सिरसा में इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित कांग्रेस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक और नेता नहीं पहुंचे। जिला अध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए इसे अनुशासनहीनता बताया और गैरहाजिर नेताओं से 24 घंटे में जवाब मांगा।
सिरसा में इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित कांग्रेस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में पार्टी में बगावत के सुर तेज हो गए। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, कई नेता और कार्यकर्ता शामिल नहीं हुए। इस पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी की, जिससे पार्टी में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए।
संतोष बेनीवाल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि “यह पार्टी अनुशासन के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से विधायकों और पदाधिकारियों का गैरहाजिर रहना जनता में गलत संदेश देता है और संगठन की कमजोरी का कारण बनता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गैरहाजिर विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती करने वालों पर संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संतोष बेनीवाल ने कहा कि “सभी विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम की सूचना दी गई थी। पार्टी की ओर से भी संदेश भेजा गया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।” उन्होंने इसे महान नेताओं के प्रति असम्मान बताया।
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के स्थानीय विधायक किसी कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे हों। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिन पर प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र राव ने सुधार का आश्वासन दिया था।
अब कांग्रेस ने सभी जिलाध्यक्षों से हर माह पार्टी कार्यों की समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सिरसा की यह घटना पार्टी के अंदर बढ़ती अनुशासनहीनता और असंतोष को उजागर करती है।
