 3 नवंबर को रोहतक में जलभराव के मुद्दे पर इनेलो का प्रदर्शन हुआ, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने डीसी को ज्ञापन लेने के लिए अल्टीमेटम दिया। पांच मिनट बाद सचिन गुप्ता ज्ञापन लेने पहुंचे और इसे राज्यपाल को भेजने की बात कही।
सचिन गुप्ता सिरसा जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता किसान थे और मां सरकारी टीचर थीं। शिक्षा में DAV स्कूलिंग और पटियाला की थापर यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक शामिल है। मारुति-सुजुकी कंपनी में 6.5 लाख वार्षिक पैकेज पर नौकरी करते हुए उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी। पहली बार 2015 में परीक्षा दी, मेंस तक नहीं पहुंचे। दूसरी बार 2016 में 575 रैंक मिली और वे असिस्टेंट डायरेक्टर बने। तीसरे प्रयास में 2017 में ऑल इंडिया तीसरी रैंक हासिल की।

2018 बैच में उन्हें हरियाणा कैडर मिला। उनकी पत्नी हीना गुप्ता IRS अधिकारी हैं। छह भाई-बहनों में सबसे छोटे सचिन गुप्ता हैं। परिवार में कोई सरकारी नौकरी नहीं करता और व्यवसाय व खेतीबाड़ी में लगे हैं।
सचिन गुप्ता की पोस्टिंग में विवाद भी जुड़े रहे हैं। अंबाला सिटी निगम कमिश्नर रहते, पूर्व विधायक निर्मल सिंह के साथ प्रोटोकॉल न निभाने पर चर्चा हुई। वर्ष 2021 में तीन दिन में तीन बार ट्रांसफर का मामला सामने आया। अंबाला में एसडीएम और एस्टेट ऑफिसर के रूप में रहते हुए सरकारी चिट्ठी वायरल होने पर भी विवाद हुआ।
सचिन गुप्ता ने अपने करियर में हमेशा प्रोफेशनलिज्म और ईमानदारी दिखाई है। वर्तमान में रोहतक DC के रूप में वे जिले में प्रशासनिक कार्यों और जलभराव जैसी आपात स्थितियों का सामना कर रहे हैं। उनके कार्य और विवादजनक घटनाओं ने उन्हें हरियाणा में चर्चा का विषय बना दिया है।
उनका करियर UPSC की कठिन तैयारी, लगातार प्रयास और प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक है। सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और नियमों के पालन के लिए उनकी छवि मजबूत है, जबकि नेताओं और अधिकारियों के बीच प्रोटोकॉल के मामलों ने उन्हें सुर्खियों में रखा।
