सिरसा जिले में प्राइवेट और सरकारी स्कूलों ने शिक्षा विभाग के समय बदलाव के आदेशों की अवहेलना की। शनिवार को जिले के कई स्कूलों में बच्चे सुबह 8:00 बजे से पहले स्कूल पहुंचे। कुछ बच्चों को यह भी पता नहीं था कि स्कूल का समय बदल गया है, जबकि कुछ को टीचरों ने समय बदलाव की जानकारी नहीं दी।
कौन-कौन से स्कूल प्रभावित
शाहपुर बेगू में मेन रोड स्थित सरकारी स्कूल, कीर्ति नगर चौकी के पास सरकारी स्कूल और रानियां के जेवियर व सेंट सोल्जर स्कूल सहित कई अन्य स्कूलों में यह समस्या देखने को मिली। निजी स्कूलों की वैनें भी सुबह 8:00 से 8:30 बजे तक बच्चों को ले जा रही थीं, जिससे कई चौक पर बच्चे इकट्ठा हो गए।
शिक्षा विभाग के आदेश और पालन का अभाव
शिक्षा निदेशालय पंचकूला ने 15 नवंबर 2025 से सभी सरकारी और निजी स्कूलों का समय सुबह 9:30 से दोपहर 3:30 बजे तय किया था। इस आदेश के तहत डीईओ और डीईईओ को सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अधिकांश स्कूल पुराने समय पर ही खुल गए, जिससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी हुई।
बच्चों की सेहत पर असर
इन दिनों बच्चों में वायरल, डेंगू और बुखार जैसे लक्षण बढ़ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि ठंड में जल्दी उठाना और स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है। कई बच्चे इस कारण बीमार पड़ रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

अभिभावकों की प्रतिक्रिया
सौरव मेहता, जिनके बच्चे जीनियस स्कूल में पढ़ते हैं, ने बताया कि आदेशों के अनुसार स्कूल का समय बदलाव नहीं हुआ। “इतनी ठंड में बच्चे जल्दी तैयार नहीं हो पाते और सही से नाश्ता भी नहीं कर पाते। इसी कारण मेरा बेटा बीमार पड़ गया।”
तपिन जिंदल, यूकेजी के छात्र के माता-पिता, ने कहा कि “पांच साल के बच्चे को सुबह जल्दी स्कूल बुलाना विभागीय आदेशों की अवहेलना और बच्चों के प्रति प्रताड़ना है।”
सेंट सोल्जर स्कूल के पवन जी ने बताया कि 15 नवंबर से समय सुबह 9:30 होना था, लेकिन वैन सुबह जल्दी आ गई और स्कूल पुराने समयानुसार ही चला।
डीईईओ ने लिया संज्ञान
डीईईओ विद्यालक्ष्मी ने बताया कि रानियां खंड के निजी विद्यालयों द्वारा समय में बदलाव के आदेशों का पालन नहीं करने की सूचना उन्हें मिली है। खंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
सख्ती बरतने का निर्देश
बीईओ राजकुमार अरोड़ा ने रानियां खंड के सभी स्कूल मुखियाओं को आदेश दिए थे कि 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक नए समय लागू करें। हालांकि, शनिवार को अधिकांश स्कूल पूर्व निर्धारित समयानुसार संचालित हुए।
यह मामला सिरसा में शिक्षा विभाग के आदेशों के पालन और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान आकर्षित करता है। अभिभावकों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि समय पालन न होने से बच्चों की सेहत और पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
