सिरसा प्रशासन एक बार फिर जिले के प्ले स्कूलों पर सख्ती बरतने के मूड में है। प्रशासन ने सभी प्ले स्कूलों की स्पेशल टीम से व्यापक जांच कराने का निर्णय लिया है। निर्धारित मापदंडों को पूरा न करने वाले प्ले स्कूलों पर प्रशासन सीधे कार्रवाई करेगा और जरूरत पड़ने पर ऐसे स्कूलों को सील भी किया जा सकता है।
यह निर्णय मंगलवार को स्थानीय लघु सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता एडीसी वीरेंद्र सहरावत ने की।
प्ले स्कूलों की होगी सख्त जांच
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने जिले में संचालित प्राइवेट प्ले स्कूलों की स्थितियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उप निदेशक डा. दर्शना सिंह ने बताया कि सिरसा जिले में कुल 162 प्राइवेट प्ले स्कूल संचालित हैं। हाल ही में की गई जांच में इनमें से 37 स्कूलों में गंभीर खामियां पाई गई थीं, जिन पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
एडीसी वीरेंद्र सहरावत ने साफ निर्देश दिए कि—
- निर्धारित मापदंडों को पूरा न करने वाले प्ले स्कूलों पर तुरंत कार्रवाई की जाए
- नोटिस के बाद भी सुधार न करने वाले स्कूलों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाए
- टीम साइट पर जाकर प्रत्येक मापदंड की बारीकी से जांच करे, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके
उन्होंने कहा कि प्ले स्कूलों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आंगनवाड़ी केंद्रों और वन स्टॉप सेंटर पर भी हुई चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान सिर्फ प्ले स्कूल ही नहीं, बल्कि जिले के आंगनवाड़ी केंद्र, वन स्टॉप सेंटर और बाल विवाह से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
✔ 98 स्थानों पर प्ले स्कूल + आंगनवाड़ी
डॉ. दर्शना ने बताया कि जिले में 98 स्थान ऐसे हैं, जहां प्ले स्कूल आंगनवाड़ी केंद्र के साथ संचालित हो रहे हैं।
इस पर एडीसी ने निर्देश दिया कि—
- जिन केंद्रों में कमी है, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए
- बच्चों के पोषण, सुरक्षा और शिक्षा से संबंधित सभी मानक पूरे हों
वन स्टॉप सेंटर की बिल्डिंग में देरी
बैठक में वन स्टॉप सेंटर की नई बिल्डिंग निर्माण में चल रही देरी पर भी चर्चा हुई।
एडीसी ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि—
- निर्माण स्थल जल्द चिह्नित किया जाए
- कागजी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो
- महिलाओं की सुरक्षा और सहायता सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए
पोषण अभियान की स्थिति

पोषण अभियान के तहत जिले में 40 हजार महिलाएं और बच्चे पंजीकृत हैं। वर्तमान में इन सभी का डेटा फोटो सहित पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
अब तक लगभग 90% कार्य पूरा हो चुका है।
एडीसी ने शेष डेटा को जल्द अपलोड करने के निर्देश जारी किए।
उन्होंने यह भी कहा कि—
- गर्भवती महिलाओं
- धात्री माताओं
- और किशोरियों
को विशेष रूप से कुपोषण से बचाव और पोषण संबंधी जानकारी दी जाए।
बैठक में मौजूद अधिकारी
समीक्षा बैठक में नई दिशा तय करने के लिए कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें—
- डीएसपी संजीव कुमार
- डीडीपीओ बलजीत सिंह
- जिला बाल संरक्षण अधिकारी पूनम नागपाल
- डीसीपीओ डॉ. गुरप्रीत कौर
- सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन मदन लाल
- सदस्य भावना शर्मा
- संरक्षण अधिकारी अंजना डूडी
- खंड शिक्षा अधिकारी
- और जिलेभर से आंगनवाड़ी सुपरवाइजर
शामिल हुए।
