Saturday, January 31, 2026
Homeअपराधसिरसा में दहेज की मांग और दो बेटियों के जन्म पर विवाहिता...

सिरसा में दहेज की मांग और दो बेटियों के जन्म पर विवाहिता से मारपीट, घर से निकालने का मामला

सिरसा जिले में एक विवाहिता ने गंभीर आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वालों ने दहेज में बाइक न देने और दो बेटियां होने के कारण उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। महिला का कहना है कि जब उसने दो बेटियां दीं, तब उसके ससुराल वालों ने लड़का चाहने की बात कही और उसे धमकी दी कि अगर वह घर में रहेगी तो दहेज के रूप में बाइक और बच्चों की देखभाल का खर्च मायके से लाना होगा।

शादी और शुरुआती परेशानियां
विवाहिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी शादी 12 अप्रैल 2023 को सिरसा की एक कॉलोनी के युवक से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल वालों ने उसे दहेज में कम लाने के कारण परेशान करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने उसे ताने दिए और दहेज में बाइक न लाने पर प्रताड़ित किया।

गर्भावस्था के दौरान भी महिला को परेशान किया गया। पहली बेटी के जन्म के बाद, ससुराल वालों ने उसका उत्पीड़न कम नहीं किया। कुछ समय बाद दूसरी बेटी के जन्म पर भी उन्हें सहन नहीं किया गया।

बेटियों के जन्म पर परिवार की प्रतिक्रिया
महिला ने बताया कि ससुराल वाले कहने लगे कि वे अपने परिवार के लिए लड़का चाहते थे, और दो बेटियों के जन्म से उनके खर्चे बढ़ गए। इसके बाद उन्होंने महिला को धमकी दी कि यदि वह घर में रहना चाहती है, तो दहेज में बाइक और बच्चों की परवरिश का खर्च मायके से लाना होगा।

इस दबाव और मारपीट के कारण महिला मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान रही।

मायके वालों की मदद और धमकियां
सितंबर माह में महिला के साथ मारपीट कर उसे कमरे में बंद कर दिया गया। महिला ने अपने मायके को फोन कर मदद मांगी। मायके वालों ने ससुराल वालों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं माना गया। इसके बाद महिला को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया और धमकी दी गई कि दोबारा घर आने पर जान से मार देंगे।

पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई
महिला ने एसपी और ऐलनाबाद पुलिस को भी शिकायत दी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की निष्क्रियता के बाद महिला को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। कोर्ट में महिला ने ससुराल वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मामले की जांच जारी
अभी तक आरोपी पक्ष से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और मामले की जांच जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की गंभीरता को दिखाते हैं। महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए कानूनी उपायों का सहारा लेना चाहिए।

नागरिकों और महिलाओं के लिए संदेश
यह मामला यह दर्शाता है कि दहेज और बेटियों के जन्म पर होने वाली हिंसा अब भी समाज में मौजूद है। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को कानूनी मदद, पुलिस और कोर्ट का सहारा अवश्य लेना चाहिए। समाज को भी महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

सिरसा में यह घटना एक चेतावनी है कि घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता और कड़े कदम उठाना आवश्यक है। महिलाओं को अपने हक और सुरक्षा के लिए सशक्त और सतर्क रहना चाहिए।

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments