हिसार:
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर आज (18 अक्टूबर) को फिर से सुनवाई होगी। शुक्रवार को सुनवाई एक दिन के लिए टल गई थी। अब यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. परमिंदर कौर की अदालत में सुना जाएगा और ट्रायल भी इसी कोर्ट में चलेगा।
इससे पहले ज्योति का केस अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था, जहां अगली सुनवाई की तारीख 19 नवंबर तय की गई थी। हालांकि शुक्रवार को जब जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, तो डॉ. परमिंदर कौर ने केस अपने पास ट्रांसफर कर दस्तावेज मंगवाए।

ज्योति पर लगे गंभीर आरोप
ज्योति पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप हैं। हिसार के सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसके खिलाफ
भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act), 1923 की धाराओं 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया है।
जमानत के तीन प्रमुख आधार — वकील कुमार मुकेश के तर्क:
1. कोई गोपनीय दस्तावेज नहीं भेजे गए:
वकील कुमार मुकेश ने बताया कि सीक्रेट एक्ट की धारा 3 उन मामलों में लागू होती है, जहां कोई व्यक्ति रक्षा से जुड़ा प्लान, मैप या मॉडल तैयार करता है।
लेकिन ज्योति के केस में ऐसा कोई दस्तावेज सामने नहीं आया है। चार्जशीट में यह भी नहीं बताया गया कि उसने कोई सरकारी प्रतिबंध तोड़ा।
2. सीक्रेट एक्ट से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला:
वकील के अनुसार, पुलिस को कोई ऐसा दस्तावेज, फोटो या जानकारी रिकवर नहीं हुई जो सीक्रेट एक्ट से जुड़ी हो।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार के किसी अधिनियम का उल्लंघन हुआ भी होता, तो उसमें अधिकतम 3 साल की सजा का ही प्रावधान है, न कि 14 साल का जैसा पुलिस दावा कर रही है।
3. पाक एजेंट से संपर्क का कोई ठोस प्रमाण नहीं:
पुलिस का कहना है कि ज्योति के मोबाइल में पाक एजेंट शाकिर का नंबर मिला, लेकिन
चार्जशीट में न कोई चैटिंग, न कॉल रिकॉर्डिंग, न ही कॉल डिलीट करने का सबूत है।
वहीं दानिश नामक व्यक्ति से उसकी मुलाकात केवल वीजा प्रक्रिया (Visa Purpose) के लिए बताई गई है।
अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस मामले की जमानत याचिका पर आज (18 अक्टूबर) को डॉ. परमिंदर कौर की अदालत में सुनवाई होगी।
ज्योति फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और इस केस का ट्रायल भी अब इसी अदालत में चलेगा।
