सिरसा जिले में नशा तस्करी से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां देवर–भाभी ने मिलकर एक तस्कर से हेरोइन खरीदी, लेकिन सौदा पूरा होने से पहले ही युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में युवक ने न केवल खुद के नशे का खुलासा किया, बल्कि अपनी भाभी और तस्कर का नाम भी उगल दिया। दोनों ही लंबे समय से नशे के आदी बताए जा रहे हैं।
रोड़ी इलाके में पुलिस ने दबोचा युवक
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, एएसआई के नेतृत्व में एचसी संजीत कुमार, सिपाही सुखा सिंह और एचजीएच जुगनपाल सरकारी गाड़ी के साथ रोड़ी क्षेत्र में गश्त पर थे।
जब टीम रोड़ी नहर से सुरतिया रोड की ओर बढ़ रही थी, तभी 50 मीटर पहले एक बाइक सवार युवक पुलिस की गाड़ी को देखकर घबरा गया और सड़क पर अचानक बाइक रोक दी। इसी बीच उसकी बाइक बंद भी हो गई।
पुलिस को शक होने पर एएसआई ने युवक को रोका और उससे पूछताछ शुरू की। युवक ने अपना नाम रोड़ी निवासी धर्मेंद्र सिंह उर्फ ‘गलौक’ बताया। तलाशी लेने पर पुलिस को उसकी बाइक के वाइजर में छुपाई गई हेरोइन बरामद हुई।
पूछताछ में उगला राज—“भाभी के साथ खरीदी थी हेरोइन”
पुलिस द्वारा कड़ी पूछताछ करने पर धर्मेंद्र ने बताया कि—
- वह खुद नशे का आदि है
- उसकी भाभी सुदेश (निवासी शमशाबाद पट्टी) भी नशे की आदी है
- दोनों ने मिलकर यह हेरोइन शेरपुरा गांव के तस्कर विजय से खरीदी
धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि वे अकसर नशे के लिए पैसे जुटाने के लिए अलग-अलग तरीकों से हलचल करते रहते हैं। दोनों ने कुछ समय पहले भी हेरोइन की खरीद की थी।
सिरसा में महिला तस्करों की बढ़ती भूमिका
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल भाभी की भूमिका को लेकर है। बताया जा रहा है कि महिला पहले भी नशे की सामग्री के साथ पकड़ी जा चुकी है, लेकिन हर बार उसे जमानत मिल जाती है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हाल ही में सिरसा में 2–3 महिलाएं नशे के मामलों में पकड़ी गई थीं, लेकिन किसी भी मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई।
कारण यह बताया जा रहा है कि—
- अधिकांश महिलाएं खुद नशे की आदी होती हैं
- वे पैसों के लिए तस्करों के लिए सप्लाई का काम करती हैं
- सामाजिक कारणों और कानूनी प्रक्रिया की ढिलाई के चलते उन्हें जल्दी जमानत मिल जाती है

इससे न सिर्फ नशे का नेटवर्क फैल रहा है, बल्कि महिलाएं आसानी से तस्करों का सुरक्षित माध्यम बनती जा रही हैं।
पुलिस अब भाभी और तस्कर विजय से करेगी पूछताछ
धर्मेंद्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अब सुदेश (भाभी) और शेरपुरा निवासी विजय (तस्कर) को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि—
- जल्द ही दोनों से पूछताछ की जाएगी
- यह पता लगाया जाएगा कि दोनों कितने समय से नशा तस्करी चक्र में शामिल हैं
- क्या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा है
- महिलाओं का इस्तेमाल तस्करी में किस हद तक हो रहा है
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पहले पकड़ी गई महिला तस्करों का संबंध भी इसी नेटवर्क से है।
सिरसा में बढ़ता नशा संकट, पुलिस की बढ़ेगी सख्ती
सिरसा लंबे समय से नशा तस्करी का हब बना हुआ है। रोड़ी, शेरपुरा, गांवों के साथ-साथ शहर के कई इलाकों में नशा तेजी से फैल रहा है।
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही—
- नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलेगा
- महिला तस्करों की भूमिका पर निगरानी बढ़ाई जाएगी
- NDPS एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी
इस मामले ने एक बार फिर जिले में नशे के बढ़ते खतरे और पारिवारिक स्तर पर इसकी घुसपैठ को उजागर कर दिया है।
