हिसार जिले के उकलाना कस्बे में रविवार शाम को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कस्बे स्थित तेलू राम मांगेराम कॉटन फैक्ट्री में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। कुछ ही मिनटों में आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि फैक्ट्री में रखी रुई, नरमे और महंगी मशीनरी पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। आसपास के क्षेत्रों में धुएं का गुबार साफ दिखाई देने लगा और लोग घरों से बाहर निकल आए।
आग ने लिया विकराल रूप
उकलाना मंडी निवासी डॉ. नीरज गर्ग, जो इस कॉटन फैक्ट्री का संचालन करते हैं, ने बताया कि रविवार की शाम फैक्ट्री में सामान्य रूप से काम चल रहा था। मजदूर रोज की तरह रुई और नरमे की प्रोसेसिंग में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक अज्ञात कारणों से फैक्ट्री के अंदर आग की चिंगारी उठी और कुछ ही पलों में रुई में फैल गई। रुई और नरमे की प्रकृति हल्की और जल्दी जलने वाली होने के कारण आग ने तेजी से बड़ा रूप ले लिया।
मौके पर मौजूद मजदूरों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग इतनी तीव्र थी कि उनके प्रयास नाकाम रहे। उन्होंने बताया कि जैसे ही आग फैली, मजदूर तत्काल फैक्ट्री से बाहर निकल आए, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। आग की लपटें इतनी ऊंची थी कि कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का पूरा भाग आग की चपेट में दिखाई देने लगा।
दमकल विभाग ने काफी मशक्कत के बाद पाया काबू
आग लगने की सूचना मिलते ही उकलाना और आसपास के स्टेशनों से दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने भी पानी की पाइप और बाल्टियों के साथ आग बुझाने में दमकल कर्मियों की मदद की। करीब 1 घंटे से ज्यादा समय तक चली कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। हालांकि तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
डॉ. नीरज गर्ग ने बताया कि रुई और नरमा का विशाल स्टॉक, फैक्ट्री की मशीनें और अन्य उपकरण पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मशीनरी पिघलने लगी और फैक्ट्री की कई दीवारें भी काली पड़ गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, फैक्ट्री को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

समय रहते बाहर निकले मजदूर—बड़ा हादसा टला
आग लगते ही मजदूरों ने तुरंत बाहर भागकर अपनी जान बचाई। यह राहत की बात है कि किसी भी मजदूर को चोट नहीं आई। यदि आग कुछ और मिनट पहले या बाद में लगती जब फैक्ट्री में और अधिक मजदूर मौजूद होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोग पहुंचे मदद के लिए
जैसे ही आग लगने की खबर कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में फैली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने दमकल विभाग के साथ मिलकर आग पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास किया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग इतनी भयंकर थी कि फैक्ट्री में रखा सामान बचाना मुश्किल था, लेकिन मनुष्य जीवन सुरक्षित रहना सबसे बड़ी राहत है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रबंधन और पुलिस का मानना है कि आग शॉर्ट-सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी हो सकती है। घटना के बाद पुलिस टीम ने मौका मुआयना किया और जांच शुरू कर दी है।
उकलाना के व्यापारिक वर्ग और उद्योग संचालकों में इस घटना के बाद चिंता का माहौल है। कई व्यापारियों ने कहा कि फैक्ट्री क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के हादसे से बचा जा सके।
