रोहतक: हरियाणा के रोहतक जिले में जमीनी विवाद ने एक भयानक रूप ले लिया, जब 22 वर्षीय पोते ने अपने 68 वर्षीय दादा की हत्या कर दी। यह घटना गांव ईस्माइला में हुई, जहां बुजुर्ग अपने खेत में काम कर रहे मजदूरों के लिए चाय लेकर पहुंचे थे।
घटना का विवरण
पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार, मृतक सतबीर अपने पोते कपिल के साथ 25-30 गज जमीन को लेकर विवाद में था। इस जमीनी मुद्दे के कारण दोनों के बीच पहले भी कई बार झगड़े हो चुके थे। घटना के दिन दोपहर में सतबीर खेत में मजदूरों को चाय देने पहुंचे।
कपिल पहले से खेत में मौजूद था। सतबीर के आगमन पर दोनों के बीच जमीन को लेकर तीखी कहासुनी शुरू हो गई। गुस्से में कपिल ने पास ही से लोहे की रॉड उठा ली और अपने दादा सतबीर के सिर पर वार कर दिया।
सतबीर खून से लथपथ होकर खेत में गिर पड़े। घटना के बाद कपिल फरार हो गया। खेत में काम कर रहे मजदूर तुरंत सतबीर के घर गए और परिजनों को घटना की सूचना दी। तब तक बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी।
पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर सांपला थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फोरेंसिक जांच के लिए डॉ. सरोज दहिया को बुलाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए PGI रोहतक भेजा गया।
थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने बताया कि सतबीर और कपिल के बीच कई सालों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सतबीर अक्सर खेत में मजदूरों की मदद और देखभाल करते थे। घटना के समय वह केवल मजदूरों को चाय देने आए थे, लेकिन विवाद ने एक हत्याकांड का रूप ले लिया।
जांच प्रक्रिया
पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और घटनास्थल से सभी संभावित साक्ष्य इकट्ठे किए गए हैं। पुलिस आसपास के ग्रामीणों और खेत के मजदूरों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि हत्या गुस्से और जमीन के विवाद के कारण हुई।
सुरक्षा और सामाजिक संदेश
इस घटना ने यह संदेश दिया है कि जमीनी विवाद और घरेलू कलह कभी-कभी अनियंत्रित हो कर गंभीर परिणाम दे सकती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने ग्रामीणों को शांति बनाए रखने और विवादों को कानूनी माध्यम से सुलझाने की सलाह दी है।
रोहतक जिले में हुई यह हत्या जमीनी विवाद की गंभीरता को उजागर करती है। बुजुर्ग की मौत से पूरे गांव में शोक और सनसनी फैल गई है। पुलिस द्वारा आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की आश्वस्ति दी गई है।
यह मामला एक चेतावनी के रूप में भी देखा जा सकता है कि विवादों को सुलझाने के लिए हिंसा का सहारा लेना न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि परिवार और समाज के लिए भी विनाशकारी साबित हो सकता है।
