महम (रोहतक):
राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। ये यात्राएं 31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेंगी, जिनका उद्देश्य युवाओं को सरदार पटेल के योगदान और देश की एकता में उनकी भूमिका से अवगत कराना है।

महम स्थित अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में सांसद जांगड़ा ने कहा कि इन पदयात्राओं का मुख्य लक्ष्य देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में सरदार पटेल के योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है।
प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें ‘मेरा युवा भारत’, एनसीसी, एनएसएस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्य भाग लेंगे।
रिटायर फौजियों और खिलाड़ियों को मिलेगा सम्मान
पदयात्रा जिन-जिन गांवों से होकर गुजरेगी, वहां रिटायर फौजियों और उच्च-स्तरीय खिलाड़ियों का सम्मान किया जाएगा।
सांसद जांगड़ा ने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को इन व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा देना और देश के प्रति उनके योगदान को पहचान दिलाना है।
इन स्थानीय स्तर की पदयात्राओं के बाद राज्य स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंत में, ये सभी यात्राएं गुजरात स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ तक पहुंचेंगी, जहां लाखों लोग सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देंगे।
दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा: 182 मीटर की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’
जांगड़ा ने कहा कि सरदार पटेल का देश की आजादी और एकता में अहम योगदान रहा है। इसी कारण उन्हें ‘लौह पुरुष’ (Iron Man of India) कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि 2014 के बाद भाजपा सरकार ने सरदार पटेल के सम्मान में पूरे देश से लोहा एकत्र कर गुजरात में 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का निर्माण करवाया, जो अब दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है।
