रोहतक में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओपनर खिलाड़ी शेफाली वर्मा के घर बधाई देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और स्थानीय विधायक भारत भूषण बतरा पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने शेफाली के पिता संजीव वर्मा और दादा संतलाल वर्मा को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इसके अलावा शेफाली की मां प्रवीण बाला को 25,000 रुपये का चेक देकर परिवार को प्रोत्साहित किया गया।
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने इस अवसर पर कहा कि रोहतक की बेटी पर हरियाणा को गर्व है। शेफाली ने अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर पूरे विश्व में हरियाणा का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि शेफाली की इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता के संस्कार और परिवार का योगदान महत्वपूर्ण है।
हुड्डा ने यह भी कहा कि अभी तक हरियाणा सरकार ने शेफाली वर्मा को नौकरी और कैश प्राइज देने की कोई घोषणा नहीं की है, जबकि पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने सुझाव दिया कि हरियाणा सरकार को 2 करोड़ रुपये और डीएसपी की नौकरी देने की घोषणा करनी चाहिए, ताकि खेलों में युवाओं को और अधिक प्रेरणा मिल सके।
पूर्व सीएम ने बताया कि जब कांग्रेस की सरकार थी, तब उन्होंने युवाओं को खेलों की ओर मोड़ने के लिए खेल नीति बनाई थी, जिससे कई युवा खेलों में करियर बना सके और नशे जैसी खतरनाक आदतों से दूर रहे। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भी इसी प्रकार प्रेरित करने की जरूरत है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक भारत भूषण बतरा ने कहा कि जिस तरह नीरज चोपड़ा ने हरियाणा का नाम रोशन किया, उसी प्रकार आज शेफाली वर्मा ने भी प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को भी शेफाली के सम्मान और मान-सम्मान के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।

हुड्डा ने परिवार को दी गई राशि को प्रतीकात्मक सम्मान बताते हुए कहा कि यह छोटा सा उपहार शेफाली की उपलब्धि और मेहनत के लिए परिवार को प्रेरित करने के लिए है। उन्होंने कहा कि पूरे हरियाणा को इस उपलब्धि पर गर्व है और सरकार को भी ऐसे खिलाड़ियों के प्रति अपने समर्थन और सम्मान की नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
इस अवसर पर रोहतक का माहौल खुशी और गर्व से भरा हुआ था। पूरे परिवार और आसपास के लोग इस ऐतिहासिक पल में शामिल हुए और शेफाली की सफलता की सराहना की।
शेफाली वर्मा की उपलब्धि सिर्फ क्रिकेट में नहीं, बल्कि हरियाणा की युवा प्रतिभा और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक भी बन गई है। सरकार और समाज की ओर से ऐसे समर्थन से युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह और बढ़ेगा।
