रोहतक में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनने जा रहे जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बार एसोसिएशन में तैयारियां जोरों पर हैं। 24 नवंबर को आयोजित इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। बार एसोसिएशन की ओर से सुबह हवन किया जाएगा, जिसमें सूर्यकांत के सुखद और न्यायपूर्ण कार्यकाल की कामना की जाएगी। इसके बाद शपथ ग्रहण का लाइव प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा, ताकि वकील और शहरवासी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन सकें।
75 साल में पहली बार हरियाणा से बनेगा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया
बार काउंसिल पंजाब एंड हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान सदस्य एडवोकेट विजेंद्र अहलावत ने कहा कि यह क्षण हरियाणा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।
देश की आज़ादी से लेकर अब तक के 75 वर्षों में पहली बार हरियाणा का कोई व्यक्ति देश के सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनेगा। रोहतक और हरियाणा के लिए यह गर्व और प्रेरणा का बड़ा अवसर है।
एमडीयू से की थी 1984 में एलएलबी – छोटे से गांव से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
एडवोकेट अहलावत ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत ने वर्ष 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक से एलएलबी की डिग्री हासिल की थी।
वे बार काउंसिल पंजाब एंड हरियाणा में उसी वर्ष एनरोल्ड हुए। उनकी शिक्षा और पेशेवर सफर की शुरुआत हरियाणा के छोटे से गांव पेटवाड़ से हुई और आज वह देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर पहुंचने जा रहे हैं।
उनके नाम कई महत्वपूर्ण कीर्तिमान दर्ज हैं और उनकी मेहनत, ईमानदारी और निष्ठा आज की युवा पीढ़ी के लिए मिसाल है।
सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल – 1985 में चंडीगढ़ शिफ्ट होकर नई शुरुआत
सूर्यकांत ने 1984 में पढ़ाई पूरी करने के बाद हिसार में प्रैक्टिस शुरू की।
उसी समय वे बार काउंसिल में शामिल हो गए और उसी साल की शुरुआत से उनका करियर तेजी से आगे बढ़ता गया।

विजेंद्र अहलावत के अनुसार, वे हरियाणा के सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल बने।
1985 में चंडीगढ़ स्थानांतरित होकर उन्होंने बड़े मुकदमों में पैरवी की और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
इसके बाद वे 2018 में हिमाचल प्रदेश के चीफ जस्टिस बने और जल्द ही सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त किए गए।
रोहतक में सजाया गया बार एसोसिएशन – लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था
एडवोकेट विजेंद्र अहलावत ने बताया कि बार एसोसिएशन रोहतक को विशेष रूप से सजाया जा रहा है।
24 नवंबर की सुबह सबसे पहले विशेष हवन किया जाएगा।
इसके बाद बार के खुले प्रांगण में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी, जहां राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह का लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा।
उन्होंने कहा—
“अगर रोहतक में यह कार्यक्रम न होता तो मैं स्वयं राष्ट्रपति भवन जाकर इस ऐतिहासिक क्षण को देखता।”
7 देशों के चीफ जस्टिस भी आएंगे समारोह में
एडवोकेट अहलावत ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत का कद केवल भारत तक सीमित नहीं है।
उनकी न्यायिक समझ और ईमानदार छवि के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिलता रहा है।
इसलिए उनके शपथ ग्रहण समारोह में 7 देशों के चीफ जस्टिस के आने की संभावना है, जो इस आयोजन को और भी भव्य बनाएगा।
उन्होंने कहा कि वे कल सूर्यकांत से मुलाकात कर रोहतक आगमन का निमंत्रण भी देंगे।
हरियाणा और रोहतक के लिए गौरव का पल
सूर्यकांत का भारत के 53वें चीफ जस्टिस के तौर पर चयन हरियाणा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
रोहतक में रहने वाले कई युवा वकीलों और छात्रों ने इसे प्रेरणादायक बताया है।
बार एसोसिएशन, स्थानीय वकील और आम नागरिक इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
