सिरसा: सरकार की पहल के तहत डबवाली को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस जिला घोषित किया गया है। इसके तहत डबवाली पुलिस नशा पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही है और उन्हें सरकारी अस्पताल में नशा मुक्ति की दवा दिलवाने की सुविधा उपलब्ध करवा रही है।
अस्पताल में दवा वितरण की अव्यवस्था
हालांकि, अस्पताल में दवा वितरण की प्रक्रिया बेहद धीमी और अव्यवस्थित है। शुक्रवार को अस्पताल में कई मरीज घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद दवा लेने में असमर्थ रहे। दवा न मिलने के कारण कई मरीज आंसुओं के साथ लौटते हुए दिखाई दिए।
एक मरीज ने सीधे डबवाली एसपी को फोन कर अपनी परेशानी बताई। उसने कहा कि वह गांव किंगरा से आया है और अपनी 1000 रुपए की दिहाड़ी छोड़कर पाँच घंटे से दवा लेने की लाइन में खड़ा है, लेकिन अब तक उसे दवा नहीं मिली।
नशा की तलब और मरीजों की मुश्किलें
नशा पीड़ितों के लिए यह दवा ही उनका सहारा है। दवा न मिलने के कारण उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। मरीजों ने बताया कि परिवार ने केवल 50 रुपए का किराया देकर उन्हें भेजा है और अब उनके पास वापस लौटने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं।
नुहियांवाली निवासी दयाराम पुत्र फुली चंद ने कहा कि वह सात-आठ साल से नशे के आदी थे और एक दिन में 22 गोलियां व 15 कैप्सूल तक का सेवन करते थे। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ महीने में उन्हें डबवाली के सरकारी अस्पताल से केवल दो बार ही दवा मिली।

दयाराम ने कहा, “मंगलवार को भी दवा लेने आया था और शुक्रवार को फिर आया, लेकिन दोनों बार खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे नशा छोड़ने की प्रक्रिया में बाधा आ रही है।”
मरीजों में बढ़ती नाराजगी
अस्पताल में दवा वितरण की धीमी प्रक्रिया और सीमित स्टॉक के कारण मरीजों में नाराजगी बढ़ रही है। कई मरीजों ने कहा कि वे नशा छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दवा न मिलने से उनकी स्थिति और बिगड़ रही है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और नशा मुक्ति केंद्र से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से तुरंत दवा वितरण की व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई जाएँ, ताकि नशा छोड़ने की राह पर चल रहे मरीजों को निराशा का सामना न करना पड़े।
प्रशासन से मांगें और सुधार की उम्मीद
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि मरीजों को लंबे समय तक लाइन में खड़ा रहना नहीं पड़ना चाहिए। डबवाली पुलिस और अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि दवा वितरण समय पर और व्यवस्थित ढंग से हो।
इस पहल से न केवल नशा पीड़ितों की जिंदगी सुधरेगी, बल्कि यह डबवाली को नशा मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को भी सफल बनाएगा।
डबवाली पुलिस और प्रशासन द्वारा नशा मुक्ति के प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन अस्पताल में दवा वितरण की अव्यवस्था मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। समय पर दवा की आपूर्ति और व्यवस्थित वितरण प्रणाली लागू करना जरूरी है।
सामाजिक कार्यकर्ता और मरीज दोनों ही उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा और डबवाली को नशा मुक्त बनाने का सपना साकार होगा।
