रोहतक में हरियाणा उद्योग व्यापार हित मंडल के प्रदेशाध्यक्ष अनिल भाटिया ने नगर निगम कमिश्नर डॉ. आनंद कुमार की कार्यशैली को लेकर कड़ा बयान दिया है। भाटिया ने कहा कि शहर में जो कार्रवाई हो रही है, उससे नगर निगम कमिश्नर की अनुभवहीनता स्पष्ट दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि शहर के काम सही तरीके से नहीं हो रहे, जिससे आज शहर विभिन्न समस्याओं और असुविधाओं का सामना कर रहा है।
अनिल भाटिया ने कहा कि डॉ. आनंद कुमार की सोच भले ही अच्छी है, लेकिन उन्हें काम का पर्याप्त अनुभव नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि कमिश्नर को बुजुर्गों और व्यापारियों से मार्गदर्शन लेना चाहिए, ताकि शहर को साफ-सुथरा और अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारी अतिक्रमण के खिलाफ हैं, लेकिन इसे सही और व्यवस्थित तरीके से हटाया जाना चाहिए।
भाटिया ने आरोप लगाया कि नगर निगम पिछले 40 वर्षों से केवल सामान उठाने की कार्रवाई करता रहा है, लेकिन अतिक्रमण के लिए खुद निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं। पिछले 10 साल में अतिक्रमण कम होने की बजाय लगातार बढ़ा है, क्योंकि नगर निगम ने उचित प्रयास नहीं किए। उन्होंने कहा कि यदि सही नीति अपनाई जाए, तो छह माह में शहर से अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जा सकता है।

अनिल भाटिया ने विदेशों के उदाहरण देते हुए बताया कि वहां अतिक्रमण हटाने के लिए एक स्पष्ट सिस्टम और नियम होता है। पहले नोटिस दिए जाते हैं, फिर जुर्माना लगाया जाता है, और उसके बाद ही कार्रवाई की जाती है। लेकिन रोहतक में उन्होंने इसे गुंडाराज और तानाशाही बताया।
भाटिया ने नगर निगम के भू अधिकारी संदीप बतरा पर भी आरोप लगाया कि वे अतिक्रमण हटाने के लिए जाते समय लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि संदीप बतरा को तुरंत पदमुक्त किया जाना चाहिए और उन्हें केवल ऐसे कार्यों में लगाया जाना चाहिए जहां जनसंपर्क का काम न हो।
इसके अलावा, उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था पर भी चिंता जताई। भाटिया ने कहा कि दुकानदारों को डस्टबिन रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम बड़े डस्टबिन नहीं उपलब्ध करा रहा, जिससे शहर में गंदगी फैली हुई है और लोगों के लिए बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
अनिल भाटिया ने स्पष्ट किया कि नगर निगम को अब व्यवस्थित और सुनियोजित कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि शहर साफ-सुथरा, अतिक्रमण मुक्त और व्यापारियों के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जा सके। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि व्यापारियों और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें उचित समाधान उपलब्ध कराया जाए।
