गुरुग्राम जिले के सोहना नागरिक अस्पताल में व्याप्त लापरवाही और अव्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष ‘सार्थक’ टीम ने अस्पताल का गहन निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियाँ सामने आईं। निरीक्षण टीम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हरियाणा के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव भी शामिल थे। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
लैब जांच पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि लैब में जाँच प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार नहीं की जा रही थी। रिपोर्टिंग व्यवस्था अव्यवस्थित पाई गई और कई मरीजों को समय पर जांच उपलब्ध नहीं हो रही थी। टीम ने बताया कि डॉक्टर अपनी सुविधा के अनुसार केवल दोपहर 12 बजे तक सैंपल लेते थे, जबकि निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जाँचें दोपहर 3 बजे तक अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
इस पर डॉ. वीरेंद्र यादव ने अस्पताल स्टाफ को सख्त चेतावनी देते हुए तत्काल प्रक्रिया सुधारने के आदेश दिए।
सफाई व्यवस्था बेहद खराब
अस्पताल परिसर की सफाई टीम के निरीक्षण में सबसे बड़ी चिंता का विषय रही। जगह-जगह कूड़ा, खुले सीवर और बदबूदार माहौल देखकर निदेशक ने संबंधित कर्मचारियों की कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऐसे हालात मरीजों की सेहत को जोखिम में डाल सकते हैं। इस पर संबंधित सफाई कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
डॉक्टर और स्टाफ गायब
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल के कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। टीम ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई और ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।
एनएचएम निदेशक ने कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और स्टाफ की अनियमितता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लेबर रूम और वार्डों में खामियां
टीम ने लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर, ओपीडी, रैंप, वार्ड और अन्य सभी महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में सामने आए मुद्दे:
- लेबर रूम में मानक के अनुरूप उपकरणों की कमी
- कुछ वार्डों में स्वच्छता का अभाव
- रैंप पर लाइट की व्यवस्था न होना
- गाइडलाइन के विपरीत चिकित्सा फाइलों का रखरखाव
- ऑपरेशन थियेटर की स्थिति संतोषजनक नहीं
इन खामियों को तत्काल सुधारने के आदेश दिए गए।
सूचना के बावजूद सामने आई लापरवाही
अस्पताल प्रशासन को दो दिन पहले ही ‘सार्थक’ टीम के आगमन की जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद भी निरीक्षण में कई गंभीर खामियाँ पकड़ी गईं। इससे स्पष्ट है कि नियमित रूप से अस्पताल की व्यवस्थाएँ मानकों के अनुरूप नहीं रखी जातीं।
‘सार्थक’ पहल का उद्देश्य
डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि एनएचएम की नई ‘सार्थक’ पहल का उद्देश्य है—
- स्वास्थ्य सुविधाओं में पारदर्शिता बढ़ाना
- नियमित मूल्यांकन
- जवाबदेही सुनिश्चित करना
- व्यवस्था में सुधार के लिए सुदृढ़ फीडबैक सिस्टम बनाना
उन्होंने कहा कि राज्यभर के अस्पतालों में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और जहां भी लापरवाही मिलेगी, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
