हरियाणा के हिसार जिले की इंटरनेशनल बॉक्सर स्वीटी बूरा (75 किग्रा) ने बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। हालांकि वह सेमिफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एम्मा-सू ग्रीट्री से हारकर फाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं। मंगलवार रात हुए इस मुकाबले में स्वीटी 4-0 से पीछे रहीं और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
सेमिफाइनल में कड़ा मुकाबला
स्वीटी बूरा और ग्रीट्री के बीच मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने आक्रामक रुख अपनाया और बढ़त बनाए रखी, जिसके चलते स्वीटी मैच वापस नहीं पलट सकीं। हार के बाद भी उन्होंने कहा कि यह अनुभव उन्हें आगामी टूर्नामेंट्स में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगा।
वर्ल्ड चैंपियन स्वीटी की सफलता जारी
हिसार के गांव घिराय की बेटी स्वीटी बूरा पहले भी वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियन रह चुकी हैं। करीब 5 महीने पहले उन्होंने हैदराबाद में हुई इंटरनेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व स्तरीय बॉक्सर होने का सबूत दिया था।
27 जून से 1 जुलाई तक आयोजित इस चैंपियनशिप में ఎలిట్ वुमन नेशनल कैटेगरी में स्वीटी ने फाइनल मुकाबले में रेलवे की मशहूर बॉक्सर अलफिया पठान को 5-0 से हराया था।

पारिवारिक विवाद के बीच संभाला करियर
स्वीटी बूरा का निजी जीवन पिछले कई महीनों से सुर्खियों में है। उनका पति और भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान दीपक हुड्डा से विवाद लगातार बढ़ता गया। दीपक के महम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने और हारने के बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया था।
स्वीटी ने बताया कि कई बार स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई और मामला कोर्ट में तलाक तक जा चुका है। वर्तमान में दोनों का केस हिसार कोर्ट में चल रहा है।
स्वीटी ने लगाया था दहेज उत्पीड़न का आरोप
फरवरी 2024 में स्वीटी बूरा ने पति दीपक हुड्डा पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। FIR में स्वीटी ने कहा कि शादी में एक करोड़ रुपये और फॉर्च्यूनर कार देने के बावजूद उन्हें कम दहेज का ताना दिया गया।
स्वीटी का आरोप था कि ससुराल में पहुंचने पर दीपक की बहन ने ताना मारा कि “तेरे पिता ने हमारी हैसियत के हिसाब से दहेज नहीं दिया।”
इसके अलावा शादी के बाद उनसे बॉक्सिंग छोड़ने और घर का काम करने का दबाव बनाया गया।
तमाम परेशानियों के बावजूद खेल से नाता नहीं टूटा
कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वीटी बूरा ने बॉक्सिंग नहीं छोड़ी। अपनी ट्रेनिंग को प्राथमिकता देते हुए वह वर्तमान में रोहतक स्थित नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी में कोच शिलवा और दलबीर के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही हैं।
उन्होंने अपनी ताज़ा उपलब्धि का श्रेय अपनी बॉक्सिंग फैमिली, फेडरेशन, SAI रोहतक स्टाफ और अपने कोचों को दिया।
अब एशियन और कॉमनवेल्थ टूर्नामेंट पर फोकस
ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद स्वीटी अब एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए होने वाले ट्रायल पर पूरी तरह फोकस कर चुकी हैं। उनका कहना है कि वह भारत के लिए गोल्ड जीतने का लक्ष्य लेकर अभ्यास कर रही हैं।
