रोहतक सुसाइड केस पर नवीन जयहिंद का बड़ा बयान, कहा- सिर्फ सुसाइड नोट के आधार पर न हो जांच, हो उच्च स्तरीय जांच
रोहतक में साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप लाठर द्वारा सुसाइड किए जाने के मामले में अब नवीन जयहिंद का बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने फेसबुक पर लाइव होकर कहा कि मामले की जांच केवल सुसाइड नोट के आधार पर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि किसी का नाम लिखकर मर जाना यह साबित नहीं करता कि वही व्यक्ति दोषी है।
निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग

नवीन जयहिंद ने कहा, “अगर कोई मेरा नाम लिखकर मर जाए, तो क्या मैं उसकी मौत का जिम्मेदार हो जाऊँ? अगर मैं भूपेंद्र हुड्डा का नाम लिखकर मर जाऊँ, तो क्या वो मेरी मौत के जिम्मेदार होंगे?”
उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायिक और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी निर्दोष को फंसाया न जाए।
सामने किसी व्यक्ति के होने की बात कहने वालों से पूछताछ की मांग
नवीन जयहिंद ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि जब संदीप लाठर ने वीडियो बनाया, तब उसके सामने कोई व्यक्ति खड़ा था।
उन्होंने कहा कि पुलिस को सबसे पहले उन लोगों से पूछताछ करनी चाहिए जो इस तरह के दावे कर रहे हैं — कि वे किस आधार पर इतनी बड़ी बात कह रहे हैं।
सुसाइड नोट को राजनीतिक बताने वालों पर भी उठाए सवाल

जयहिंद ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग सुसाइड नोट को पॉलिटिकल बता रहे हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देकर प्रदेश का माहौल खराब करने और राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा से मिले होने के लगाए जा रहे आरोप
नवीन जयहिंद ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग उन्हें भाजपा से मिला हुआ बता रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कुछ लोग पोस्ट डाल रहे हैं कि जो भाजपा कहती है, वही नवीन करता है। लेकिन सच्चाई यह है कि मैं हमेशा जनता के पक्ष में खड़ा हूं, किसी पार्टी के लिए नहीं।”
दो जातियों को लड़वाने की साजिश
जयहिंद ने कहा कि 2016 की तरह इस बार भी सरकार पर दो जातियों के बीच तनाव पैदा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि समाज में विवाद हो, लेकिन प्रदेश का भाईचारा अब पहले से अधिक मजबूत है, इसलिए उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पाए।
