सिरसा में अनियंत्रित वाहनों पर ट्रैफिक कार्रवाई शुरू, पहले दिन 20 से ज्यादा चालान
सिरसा शहर में अनियंत्रित और नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को पहले दिन ही पुलिस ने 20 से ज्यादा कार और बाइक चालान किए। पुलिस का कहना है कि अब यदि कोई वाहन गलत दिशा में चले या सड़क किनारे खड़ा हो, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
यदि वाहन चालक या मालिक मौके पर न मिले, तो वाहन को क्रेन से उठवाकर कब्जे में लिया जाएगा।
पहले दिन का अभियान
ट्रैफिक थाना इंचार्ज सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार और उनकी टीम ने बाजार और लाल बत्ती चौक में अभियान चलाया, जो देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान उन्होंने कई गाड़ियों के दस्तावेजों की जांच की और संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली।
कुछ गाड़ियों पर ब्लैक फिल्म लगी मिली, जिसे नीचे उतारकर चालान किया गया। इसके अलावा, जिन वाहनों के आरसी, लाइसेंस या बीमा दस्तावेज पूरे नहीं थे, उनके भी चालान काटे गए।
इस कार्रवाई का असर बाजार में तुरंत दिखा। कई लोग पुलिस को देखकर अपनी गाड़ियां लेकर चले गए, जबकि कुछ ने गलत दिशा में गाड़ी खड़ी नहीं की। इसके चलते ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति भी नहीं बनी।
थाना प्रभारी की चेतावनी
सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग, तेज गति और अनाधिकृत वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सड़क किनारे वाहन खड़ा करेगा, तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन जब्त कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
पुलिस की जारी हिदायतें
- सड़क किनारे या दुकानों के सामने वाहन न खड़ा करें, इससे आमजन को परेशानी होती है।
- बाजारों में वाहन खड़ा करने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
- वाहन को प्रशासन द्वारा नियुक्त पार्किंग में ही खड़ा करें।
- वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार की नशीली वस्तु का प्रयोग न करें।
बाजार और सड़क सुरक्षा पर असर
इन नियमों और सख्त कार्रवाई की वजह से बाजार में भीड़ और ट्रैफिक जाम कम हुआ। पुलिस का उद्देश्य है कि शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रवाह को बेहतर बनाया जा सके।
सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि न केवल भारी जुर्माना से बचा जा सके, बल्कि दैनिक जीवन में सुरक्षा और सुविधा भी बनी रहे।
