हरियाणा जेल विभाग छात्रों को जेल लाइफ की सच्चाई दिखाने के लिए विशेष प्रदर्शनी लगाएगा। इसकी शुरुआत पंचकूला से होगी, जहां 5 से 10 नवंबर तक इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। जेल डीजी आलोक राय ने बताया कि प्रदेश में ‘भाईजी कल्चर’ पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब जेलों में हर कैदी को अपने काम खुद करने होंगे।
हरियाणा में स्कूल-कॉलेज के छात्रों को जेल की असली जिंदगी से रूबरू करवाने के लिए जेल विभाग अब प्रदर्शनी आयोजित करने जा रहा है। इसकी शुरुआत पंचकूला से की जाएगी, जहां सेक्टर-5 के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में 5 से 10 नवंबर तक यह प्रदर्शनी लगेगी।
जेल विभाग के महानिदेशक आलोक राय ने बताया कि अब प्रदेश में ‘भाईजी कल्चर’ को खत्म करने का समय है। जेलों में यह कल्चर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। हर कैदी या बंदी से वे सभी कार्य करवाए जा रहे हैं जो जेल मैन्युअल में निर्धारित हैं।

डीजी आलोक राय ने कहा कि लंबे बाल रखने और दूसरी गतिविधियों पर भी अब रोक लगा दी गई है। जेलों में बंद गैंगस्टर भी अपने सभी काम खुद ही करेंगे, किसी दूसरे बंदी से नहीं। विभाग ने इस नियम को सख्ती से लागू किया है।
उन्होंने बताया कि कानूनी कारणों से जेलों के अंदर की तस्वीरें या वीडियो जारी नहीं किए जा सकते, लेकिन जल्द ही पत्रकारों को जेल का भ्रमण करवाकर वहां की व्यवस्था दिखाई जाएगी, ताकि वे समाज को बता सकें कि जेल की जिंदगी कितनी कठिन होती है और वहां सुधार की प्रक्रिया कैसे चल रही है।
जेल विभाग के अनुसार, फिलहाल हरियाणा की जेलों में लगभग 400 गैंगस्टर बंद हैं, जिन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। दुश्मन गैंगों को अलग-अलग समय पर काम दिया जाता है ताकि किसी तरह की टकराव की स्थिति न बने।
