उकलाना मंडी में पिछले दिनों घटी दो भीषण आग की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में दहशत और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों ही घटनाओं में करोड़ों रुपए का भारी नुकसान हुआ है। हालात का जायजा लेने पहुंचे विधायक नरेश सेलवाल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की तथा सरकारी तंत्र पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
जगदम्बा किरयाणा स्टोर बना राख—तीन मंजिला बिल्डिंग ध्वस्त
पहली घटना उकलाना मंडी के जगदम्बा किरयाणा स्टोर में हुई। दुकान के मालिक कमल सिंगला उर्फ विक्की के अनुसार, स्पार्किंग के चलते अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी दुकान और तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए का किरयाणा, कॉस्मेटिक, जनरल स्टोर सामग्री, मशीनें और फर्नीचर सब कुछ जलकर राख हो गया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि धुआं इतनी तेजी से फैला कि उन्हें कुछ भी बचाने का मौका नहीं मिला। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरी इमारत कुछ ही मिनटों में ध्वस्त हो गई।
फायर ब्रिगेड ने किया निराश – एक घंटा देर से पहुंची गाड़ी
स्थानीय लोगों ने आग की सूचना समय पर कंट्रोल रूम को दे दी थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गाड़ी में न पानी पर्याप्त था और न ही प्रेशर। मजबूरी में बाद में बरवाला से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की मदद लेनी पड़ी।
विधायक नरेश सेलवाल ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। उन्होंने एसडीएम को तत्काल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की है।
कपास फैक्ट्री में लाखों किलो कच्चा माल और मशीनें जलीं
दूसरी घटना उकलाना मंडी की प्रसिद्ध तेलूराम मांगेराम कपास फैक्ट्री में हुई। जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने वहां लगी 12 बड़ी मशीनों, कच्चे माल और तैयार कपास को पूरी तरह नष्ट कर दिया। फैक्ट्री संचालक रमेश गर्ग ने बताया कि नुकसान करोड़ों रुपये से कम नहीं है।
चौंकाने वाली बात यह है कि यहां भी फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि सब कुछ देखते ही देखते खाक हो गया।

विधायक बोले—‘यह सीधी सरकारी लापरवाही है’
दोनों स्थानों का दौरा करने के बाद विधायक नरेश सेलवाल ने कहा कि उकलाना जैसे बड़े व्यापारिक क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की यह हालत बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा:
“दोनों घटनाओं में करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। यह प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि फायर विभाग की सीधी लापरवाही है। यदि समय पर मदद पहुंच जाती तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।”
उन्होंने प्रभावित परिवारों और कारोबारियों को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को विधानसभा और प्रशासनिक स्तर पर जोरदार तरीके से उठाएंगे।
व्यापारियों में रोष, प्रशासन से जवाबदेही की मांग
इन घटनाओं के बाद उकलाना के व्यापारियों में भारी आक्रोश है। व्यापार मंडलों ने भी एक बैठक बुलाकर फायर सिस्टम की खामियों पर तत्काल सुधार की मांग की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अग्निशमन विभाग की धीमी कार्यप्रणाली और संसाधनों की कमी बड़े हादसों को न्योता दे रही है। व्यापारियों ने जल्द कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
