हरियाणा के सिरसा जिले में समाधान ग्रामीण वेलफेयर एंड इम्प्लायमेंट सर्विस लिमिटेड (भारत सरकार) का एक फर्जी कार्यालय पुलिस ने खुलासा किया। यह खुलासा एक शिकायत के आधार पर गुरुवार को हुआ, जब पुलिस टीम ने हिसार रोड स्थित तीन मंजिला भवन के तीसरे फ्लोर पर छापा मारा।
कार्यालय में तैनात चार महिला स्टाफ ने खुद को कर्मचारियों के रूप में पेश किया और कार्यालय के हेड के रूप में हिसार के राजपुरा निवासी राममेहर को बताया। महिला स्टाफ के पास कार्यालय के रजिस्ट्रेशन या सरकार से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिले। प्राथमिक जांच में पता चला कि कार्यालय लोगों से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना और लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन के नाम पर 1100 रुपए फीस ले रहा था।
पुलिस ने कार्यालय के बाहर खड़ी सफेद बोलेरो गाड़ी, जिस पर नीली बत्ती लगी थी, को कब्जे में ले लिया और कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। समाज कल्याण विभाग से सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि कार्यालय या संस्था का विभाग में कोई पंजीकरण नहीं है और न ही इसका सरकार से कोई संबंध है।

पुलिस ने इसे फर्जीवाड़ा मानते हुए राममेहर के खिलाफ सिविल लाइन थाना में धारा 318(2), 205 BNS के तहत मामला दर्ज किया। कार्यालय में राममेहर कम आता था, जबकि स्टाफ लोगों के फॉर्म भरने का काम करता था। हिसार के नहला गांव का राहुल कार्यालय में सहयोगी और क्लर्क के रूप में तैनात था।
स्थानीय लोगों ने 27 अक्टूबर को पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद एएसआई संदीप कुमार और टीम मौके पर पहुंची। महिला स्टाफ ने कार्यालय में भरे गए फॉर्म और सरकारी योजनाओं के विज्ञापन दिखाए, लेकिन रजिस्ट्रेशन या अनुमति के कोई दस्तावेज नहीं दिखाए।
समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलोड़ ने बताया कि विभाग को इस कार्यालय का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और जांच के लिए टीम बनाई गई है। पुलिस अब आवेदकों और लोगों से लिए गए पैसे की जांच कर रही है।
इस घटना ने सिरसा में सरकारी योजनाओं की सुरक्षा और फर्जीवाड़े के मामलों पर सवाल उठाए हैं। पुलिस और समाज कल्याण विभाग दोनों इस फर्जी कार्यालय की जांच में लगे हुए हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।
