बरनाला रोड स्थित सिरसा क्लब के चुनाव को लेकर विवाद गर्मा गया है। शनिवार को क्लब के तत्कालीन वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश शर्मा, सहायक सचिव रजन बावा और उप प्रधान इशु बंसल ने मीडिया से बातचीत में तत्कालीन सचिव राजेश गोयल पर चुनाव असंवैधानिक तरीके से कराने का आरोप लगाया।
चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
तत्कालीन उप प्रधान इशु बंसल ने बताया कि सिरसा क्लब की कार्यकारिणी का कार्यकाल 9 अक्टूबर को समाप्त हो चुका है, लेकिन सचिव ने बिना जिला रजिस्ट्रार की अनुमति या हाउस मीटिंग में प्रस्ताव पास किए चुनाव कराने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए नियमों के अनुसार रजिस्ट्रार ही चुनाव प्रक्रिया पूरी करते हैं, लेकिन सचिव ने इसे अनदेखा कर अपनी मनमानी से चुनाव की तैयारी शुरू कर दी। चुनाव की तारीख 10 दिसंबर तय की गई है, जबकि हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई 27 नवंबर को होने वाली है।
सदस्य संख्या में बढ़ोतरी का आरोप
सुरेश शर्मा और इशु बंसल का कहना है कि क्लब में वर्तमान में करीब 950 सदस्य हैं, जबकि नियम के अनुसार चुनाव के लिए 950 ही सदस्य होने चाहिए। सचिव ने नियमों के खिलाफ जाकर 87 नए सदस्य जोड़ दिए, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं।
सुरेश शर्मा ने बताया कि क्लब की जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) में सदस्य बढ़ाने के लिए प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बावजूद सचिव ने अपने तरीके से नए सदस्यों को जोड़ा। नए सदस्यों से पूछताछ करने पर उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

जिला उपायुक्त और रजिस्ट्रार की प्रतिक्रिया
इस मामले में जिला उपायुक्त को क्लब का प्रशासन नियुक्त किया गया है। सचिव के चुनाव कराने के प्रयास के कारण वरिष्ठ पदाधिकारियों ने डीसी और जिला रजिस्ट्रार गौरव शर्मा से मिलकर शिकायत की।
जिला रजिस्ट्रार ने कहा कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है और मामले की जांच की जाएगी।
हाईकोर्ट में याचिका
वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश शर्मा और उप प्रधान इशु बंसल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें चुनाव को रद्द करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि चुनाव तब तक नहीं होने दिया जाएगा जब तक कि कोर्ट द्वारा न्यायसंगत आदेश नहीं मिल जाता।
पृष्ठभूमि और विवाद के कारण
चुनाव को लेकर विवाद सितंबर माह से चल रहा है, जब से सचिव ने कार्यकारिणी की समाप्ति के बाद भी चुनाव कराने की तैयारी शुरू की। वरिष्ठ पदाधिकारी और पुराने सदस्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन की मांग कर रहे हैं।
इशु बंसल ने कहा कि क्लब के चुनाव में नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है।
