करनाल जिले के शांति नगर में एक पिता से बेटे को स्पेन भेजने के नाम पर 9 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पिता अलोक संधू अपने बेटे तोयेश को स्पेन में डॉक्टरी की पढ़ाई करवाना चाहते थे, लेकिन ठगों ने जाली यूनिवर्सिटी डॉक्यूमेंट बनवाकर उन्हें झांसे में ले लिया। जब वीजा रिजेक्ट हुआ और पैसे मांगे गए, तो ठगों ने धमकी दी — “पैसे भूल जाओ, वरना बेटे से हाथ धो बैठोगे।”
विदेश भेजने की चाहत बनी मुसीबत
मार्च 2023 में अलोक संधू ने अपने बेटे को स्पेन भेजने की इच्छा जताई। इस दौरान उनकी मुलाकात दिल्ली के मंगोलपुर कला निवासी रानी काला और उसके पति विपिन डबास से हुई। दोनों ने दावा किया कि वे विदेश एडमिशन और वीजा की प्रक्रिया करवाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जून 2023 तक तोयेश स्पेन रवाना हो जाएगा।
रानी काला और विपिन डबास ने 9 लाख रुपए की डील तय की — जिसमें 2.50 लाख उनका शुल्क और 7 लाख कॉलेज फीस बताई गई। अलोक ने 6.80 लाख रुपए (7600 यूरो) कॉलेज फीस के रूप में PNB सेक्टर-12 करनाल से ऑनलाइन ट्रांसफर किए। यह रकम सुष्मिता नंदा नामक महिला के खाते में गई, जो गिरोह की साथी थी।
फर्जी कागजात, रिजेक्ट वीजा और धमकी
गिरोह के एक अन्य सदस्य दिपांशु त्यागी ने एम्बेसी में फर्जी यूनिवर्सिटी डॉक्यूमेंट्स दिखाए, जिनमें इनविटेशन लैटर और फीस इनवाइस शामिल थे। बाद में सभी दस्तावेज नकली निकले और तोयेश का वीजा रिजेक्ट हो गया।
जब पिता ने पैसे वापस मांगे, तो विपिन डबास ने धमकी दी — “इन पैसों को भूल जाओ, वरना तुम्हारा बेटा नहीं बचेगा।” इससे पूरा परिवार डर गया।

विदेशी पुलिस और हरियाणा EOW की जांच
अलोक ने सितंबर 2024 में वारसा (पोलैंड) पुलिस को ऑनलाइन शिकायत भेजी। जांच में पता चला कि सुष्मिता नंदा नाम का कोई व्यक्ति वहां मौजूद ही नहीं है। इससे ठगी का पर्दाफाश हुआ।
बाद में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) करनाल ने बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच की और पाया कि यह एक सुनियोजित ठगी गिरोह है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कई लोगों से इसी तरह ठगी की है।
आंशिक रकम लौटाई, केस दर्ज
लगातार दबाव के बाद आरोपियों ने कुछ रकम लौटाई — 1 लाख रानी काला के खाते से और 1.81 लाख सुष्मिता नंदा के खाते से। मगर 6.49 लाख रुपए आज तक वापस नहीं किए गए।
अब थाना रामनगर, करनाल में रानी काला, विपिन डबास और दिपांशु त्यागी के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC 420) और आपराधिक षड्यंत्र (IPC 120-B) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क दिल्ली और गुड़गांव तक फैला हुआ है और कई छात्रों से लाखों की ठगी की गई है।
