सोनीपत: जिले की गन्नौर मार्केट कमेटी में हाल ही में बीजेपी के नवनियुक्त चेयरमैन और सचिव के बीच कार्यालय कक्ष को लेकर विवाद गहरा गया है। विवाद तब शुरू हुआ जब चेयरमैन ने भूतल पर स्थित सचिव कक्ष को अपना कार्यालय बनाने की मांग की। इस विवाद ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर तक ध्यान आकर्षित कर लिया है।
सचिव ने शिकायत दर्ज कराई
सचिव शिव कुमार राठी का कहना है कि चेयरमैन लगातार उनके कक्ष को कब्जे में लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। सचिव ने इसे गंभीर मामला बताते हुए मुख्य प्रशासक और स्थानीय विधायक को लिखित शिकायत भेजी। उनका दावा है कि ऊपरी मंजिल पर पहले से ही चेयरमैन के लिए कमरे उपलब्ध हैं, जबकि भूतल पर उनका कार्यालय होना जरूरी है।
शिव कुमार राठी ने कहा कि भूतल पर सचिव का कार्यालय होने से किसानों, आढ़तियों और अन्य हितधारकों के लिए समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचना आसान होता है। इसके अलावा, कर्मचारियों ने भी सचिव के कक्ष को खाली करवाने का विरोध जताया है।
विधायक कादियान ने स्पष्ट किया नियम

हलका विधायक देवेंद्र कादियान ने मामले की पुष्टि की और कहा कि कक्ष आवंटन पूरी तरह सरकारी नियमों के अनुसार होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस अधिकारी के नाम कमरा अधिकृत है, वही उसका उपयोग कर सकता है और नियमों से हटकर किसी को कार्यालय नहीं दिया जा सकता।
चेयरमैन ने आरोप खारिज किए
नवनियुक्त बीजेपी चेयरमैन निशांत छौक्कर ने सचिव के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पदभार ग्रहण करने से पहले ही अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रतिबद्धता जताई है और वह वही कमरा लेंगे जो उनके लिए अधिकृत है। चेयरमैन ने यह भी कहा कि आगे सभी कार्य अधिकारी और कर्मचारियों के सहयोग से सुचारू रूप से किए जाएंगे।
कार्यालय कक्ष का महत्व
विशेषज्ञों का कहना है कि गन्नौर मार्केट कमेटी जैसे संस्थानों में कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्यालय कक्ष का सही आवंटन बहुत जरूरी होता है। यह न केवल कामकाज की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करता है बल्कि किसानों और व्यापारियों के लिए भी सहज पहुंच प्रदान करता है।
सचिव कक्ष पर विवाद की स्थिति में कई बार कामकाज में बाधा उत्पन्न हो सकती है और यह स्थानीय प्रशासन की छवि पर भी असर डाल सकता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मामला गंभीर
भले ही चेयरमैन और सचिव दोनों ही अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन और विधायक इस मामले को नियमों के अनुसार हल करने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक कादियान के अनुसार, नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
बीजेपी के पदाधिकारियों ने भी इस मामले पर ध्यान देने की बात कही है और कहा है कि चुनाव और नियुक्ति प्रक्रिया के बाद कार्यालय कक्ष का निर्णय नियमानुसार और पारदर्शी रूप से लिया जाएगा।
सोनीपत के गन्नौर मार्केट कमेटी में यह विवाद दर्शाता है कि कार्यालय संसाधनों और कक्षों का सही आवंटन किस तरह से कर्मचारियों, अधिकारियों और जनता की सुविधा पर असर डाल सकता है। अब प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व का ध्यान इस विवाद को शांतिपूर्ण और नियमों के अनुसार हल करने पर है।
इस मामले का नतीजा आने वाले हफ्तों में तय होगा और सभी पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर सही कार्यालय कक्ष का निर्धारण किया जाएगा।
